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पंजीकरण के बाद किसानों को करनाल से मिलेगा गेहूं का बीज
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पंजीकरण के बाद करनाल से मिलेगा गेहूं का बीज
बिजनौर। इस बार किसानों को गेहूं अनुसंधान केंद्र करनाल से सीधे जाकर गेहूं का बीज नहीं मिलेगा। किसान को अनुसंधान केंद्र नहीं जाना होगा। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
गन्ने के बाद गेहूं का रकबा जिले में सबसे ज्यादा रहता है। डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन में गेहूं की फसल बोई जाती है। पिछले साल जिले में गेहूं की नई प्रजातियों डीबीडब्लू 187 और डीबीडब्लू 222 का ट्रायल किया गया था। ये करनाल में तैयार की गई प्रजाति हैं। डीबीडब्लू की उत्पादन क्षमता 96 क्विंटल और डीबीडब्लू 222 की उत्पादन क्षमता 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। किसानों को यह प्रजाति करनाल से ही बांटी जानी थी। किसान सीधे जाकर अपना विवरण देकर करनाल से गेहूं खरीदते हैं, लेकिन कोविड 19 की वजह से सारी व्यवस्थाएं बदल गई हैं। संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने भी इस बार गेहूं का बीज देने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की है। किसान iiwbr.org/register.php लिंक के माध्यम से अपनी जानकारी भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। किसानों को घर पर गेहूं का बीज भेजने पर भी विचार किया जा रहा है। एक पंजीकरण पर किसानों को दस किलो बीज दिया जाएगा। दस किलो बीज एक बीघा जमीन में बोया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.केके सिंह के अनुसार बीज लेने के इच्छुक किसान पंजीकरण जरूर करा लें। अगर किसी किसान को पंजीकरण में समस्या आ रही है तो वह उनके मोबाइल नंबर 8630602518 पर फोन कर सकते हैं।
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बिजनौर। इस बार किसानों को गेहूं अनुसंधान केंद्र करनाल से सीधे जाकर गेहूं का बीज नहीं मिलेगा। किसान को अनुसंधान केंद्र नहीं जाना होगा। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
गन्ने के बाद गेहूं का रकबा जिले में सबसे ज्यादा रहता है। डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन में गेहूं की फसल बोई जाती है। पिछले साल जिले में गेहूं की नई प्रजातियों डीबीडब्लू 187 और डीबीडब्लू 222 का ट्रायल किया गया था। ये करनाल में तैयार की गई प्रजाति हैं। डीबीडब्लू की उत्पादन क्षमता 96 क्विंटल और डीबीडब्लू 222 की उत्पादन क्षमता 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। किसानों को यह प्रजाति करनाल से ही बांटी जानी थी। किसान सीधे जाकर अपना विवरण देकर करनाल से गेहूं खरीदते हैं, लेकिन कोविड 19 की वजह से सारी व्यवस्थाएं बदल गई हैं। संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने भी इस बार गेहूं का बीज देने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की है। किसान iiwbr.org/register.php लिंक के माध्यम से अपनी जानकारी भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। किसानों को घर पर गेहूं का बीज भेजने पर भी विचार किया जा रहा है। एक पंजीकरण पर किसानों को दस किलो बीज दिया जाएगा। दस किलो बीज एक बीघा जमीन में बोया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.केके सिंह के अनुसार बीज लेने के इच्छुक किसान पंजीकरण जरूर करा लें। अगर किसी किसान को पंजीकरण में समस्या आ रही है तो वह उनके मोबाइल नंबर 8630602518 पर फोन कर सकते हैं।
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