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चुनाव तो निपट गया, कब तक बनाए जाएंगे रैन बसेरे
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:01 AM IST
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रलवे स्टेशन पर बैठे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। दिसंबर माह की शुरुआत में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में रात में ठंड से ठिठुरते लोगों के लिए सहारा चाहिए। सहारा वह जो रैन बसेरे के सिवाय कहीं और नहीं मिल सकता, लेकिन नगर पालिका की ओर से अब तक रैन बसेरों का इंतजाम ही नहीं कराया गया है।
ठंड पड़ने लगी है, लेकिन राहगीरों को ठंड से निजात दिलाने के लिए अब तक नगर पालिका ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। जबकि हमेशा ठंड शुरू होते ही नगर पालिका की ओर से रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरे बनवाए जाते थे। साथ ही आसपास के इलाकों में अलाव का बंदोबस्त रहता था। रैन बसेरों और अलाव के अभाव में बेसहारा लोगों को रेलवे स्टेशन कैंपस और रोडवेज बस स्टैंड पर रात गुजारनी पड़ रही है। अलाव के अभाव में सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हो रही है, जो ट्रेन और बसों से सफर करके देर-सवेर घर पहुंचते हैं।
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दो दर्जन स्थानों पर लगे थे अलाव
नगर पालिका प्रशासन की ओर से पिछली साल रोडवेज, लालपुल, कचहरी तिराहा, पुलिस लाइन, इंद्राचौक, डीएम चौराहा, संतोष सिंह तिराहा, गांधी ग्राउंड, लावेला चौक समेत दो दर्जन स्थानों पर अलाव लगाया जाता था, लेकिन इस बार अब तक अलाव नहीं लगाए गए हैं।
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नगर पालिका समुदाय में बनेगा रैन बसेरा
डीएम के आदेश पर नगर पालिका की ओर से राहगीरों के लिए अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाएगा। जो नगर पालिका के समुदाय भवन में बनाया जाएगा। इसमें लोगों के लिए तख्त, रजाई, गद्दा, शौचालय की व्यवस्था होगी। ताकि रुकने वाले राहगीर को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
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एक नजर रेलवे स्टेशन और बस स्टाप पर भी
रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात आठ बजे विश्रामालय में जो महिला-पुरुष मिले, उनमें कई ऐसे भी थे जो ठंड से बचने के लिए महज रात गुजारने के लिए पहुंचे थे। ऐसे ही लोगों में बेसहारा कुंदन बोला-क्या करें, रात तो गुजारनी है। रैन बसेरा कहीं नजर नहीं आ रहा सो स्टेशन पर चला आया। कम से कम नींद तो आ जाएगी।
रोडवेज बस स्टैंड पर यूं तो रोजाना ही खासी भीड़ रहती है, लेकिन सोमवार रात में ऐसे लोग भी नजर आए जिनको मंगलवार तड़के या फिर देर रात सफर की शुरुआत करनी थी। दिल्ली, आगरा, बरेली आदि से सफर करके पहुंचने वालों में कइयों को रात में बस स्टैंड पर ही गुजारनी पड़ी।
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लावेला चौक पर ठिठुरते मिले राहगीर
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में लावेला चौक एक ऐसा इलाका है जो रोडवेज बस स्टैंड के नजदीक होने की वजह से व्यस्त रहता है। देर रात चौराहे पर मिले शहर के ही हरीओम ने बताया कि पालिका प्रशासन को अलाव की व्यवस्था कर देनी चाहिए थी लेकिन अफसरों ने इस ओर से अब तक मुंह मोड़ा हुआ है।
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ठंड पड़ने लगी है, लेकिन राहगीरों को ठंड से निजात दिलाने के लिए अब तक नगर पालिका ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। जबकि हमेशा ठंड शुरू होते ही नगर पालिका की ओर से रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरे बनवाए जाते थे। साथ ही आसपास के इलाकों में अलाव का बंदोबस्त रहता था। रैन बसेरों और अलाव के अभाव में बेसहारा लोगों को रेलवे स्टेशन कैंपस और रोडवेज बस स्टैंड पर रात गुजारनी पड़ रही है। अलाव के अभाव में सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हो रही है, जो ट्रेन और बसों से सफर करके देर-सवेर घर पहुंचते हैं।
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दो दर्जन स्थानों पर लगे थे अलाव
नगर पालिका प्रशासन की ओर से पिछली साल रोडवेज, लालपुल, कचहरी तिराहा, पुलिस लाइन, इंद्राचौक, डीएम चौराहा, संतोष सिंह तिराहा, गांधी ग्राउंड, लावेला चौक समेत दो दर्जन स्थानों पर अलाव लगाया जाता था, लेकिन इस बार अब तक अलाव नहीं लगाए गए हैं।
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नगर पालिका समुदाय में बनेगा रैन बसेरा
डीएम के आदेश पर नगर पालिका की ओर से राहगीरों के लिए अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाएगा। जो नगर पालिका के समुदाय भवन में बनाया जाएगा। इसमें लोगों के लिए तख्त, रजाई, गद्दा, शौचालय की व्यवस्था होगी। ताकि रुकने वाले राहगीर को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
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एक नजर रेलवे स्टेशन और बस स्टाप पर भी
रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात आठ बजे विश्रामालय में जो महिला-पुरुष मिले, उनमें कई ऐसे भी थे जो ठंड से बचने के लिए महज रात गुजारने के लिए पहुंचे थे। ऐसे ही लोगों में बेसहारा कुंदन बोला-क्या करें, रात तो गुजारनी है। रैन बसेरा कहीं नजर नहीं आ रहा सो स्टेशन पर चला आया। कम से कम नींद तो आ जाएगी।
रोडवेज बस स्टैंड पर यूं तो रोजाना ही खासी भीड़ रहती है, लेकिन सोमवार रात में ऐसे लोग भी नजर आए जिनको मंगलवार तड़के या फिर देर रात सफर की शुरुआत करनी थी। दिल्ली, आगरा, बरेली आदि से सफर करके पहुंचने वालों में कइयों को रात में बस स्टैंड पर ही गुजारनी पड़ी।
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लावेला चौक पर ठिठुरते मिले राहगीर
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में लावेला चौक एक ऐसा इलाका है जो रोडवेज बस स्टैंड के नजदीक होने की वजह से व्यस्त रहता है। देर रात चौराहे पर मिले शहर के ही हरीओम ने बताया कि पालिका प्रशासन को अलाव की व्यवस्था कर देनी चाहिए थी लेकिन अफसरों ने इस ओर से अब तक मुंह मोड़ा हुआ है।
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