{"_id":"76f549b4739f64d9f62496ac184bc1da","slug":"will-put-stalling-on-putting-locks-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अड़ंगा डालने पर लगा देंगे ताले ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अड़ंगा डालने पर लगा देंगे ताले
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर में अक्तूबर के अंत तक धामपुर, स्योहारा और अफजलगढ़ चीनी मिलों को चालू कराने की मांग को लेकर भाकियू और मिल प्रबंधक के बीच विवाद पैदा हो गया है। भाकियू के तहसील अध्यक्ष ने 25 अक्तूबर से स्योहारा मिल गेट के बाहर महापंचायत का ऐलान कर दिया है। क्षेत्र की चीनी मिलों के अधिकारी नवंबर के आखिरी सप्ताह में मिल चालू करने का प्लान बना रहे हैं।
भाकियू के तहसील अध्यक्ष देवराज सिंह, प्रेम कुमार सिंह, चेतन सिंह का कहना है कि खेतों में पेडी गन्ना तैयार हो गया है। किसान अगेती गन्ने को मिल में आपूर्ति कर खाली खेतों में गेहूूं की समय से बुआई करने की जुगत में रहता है। यदि मिलें, चीनी मिलों के अधिकारियों के प्लान के तहत नवंबर के आखिरी सप्ताह में चालू हुई तो किसानों का दीवाला निकल जाएगा। गेहूं की फसल की समय से बुआई न होने से किसानों को घाटा होगा। उन्होंने आगामी पैराई सत्र में सरकार से 400 रुपये प्रति कुंतल का भाव मांगा है।
अक्तूबर में ही मिलों को चलवाया जाना है। यदि मिल प्रबंधकों ने अड़ंगा डालने का प्रयास किया तो किसान मिलों में ताला ठोंक देंगे। मिल कर्मियों को भी काम नहीं करने देंगे। उधर, धामपुर मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह का कहना है कि अभी तो सरकार की ओर से गन्ने का भाव भी घोषित नहीं हुआ। नवंबर के आखिरी सप्ताह में चीन मिल को चालू कराने का प्रयास चल रहा है। इससे पहले चीनी मिल का चालू होना संभव नहीं होगा। रेट का निर्धारण चीनी मिलों के चालू होने की दिशा को तय करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू के तहसील अध्यक्ष देवराज सिंह, प्रेम कुमार सिंह, चेतन सिंह का कहना है कि खेतों में पेडी गन्ना तैयार हो गया है। किसान अगेती गन्ने को मिल में आपूर्ति कर खाली खेतों में गेहूूं की समय से बुआई करने की जुगत में रहता है। यदि मिलें, चीनी मिलों के अधिकारियों के प्लान के तहत नवंबर के आखिरी सप्ताह में चालू हुई तो किसानों का दीवाला निकल जाएगा। गेहूं की फसल की समय से बुआई न होने से किसानों को घाटा होगा। उन्होंने आगामी पैराई सत्र में सरकार से 400 रुपये प्रति कुंतल का भाव मांगा है।
विज्ञापन
अक्तूबर में ही मिलों को चलवाया जाना है। यदि मिल प्रबंधकों ने अड़ंगा डालने का प्रयास किया तो किसान मिलों में ताला ठोंक देंगे। मिल कर्मियों को भी काम नहीं करने देंगे। उधर, धामपुर मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह का कहना है कि अभी तो सरकार की ओर से गन्ने का भाव भी घोषित नहीं हुआ। नवंबर के आखिरी सप्ताह में चीन मिल को चालू कराने का प्रयास चल रहा है। इससे पहले चीनी मिल का चालू होना संभव नहीं होगा। रेट का निर्धारण चीनी मिलों के चालू होने की दिशा को तय करेगा।
विज्ञापन