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बिजनौर में गेहूं का उत्पादन बंपर होने की उम्मीद
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बिजनौर में गेहूं का उत्पादन बंपर होने की उम्मीद
धामपुर। कृषि विभाग इस बार गेहूं की फसल को पिछले साल की तुलना में बंपर होने की संभावना जता रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना से इस बार बिजनौर जिले में करीब छह हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल में गेहूं की अधिक फसल की बुआई हुई है। खेतों में खड़ी फसल को देख अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार पिछले साल की तुलना में करीब 27719 मीट्रिक टन गेहूं की उपज अधिक होगी।
क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई का काम शुरू हो गया है। विभाग की ओर से आठ अप्रैल से 15 अप्रैल तक क्रॉप कटिंग कराई जाएगी। जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र बताते हैं कि वर्ष 2020-21 की रबी की फसल का आंकलन करें तो पिछले वर्ष 146736 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल बोई गई थी। उत्पादन 552086 मीट्रिक टन था और औसत उपज 37.62 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी।
इस बार गेहूं की अगेती प्रजाति की बुवाई बिजनौर जिले में 40262 हेक्टेयर में हुई है। अनुमान है कि इससे 185048 मीट्रिक टन गेहूं पैदा होगा। अगेजी प्रजाति के गेहूं की औसत उपज 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानी जा रही है। मध्यम प्रजाति के गेहूं की बुवाई 68581 हेक्टेयर में हुई है। 259922 मीट्रिक टन गेहूं की पैदावार होने की संभावना है। औसत उपज की संभावना 37.90 क्विंटल प्रति हेक्टेयर जताई गई है। पछेती गेहूं की 37875 हेक्टेयर में हुई है। उत्पादन 134835 मीट्रिक टन और औसत उपज 35.60 क्विंटल प्रति हेेक्टेयर संभावित है।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि साल 2021-22 में जनपद बिजनौर में 152718 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है। उत्पादन 579805 मीट्रिक टन की उम्मीद है। औसत उपज 37.97 कुंतल प्रति हेक्टेयर संभावित है। क्रॉप कटिंग के बाद सही लग पाएगा। क्रॉप कटिंग का कार्य जिले में आठ अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलेगा।
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धामपुर। कृषि विभाग इस बार गेहूं की फसल को पिछले साल की तुलना में बंपर होने की संभावना जता रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना से इस बार बिजनौर जिले में करीब छह हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल में गेहूं की अधिक फसल की बुआई हुई है। खेतों में खड़ी फसल को देख अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार पिछले साल की तुलना में करीब 27719 मीट्रिक टन गेहूं की उपज अधिक होगी।
क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई का काम शुरू हो गया है। विभाग की ओर से आठ अप्रैल से 15 अप्रैल तक क्रॉप कटिंग कराई जाएगी। जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र बताते हैं कि वर्ष 2020-21 की रबी की फसल का आंकलन करें तो पिछले वर्ष 146736 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल बोई गई थी। उत्पादन 552086 मीट्रिक टन था और औसत उपज 37.62 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी।
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इस बार गेहूं की अगेती प्रजाति की बुवाई बिजनौर जिले में 40262 हेक्टेयर में हुई है। अनुमान है कि इससे 185048 मीट्रिक टन गेहूं पैदा होगा। अगेजी प्रजाति के गेहूं की औसत उपज 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानी जा रही है। मध्यम प्रजाति के गेहूं की बुवाई 68581 हेक्टेयर में हुई है। 259922 मीट्रिक टन गेहूं की पैदावार होने की संभावना है। औसत उपज की संभावना 37.90 क्विंटल प्रति हेक्टेयर जताई गई है। पछेती गेहूं की 37875 हेक्टेयर में हुई है। उत्पादन 134835 मीट्रिक टन और औसत उपज 35.60 क्विंटल प्रति हेेक्टेयर संभावित है।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि साल 2021-22 में जनपद बिजनौर में 152718 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है। उत्पादन 579805 मीट्रिक टन की उम्मीद है। औसत उपज 37.97 कुंतल प्रति हेक्टेयर संभावित है। क्रॉप कटिंग के बाद सही लग पाएगा। क्रॉप कटिंग का कार्य जिले में आठ अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलेगा।