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जोरी नगला बांध से महज 10 मीटर दूर रह गई है गंगा, मच सकती है तबाही

Wed, 05 Sep 2018 11:50 PM IST
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:50 PM IST
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जोरी नगला बांध से महज 10 मीटर दूर रह गई है गंगा, मच सकती है तबाही
फोटो-42,43
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जोरी नगला बांध से महज 10 मीटर दूूर रह गई है गंगा, मच सकती है तबाही
2010 में सबसे पहले कटा था यहीं जोरी नगला बांध, बाढ़ खड़ के अधिकारियों को फूले हाथ पैर, डाला डेरा
बांध को बचाने के लिए बनाए जाने लगी ठोकरें
अमर उजाला ब्यूरो
कादरचौक। पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा था, जो खतरे की निशान के नजदीक पहुंचने लगा है। 2010 में आयी बाढ़ से जोरी नगला बांध (राम सहाय नगला गांव पर) सबसे पहले कटा था। जिससे काफी नुकसान हुआ था। इस वक्त गंगा तेजी से कटान कर रही है और बांध से महज 10 मीटर की दूरी पर रह गई है। इसको लेकर बाढ़ खंड बांध को बचाने में जुट गया है और ठोकरे लगाने का काम चल रहा है।
गंगा पिछले कई दिनों से चेतावनी बिंदू की ओर बढ़ रही थी और बाढ़ का पानी गंगा किनारे रहने वाले लोगों के लिए मुश्किल का सबब बनने लगा था। गांवों के चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया है। इस वजह से काफी संख्या में लोग गांव में कैद होकर रहे गए। दरअसल सन 2010 में जिले में बाढ़ आयी थी, तब सबसे ज्यादा तबाही मची थी। उस वक्त सबसे पहले कादरचौक में स्थित जोरी नगला बांध गांव रामसहाय नगला के पास से कटा था। जिसकी वजह से यह तबाही हुई थी। इसके बाद बाढ़ का प्रकोप खत्म होने के बाद में बाढ़ खंड, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की वार्ता के बाद में बांध को एक किलोमीटर पीछे हटाकर बनाया गया। लेकिन गंगा का बढ़ता हुआ जलस्तर फिर से जोरी नगला बांध पर रामसहाय नगला गांव के पास दस्तक देनेे लगा है और बुधवार को गंगा बांध से महज 10 मीटर दूर रह गई । ग्रामीणों की मानें तो गंगा बांध की ओर लगातार कटान रही है। -------------
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बाढ़ खंड के अधिकारी बना रहे ठोकरें
कादरचौक। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जो ग्रामीणों के लिए मुश्किल बनकर उभर रही है क्योंकि जोरी नगला बांध की वजह से वह एक बार पहले भी परेशानी झेल चुके हैं। इसको लेकर बाढ़ खंड विभाग जाग गया है। अब वह वहां पर ठोकरों को बनाने का काम कर रहा है, ताकि गंगा बांध को प्रभावित नहीं कर सके। लेकिन ग्रामीणों की मानें तो गंगा जिस तेजी से कटान रही है। वह ग्रामीणों के लिए शुभ संकेत नहीं है।
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दिनभर प्रशासनिक अधिकारी लगाते रहे चक्कर
कादरचौक। गंगा और बांध का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारी सुबह से वहां के चक्कर लगाने लगे। साथ ही बाढ़ खंड के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश लगातार जारी करते रहे।



यह गांव हो सकते है प्रभावित ककोड़ा, भदरौल, गुलाब गंज, कौआनगला, खुडवाड़ा, जोरी नगला समेत एक दसर्जन गांव प्रभावित हो सकते हैं।
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फोटो-18,19
डीएम से किया दिक्कतों को साझा बदायूं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बाढ़ से प्रभावित गांव जटा के पीड़ित लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को जाना। डीएम ने उसकी समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद कहीं नाव, तो कहीं ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का डीएम ने दौरा किया।

दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार, दातागंज एसडीएम डीके सिंह और दातागंज चेयरमैन आकाश वर्मा ने जटा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरा सआदतगंज पहुंचे और लोगों से बात की। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि खाना बनाने के लिए लकड़ी, पशुओं के लिए चारा, रोशनी के लिए मिट्टी के तेल की आवश्यकता है। डीएम ने लेखपाल को निर्देश दिए कि इन लोगों की सारी आवश्यकताओं वाली वस्तुएं तत्काल उपलब्ध कराएं। इसके बाद में रामगंगा बाढ़ से प्रभावित गांव कटकवरा, नवादा बदन में स्टीमर से जाकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं ट्रैक्टर से गांव में घूमे। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ग्रस्त गांवों में जाकर राहत सामग्री बराबर वितरित की जाए। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को निर्देश दिए कि गांवों में मलेरिया की दवाई बराबर वितरित करें।
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