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एंबुलेंस में प्रसूता की मौत, नहीं मिल पाया उपचार
Updated Fri, 01 Sep 2017 05:27 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
उचित इलाज के अभाव में यहां खून की कमी से जूझ रही एक प्रसूता ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। गांव मिर्जापुर की महिला सात महीने से गर्भवती थी, उसने सुबह ही बच्ची को जन्म दिया था। इस दौरान काफी ब्लीडिंग भी हुई। एंबुलेंस से घरवाले उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे जब रास्ते में उसकी मौत हो गई।
गांव मिर्जापुर के जुगेंद्र जाटव की 21 वर्षीय पत्नी पूनम ने शुक्रवार तड़के बेटी को जन्म दिया। अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से उसकी हालत बिगड़ने लगी तो घरवालों ने पड़ोस की महिला को बुला लिया। महिला ने उसे देखते ही अस्पताल ले जाने को कहा। घरवालों ने 102 नंबर डॉयल कर एंबुलेंस बुला ली। महिला के पति ने बताया कि वह पूनम को एंबुलेंस से लेकर चला तो वह बेहोश हो गई और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे पहले एंबुलेंस कर्मियों ने उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश की लेकिन कोई लाभ नहीं मिला, इधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक एमबी सिंह ने देखते ही महिला को मृत घोषित कर दिया। पति जुगेंद्र की माने तो पिछले महीने उसने पूनम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक को दिखाया था। डॉक्टर ने उस वक्त खून की कमी के बारे में जानकारी नहीं दी थी। उसे बता दिया जाता तो वह पूनम को अस्पताल में भर्ती करा देता। पूनम की मौत की जानकारी मिलने पर मायके वाले भी अस्पताल आ गए। बाद में मायके वालों की मौजूदगी में पति समेत परिवार के लोग पूनम का शव लेकर गांव लौट गए। इधर, नवजात बच्ची की हालत भी खराब है। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि नवजात को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। चिकित्साधीक्षक डॉ. एमबी सिंह का कहना है कि प्रसूता को एंबुलेंस कर्मियों ने ऑक्सीजन देते वक्त फोन कर उन्हें बता दिया था कि महिला की हालत ज्यादा खराब है। मौत तो उसकी गांव में ही हो गई थी लेकिन घरवालों को लगा कि बेहोश है।
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उचित इलाज के अभाव में यहां खून की कमी से जूझ रही एक प्रसूता ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। गांव मिर्जापुर की महिला सात महीने से गर्भवती थी, उसने सुबह ही बच्ची को जन्म दिया था। इस दौरान काफी ब्लीडिंग भी हुई। एंबुलेंस से घरवाले उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे जब रास्ते में उसकी मौत हो गई।
गांव मिर्जापुर के जुगेंद्र जाटव की 21 वर्षीय पत्नी पूनम ने शुक्रवार तड़के बेटी को जन्म दिया। अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से उसकी हालत बिगड़ने लगी तो घरवालों ने पड़ोस की महिला को बुला लिया। महिला ने उसे देखते ही अस्पताल ले जाने को कहा। घरवालों ने 102 नंबर डॉयल कर एंबुलेंस बुला ली। महिला के पति ने बताया कि वह पूनम को एंबुलेंस से लेकर चला तो वह बेहोश हो गई और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे पहले एंबुलेंस कर्मियों ने उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश की लेकिन कोई लाभ नहीं मिला, इधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक एमबी सिंह ने देखते ही महिला को मृत घोषित कर दिया। पति जुगेंद्र की माने तो पिछले महीने उसने पूनम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक को दिखाया था। डॉक्टर ने उस वक्त खून की कमी के बारे में जानकारी नहीं दी थी। उसे बता दिया जाता तो वह पूनम को अस्पताल में भर्ती करा देता। पूनम की मौत की जानकारी मिलने पर मायके वाले भी अस्पताल आ गए। बाद में मायके वालों की मौजूदगी में पति समेत परिवार के लोग पूनम का शव लेकर गांव लौट गए। इधर, नवजात बच्ची की हालत भी खराब है। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि नवजात को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। चिकित्साधीक्षक डॉ. एमबी सिंह का कहना है कि प्रसूता को एंबुलेंस कर्मियों ने ऑक्सीजन देते वक्त फोन कर उन्हें बता दिया था कि महिला की हालत ज्यादा खराब है। मौत तो उसकी गांव में ही हो गई थी लेकिन घरवालों को लगा कि बेहोश है।
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