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कार्बेट जाने के लिए बढ़ापुर से मिलेगा प्रवेश
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कालागढ़ में बांध का खूबसूरत जलाशय।
- फोटो : BIJNOR
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कार्बेट जाने के लिए बढ़ापुर से मिलेगा प्रवेश
बिजनौर। एक ओर जहां जिले के तमाम पर्यटक स्थलों को विकसित करने की तैयारी चल रही है। वहीं, कार्बेट पार्क के बढ़ापुर क्षेत्र में तैयार किए गए नए प्रवेश द्वार से जिले के पर्यटन के सपने को पंख लग जाएंगे। यह द्वार इसी साल नवंबर से शुरू हो जाएगा। इससे दिल्ली की ओर से आने वाले पर्यटकों को रामनगर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि नगीना से बढ़ापुर की ओर नए प्रवेश द्वार से पाखरों रेंज में एंट्री मिल जाएगी। इससे जिले में पर्यटकों के लिए ठहरने आदि के लिए अच्छे रिसॉर्ट, होटल आदि की जरूरत होगी। इससे विकास के साथ-साथ जिले में रोजगार भी मिलेगा।
जिम कार्बेट नेशनल पार्क की सीमा बिजनौर जिले से काफी दूरी तक सटी हुई है। अमानगढ़ से लेकर नजीबाबाद डिवीजन के क्षेत्र तक कार्बेट पार्क का बड़ा हिस्सा सटा है। इसके बावजूद कार्बेट पार्क में प्रवेश के लिए उत्तराखंड के रामनगर से होकर जाना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होना। कार्बेट प्रशासन पाखरो में 106 हेक्टेयर में टाइगर सफारी की शुरुआत की है, जो इस साल नवंबर तक शुरू हो जाएगी। कार्बेट पार्क में भारी संख्या में पर्यटक जाते हैं। दिल्ली से आने वाले पर्यटकों की संख्या सैकड़ों में होती है। ऐसे में सभी पर्यटक दूरी बचाने के लिए रामनगर तक न जाकर बढ़ापुर से ही प्रवेश लेंगे। कार्बेट पार्क में घूमने के बाद रुकने के लिए होटल, रिसॉट की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए बढ़ापुर, नगीना क्षेत्र में काफी विकास होने की उम्मीद है।
पर्यटकों के लिए तैयार हो रहा अमानगढ़
बिजनौर। पर्यटकों के लिए इस बार अमानगढ़ को भी तैयार किया जा रहा है। अमानगढ़ को पर्यटक जोन के रूप में विकसित करने की मंजूरी भी शासन से मिल चुकी है। ऐसे में अमानगढ़ के पास के करीब 15 गांवों में रिसॉट आदि बनाने की तैयारी चल रही है। ताकि पर्यटक अमानगढ़ में घूमकर यहां पर ठहर सकें। अगले साल तक यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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फाइलों में ही दम तोड़ रहा कालागढ़ का प्रस्ताव
कालागढ़। कालागढ़ को पर्यटन मानचित्र पर लाने का प्रस्ताव सरकारी फाइलों में ही दम तोड़ रहा है। कालागढ़ की रामगंगा नदी में नौका विहार के लिए ईको टूरिज्म का प्रस्ताव देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कालागढ़ दौरे के तीन माह बाद वन विभाग ने उच्च अधिकारियों को भेजा था। प्रस्ताव को दो साल बीतने के बाद भी अमली जामा नहीं पहनाया गया है। कालागढ़ में रामगंगा नदी में नौका विहार के माध्यम से पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। 14 फरवरी 2019 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्बेट पार्क के दौरे पर मैन वर्सिस आफ वाइल्ड की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। वह बांध के जलाशय में नौका विहार करते हुए कार्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला गए थे। उस दिन रामगंगा नदी में उनके नौका विहार को लेकर वन विभाग को ईको पर्यटन की संभावनाएं जगी थीं। वन विभाग ने 17 जून 2019 को ईको पर्यटन का एक प्रस्ताव देहरादून प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव को भेजा था।
दस लाख से तीन नावों की खरीद से शुरू होगा पर्यटन
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि इस प्रस्ताव में उस समय दस लाख रुपये से तीन नाव खरीदने व एक लाख रुपये से पट्टिका लगाने आदि का व्यय शामिल किया गया। पर्यटकों से दो हजार रुपये प्रवेश शुल्क प्रस्तावित है। प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। वहां से कोई आदेश आने पर इस पर कार्रवाई संभव है। कालागढ़ में नौका विहार के शुरू होने से जनपद बिजनौर के विकास की अपार संभावनाएं। कालागढ़ का निकटवर्ती रेलवे स्टेशन धामपुर है। पर्यटक दिल्ली से मेरठ, बिजनौर होकर धामपुर से कालागढ़ पहुंच सकेंगे।
