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बेदम हुए जिला अस्पताल के पंखे, मरीज झेल रहे गर्मी
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:27 PM IST
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बदायूं। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की तरह वार्डों में लगे पंखे भी बेदम हो गए हैं। पुराने लगे कई पंखे तो अब चलने लायक ही नहीं बचे हैं और कई मरम्मत के अभाव में इतनी धीमी रफ्तार से चलते हैं कि उनकी हवा भी नहीं लगती। नतीजतन, वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को गर्मी झेलनी पड़ रही है लेकिन चिकित्साधिकारियों, डाक्टरों और कर्मचारियों को मरीजों और उनके तीमारदारों को सुविधाओं से जैसे कोई मतलब नहीं है। गर्मी से परेशान कई मरीजों के तीमारदारों ने खुद ही टेबिल फैन लाकर अस्थाई व्यवस्था की है और कई मरीजोें और तीमारदारों को हाथ से चलने वाले पंखों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इमरजेंसी वार्ड की स्थिति तो बेहद खराब है। तीमारदार बताते है कि डाक्टर और कर्मचारी सुनते नहीं, फरियाद सुनाएं तो किसे। जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने से यहां पर दूर-दूर से ग्रामीण इलाज के लिए आते हैं। 250 बिस्तरीय इस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगभग 100 मरीज भर्ती है। भर्ती मरीजों के साथ उनके परिवार वाले भी हर समय साथ रहते है लेकिन पंखों की समस्या लंबे समय से बरकरार है।
इंसेट
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अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, मरीज परेशान
तीन दिन पहले सीएमओ नेमी चंद्रा ने जिला अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी, डेंगू आदि वार्डों का निरीक्षण किया था। इस दौरान भी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज घर से पंखा लेकर आए हुए थे। सीएमओ ने तुरंत पंखे ठीक कराने के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी दम तोड़ चुके पंखों में रहना मरीजों के बस की नहीं। तीमारदों ने बताया कि सीएमओ के निरीक्षण के बाद कई बार डॉक्टर और कर्मचारियों से पंखे की उचित व्यवस्था कराने को कहा गया लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
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इंसेट
सीएमओ की भी नहीं सुनते कर्मचारी
पिछले दिनों जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने इमरजेंसी और वार्डों में खराब पड़े पंखे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए थे फिर भी पंखों को ठीक नहीं कराया गया। हालांकि संक्रामक बीमारियों का बढ़ता प्रकोप और जिले में बीमारी से हो रही मौतों के बाद सीएमओ जागेे तो जिला अस्पताल में सफाई होने लगी। एक जुलाई को सीएमओ ने जिला अस्पताल का निरीक्षण के कई वार्डो में गंदगी मिलने पर साफ-सफाई के निर्देश दिए थे। इसका असर रविवार को देखने को मिला। इमरजेंसी वार्ड की धुलाई के साथ-साथ यहां मरीजों के पास रखी टेबलों की पानी से साफ-सफाई कराई गई लेकिन सीएमओ के कहने के बाद भी पंखो ठीक नहीं किए गए हैं।
वर्जन-
पंखे ठीक कराने और साफ-सफाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को दिए गए थे। सभी पंखे ठीक होने की जानकारी मुझे मिली है। खराब पंखो को ठीक करवाया जाएगा।
नेमी चंद्रा, सीएमओ, जिला अस्पताल
इमरजेंसी वार्ड की स्थिति तो बेहद खराब है। तीमारदार बताते है कि डाक्टर और कर्मचारी सुनते नहीं, फरियाद सुनाएं तो किसे। जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने से यहां पर दूर-दूर से ग्रामीण इलाज के लिए आते हैं। 250 बिस्तरीय इस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगभग 100 मरीज भर्ती है। भर्ती मरीजों के साथ उनके परिवार वाले भी हर समय साथ रहते है लेकिन पंखों की समस्या लंबे समय से बरकरार है।
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अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, मरीज परेशान
तीन दिन पहले सीएमओ नेमी चंद्रा ने जिला अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी, डेंगू आदि वार्डों का निरीक्षण किया था। इस दौरान भी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज घर से पंखा लेकर आए हुए थे। सीएमओ ने तुरंत पंखे ठीक कराने के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी दम तोड़ चुके पंखों में रहना मरीजों के बस की नहीं। तीमारदों ने बताया कि सीएमओ के निरीक्षण के बाद कई बार डॉक्टर और कर्मचारियों से पंखे की उचित व्यवस्था कराने को कहा गया लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
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सीएमओ की भी नहीं सुनते कर्मचारी
पिछले दिनों जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने इमरजेंसी और वार्डों में खराब पड़े पंखे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए थे फिर भी पंखों को ठीक नहीं कराया गया। हालांकि संक्रामक बीमारियों का बढ़ता प्रकोप और जिले में बीमारी से हो रही मौतों के बाद सीएमओ जागेे तो जिला अस्पताल में सफाई होने लगी। एक जुलाई को सीएमओ ने जिला अस्पताल का निरीक्षण के कई वार्डो में गंदगी मिलने पर साफ-सफाई के निर्देश दिए थे। इसका असर रविवार को देखने को मिला। इमरजेंसी वार्ड की धुलाई के साथ-साथ यहां मरीजों के पास रखी टेबलों की पानी से साफ-सफाई कराई गई लेकिन सीएमओ के कहने के बाद भी पंखो ठीक नहीं किए गए हैं।
वर्जन-
पंखे ठीक कराने और साफ-सफाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को दिए गए थे। सभी पंखे ठीक होने की जानकारी मुझे मिली है। खराब पंखो को ठीक करवाया जाएगा।
नेमी चंद्रा, सीएमओ, जिला अस्पताल