{"_id":"5ec025f58ebc3e90612ff277","slug":"workers-going-through-the-streets-of-villages-to-escape-from-the-police-bijnor-news-mrt482073892","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस से बचने को अब गांवों के रास्तों से जा रहे मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस से बचने को अब गांवों के रास्तों से जा रहे मजदूर
विज्ञापन
मंडावर से होकर अपने घर बहराइच जाते मजदूर।
- फोटो : BIJNOR
पुलिस से बचने को गांवों के रास्तों से होकर जा रहे मजदूर
मंडावर। हरिद्वार से घर जा रहे मजदूर पुलिस के बचने के लिए रास्ते बदलकर जा रहे हैं। हरिद्वार से मंडावर तक 70 किमी का सफर तय करने में मजदूरों को चार दिन लग गए।
बहराइच निवासी मनोज, कल्याण, सुरेश आदि 12 मजदूूर शनिवार को हरिद्वार से मंडावर पहुंचे। बताया कि वे हरिद्वार में एक फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन लगते ही फैक्टरी बंद हो गई थी लेकिन वे काम की आस में पड़े रहे। अब उनके पास खाने पीने का सामान खत्म हो चुका है। अब वे अपने घरों को जा रहे हैं। बताया कि वे चार दिन पहले हरिद्वार से चले थे। वे मुख्य मार्गों से हटकर गांवों के रास्तों से होते हुए अपने घर जा रहे हैं। अगर वे मुख्य सड़क से चलेंगे तो उन्हें पुलिस पकड़ लेगी और क्वारंटीन कर देगी। वे जहां भी रुके वहां लोगों ने खाना खिलाया। उन्होंने बताया कि वे अब अपने जिले में जाकर कुछ काम ढूंढेंगे।
36 मजदूरों को किया गया रवाना
नगीना। नगीना में क्वारंटीन किए गए 36 मजदूरों को प्रशासन ने रोडवेज बस द्वारा उन्हें उनके घर के लिए रवाना कर दिया। तहसीलदार हामिद हुसैन ने अपनी मौजूदगी में नगीना के पैराडाइज बैंक्वेट हॉल में क्वारंटीन हुए प्रदेश के गोरखपुर, महाराजगंज, इलाहाबाद सहित विभिन्न जिलों के रहने वाले मजदूरों को शनिवार शाम रोडवेज बसों से उनके घरों के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि यह सभी मजदूर पिछले दिनों उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों से पैदल चलकर नगीना पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडावर। हरिद्वार से घर जा रहे मजदूर पुलिस के बचने के लिए रास्ते बदलकर जा रहे हैं। हरिद्वार से मंडावर तक 70 किमी का सफर तय करने में मजदूरों को चार दिन लग गए।
बहराइच निवासी मनोज, कल्याण, सुरेश आदि 12 मजदूूर शनिवार को हरिद्वार से मंडावर पहुंचे। बताया कि वे हरिद्वार में एक फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन लगते ही फैक्टरी बंद हो गई थी लेकिन वे काम की आस में पड़े रहे। अब उनके पास खाने पीने का सामान खत्म हो चुका है। अब वे अपने घरों को जा रहे हैं। बताया कि वे चार दिन पहले हरिद्वार से चले थे। वे मुख्य मार्गों से हटकर गांवों के रास्तों से होते हुए अपने घर जा रहे हैं। अगर वे मुख्य सड़क से चलेंगे तो उन्हें पुलिस पकड़ लेगी और क्वारंटीन कर देगी। वे जहां भी रुके वहां लोगों ने खाना खिलाया। उन्होंने बताया कि वे अब अपने जिले में जाकर कुछ काम ढूंढेंगे।
विज्ञापन
36 मजदूरों को किया गया रवाना
नगीना। नगीना में क्वारंटीन किए गए 36 मजदूरों को प्रशासन ने रोडवेज बस द्वारा उन्हें उनके घर के लिए रवाना कर दिया। तहसीलदार हामिद हुसैन ने अपनी मौजूदगी में नगीना के पैराडाइज बैंक्वेट हॉल में क्वारंटीन हुए प्रदेश के गोरखपुर, महाराजगंज, इलाहाबाद सहित विभिन्न जिलों के रहने वाले मजदूरों को शनिवार शाम रोडवेज बसों से उनके घरों के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि यह सभी मजदूर पिछले दिनों उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों से पैदल चलकर नगीना पहुंचे थे।
विज्ञापन