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बिजनौर। एक ओर जहां जिले के तमाम पर्यटक स्थलों को विकसित करने की तैयारी चल रही है। वहीं, कार्बेट पार्क के बढ़ापुर क्षेत्र में तैयार किए गए नए प्रवेश द्वार से जिले के पर्यटन के सपने को पंख लग जाएंगे। यह द्वार इसी साल नवंबर से शुरू हो जाएगा। इससे दिल्ली की ओर से आने वाले पर्यटकों को रामनगर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि नगीना से बढ़ापुर की ओर नए प्रवेश द्वार से पाखरों रेंज में एंट्री मिल जाएगी। इससे जिले में पर्यटकों के लिए ठहरने आदि के लिए अच्छे रिसॉर्ट, होटल आदि की जरूरत होगी। इससे विकास के साथ-साथ जिले में रोजगार भी मिलेगा।
जिम कार्बेट नेशनल पार्क की सीमा बिजनौर जिले से काफी दूरी तक सटी हुई है। अमानगढ़ से लेकर नजीबाबाद डिवीजन के क्षेत्र तक कार्बेट पार्क का बड़ा हिस्सा सटा है। इसके बावजूद कार्बेट पार्क में प्रवेश के लिए उत्तराखंड के रामनगर से होकर जाना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होना। कार्बेट प्रशासन पाखरो में 106 हेक्टेयर में टाइगर सफारी की शुरुआत की है, जो इस साल नवंबर तक शुरू हो जाएगी। कार्बेट पार्क में भारी संख्या में पर्यटक जाते हैं। दिल्ली से आने वाले पर्यटकों की संख्या सैकड़ों में होती है। ऐसे में सभी पर्यटक दूरी बचाने के लिए रामनगर तक न जाकर बढ़ापुर से ही प्रवेश लेंगे। कार्बेट पार्क में घूमने के बाद रुकने के लिए होटल, रिसॉट की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए बढ़ापुर, नगीना क्षेत्र में काफी विकास होने की उम्मीद है।
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पर्यटकों के लिए तैयार हो रहा अमानगढ़
बिजनौर। पर्यटकों के लिए इस बार अमानगढ़ को भी तैयार किया जा रहा है। अमानगढ़ को पर्यटक जोन के रूप में विकसित करने की मंजूरी भी शासन से मिल चुकी है। ऐसे में अमानगढ़ के पास के करीब 15 गांवों में रिसॉट आदि बनाने की तैयारी चल रही है। ताकि पर्यटक अमानगढ़ में घूमकर यहां पर ठहर सकें। अगले साल तक यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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फाइलों में ही दम तोड़ रहा कालागढ़ का प्रस्ताव
कालागढ़। कालागढ़ को पर्यटन मानचित्र पर लाने का प्रस्ताव सरकारी फाइलों में ही दम तोड़ रहा है। कालागढ़ की रामगंगा नदी में नौका विहार के लिए ईको टूरिज्म का प्रस्ताव देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कालागढ़ दौरे के तीन माह बाद वन विभाग ने उच्च अधिकारियों को भेजा था। प्रस्ताव को दो साल बीतने के बाद भी अमली जामा नहीं पहनाया गया है। कालागढ़ में रामगंगा नदी में नौका विहार के माध्यम से पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। 14 फरवरी 2019 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्बेट पार्क के दौरे पर मैन वर्सिस आफ वाइल्ड की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। वह बांध के जलाशय में नौका विहार करते हुए कार्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला गए थे। उस दिन रामगंगा नदी में उनके नौका विहार को लेकर वन विभाग को ईको पर्यटन की संभावनाएं जगी थीं। वन विभाग ने 17 जून 2019 को ईको पर्यटन का एक प्रस्ताव देहरादून प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव को भेजा था।
दस लाख से तीन नावों की खरीद से शुरू होगा पर्यटन
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि इस प्रस्ताव में उस समय दस लाख रुपये से तीन नाव खरीदने व एक लाख रुपये से पट्टिका लगाने आदि का व्यय शामिल किया गया। पर्यटकों से दो हजार रुपये प्रवेश शुल्क प्रस्तावित है। प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। वहां से कोई आदेश आने पर इस पर कार्रवाई संभव है। कालागढ़ में नौका विहार के शुरू होने से जनपद बिजनौर के विकास की अपार संभावनाएं। कालागढ़ का निकटवर्ती रेलवे स्टेशन धामपुर है। पर्यटक दिल्ली से मेरठ, बिजनौर होकर धामपुर से कालागढ़ पहुंच सकेंगे।

कालागढ़ में सैडिल बांध पर नदी में नहाता एक हाथी।- फोटो : BIJNOR

कालागढ़ में मुख्य बांध पर लंका क्षेत्र में भ्रमण करता एक हाथी।- फोटो : BIJNOR