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नगर पालिका में बंटेंगे हरे और नीले रंग के कूड़ेदान
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बिजनौर में नगरपालिका के कूड़ेदान।
- फोटो : BIJNOR
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नगर पालिका में बंटेंगे हरे और नीले रंग के कूड़ेदान
बिजनौर। स्वच्छता अभियान में बिजनौर नगर पालिका और दो कदम आगे बढ़ने जा रही है। बिजनौर नगर पालिका अब कूड़े को अलग अलग एकत्र करेगी। गलने वाला कूड़ा एवं न गलने वाला कूड़ा अलग अलग लिया जाएगा। इसके लिए बिजनौर शहर में नागरिकों को हरे एवं नीले रंग के कूड़ेदान दिए जाएंगे। एक अप्रैल से यह अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
कूड़ा डालने के लिए जगह न होना नगर पालिकाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हर रोज जिले की नगर पालिकाओं में कई टन कूड़ा निकलता है। जिला मुख्यालय की बिजनौर नगर पालिका तक में भी कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन नहीं है। नगर पालिका बंद हुए ईट भट्ठों या गहरे खेतों में जमीन मालिकों की सहमति से कूड़ा भरती है। लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है। कई बार नगर पालिका के सफाई कर्मचारी या अन्य सड़क किनारे पड़े कूड़े में आग लगा देते हैं जिससे की पर्यावरण और प्रदूषित होता है।
नगर पालिका ने अब कूड़ा निस्तारण के लिए प्लान बनाया है। कूड़ा दो तरह का होता है गलने वाला और न गलने वाला। फल, सब्जी के अवशेष, कागज, मिट्टी आदि गलने वाले कूड़े में आते हैं। बल्ब, लोहा, प्लास्टिक, पॉलिथीन, कांच, थर्माकोल, पत्थर आदि न गलने वाले पदार्थ हैं। ज्यादातर कूड़ा इनका ही होता है। अब नगर पालिका इन दोनों तरह के कूड़ों को अलग अलग रखेगी। शहर में नागरिकों को हरे एवं नीले रंग के कूड़ेदान बांटे जाएंगे। नागरिक हरे रंग के कूड़ेदान में गलने वाला एवं नीले रंग के कूड़ेदान में न गलने वाला कूड़ा एकत्र करेंगे। कूड़ा एकत्र करने के लिए अलग ट्रॉली भी मंगवाई जा रही हैं। इसमे कूड़ा प्रवृत्ति के आधार पर एकत्र किया जाएगा।
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पहले बंटेंगे दस हजार कूड़ेदार
शहर में करीब 17 हजार मकान और करीब ढाई हजार दुकान हैं। पहली खेप में दस हजार मकानों में हरे व नीले रंग के कूड़ेदान बिना किसी शुल्क के दिए जाएंगे। बाद में बाकी घरों एवं दुकानदारों को कूड़ेदान दिए जाएंगे।
कूड़ा कमाई का जरिया
अगर कूड़े को उसकी प्रवृत्ति के अनुसार एकत्र किया जाए तो यह आमदनी का जरिया बनता है। गलने वाले कूड़े को खाद बनाकर बेचा जाता है। न गलने वाले कूड़े को भी आराम से बेचा जा सकता है। इसमें बहुत कम जमीन का इस्तेमाल होता है। नगर पालिका ने इसके लिए जमीन भी देख ली है।
सभी करें सहयोग
नगर पालिका ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी के अनुसार कूड़ा निस्तारण एक बहुत बड़ी समस्या है। इसके निस्तारण के लिए योजना बनाई गई है। लेकिन यह नागरिकों के सहयोग के बिना मुमकिन नहीं है। नागरिक अपने घर पर खुद भी हरे और नीले रंग के कूड़ेदान में अलग अलग कूड़ा रखें। अगर सभी सहयोग करेंगे तो कूड़ा निस्तारण की समस्या खत्म हो जाएगी।
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बिजनौर। स्वच्छता अभियान में बिजनौर नगर पालिका और दो कदम आगे बढ़ने जा रही है। बिजनौर नगर पालिका अब कूड़े को अलग अलग एकत्र करेगी। गलने वाला कूड़ा एवं न गलने वाला कूड़ा अलग अलग लिया जाएगा। इसके लिए बिजनौर शहर में नागरिकों को हरे एवं नीले रंग के कूड़ेदान दिए जाएंगे। एक अप्रैल से यह अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
कूड़ा डालने के लिए जगह न होना नगर पालिकाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हर रोज जिले की नगर पालिकाओं में कई टन कूड़ा निकलता है। जिला मुख्यालय की बिजनौर नगर पालिका तक में भी कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन नहीं है। नगर पालिका बंद हुए ईट भट्ठों या गहरे खेतों में जमीन मालिकों की सहमति से कूड़ा भरती है। लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है। कई बार नगर पालिका के सफाई कर्मचारी या अन्य सड़क किनारे पड़े कूड़े में आग लगा देते हैं जिससे की पर्यावरण और प्रदूषित होता है।
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नगर पालिका ने अब कूड़ा निस्तारण के लिए प्लान बनाया है। कूड़ा दो तरह का होता है गलने वाला और न गलने वाला। फल, सब्जी के अवशेष, कागज, मिट्टी आदि गलने वाले कूड़े में आते हैं। बल्ब, लोहा, प्लास्टिक, पॉलिथीन, कांच, थर्माकोल, पत्थर आदि न गलने वाले पदार्थ हैं। ज्यादातर कूड़ा इनका ही होता है। अब नगर पालिका इन दोनों तरह के कूड़ों को अलग अलग रखेगी। शहर में नागरिकों को हरे एवं नीले रंग के कूड़ेदान बांटे जाएंगे। नागरिक हरे रंग के कूड़ेदान में गलने वाला एवं नीले रंग के कूड़ेदान में न गलने वाला कूड़ा एकत्र करेंगे। कूड़ा एकत्र करने के लिए अलग ट्रॉली भी मंगवाई जा रही हैं। इसमे कूड़ा प्रवृत्ति के आधार पर एकत्र किया जाएगा।
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पहले बंटेंगे दस हजार कूड़ेदार
शहर में करीब 17 हजार मकान और करीब ढाई हजार दुकान हैं। पहली खेप में दस हजार मकानों में हरे व नीले रंग के कूड़ेदान बिना किसी शुल्क के दिए जाएंगे। बाद में बाकी घरों एवं दुकानदारों को कूड़ेदान दिए जाएंगे।
कूड़ा कमाई का जरिया
अगर कूड़े को उसकी प्रवृत्ति के अनुसार एकत्र किया जाए तो यह आमदनी का जरिया बनता है। गलने वाले कूड़े को खाद बनाकर बेचा जाता है। न गलने वाले कूड़े को भी आराम से बेचा जा सकता है। इसमें बहुत कम जमीन का इस्तेमाल होता है। नगर पालिका ने इसके लिए जमीन भी देख ली है।
सभी करें सहयोग
नगर पालिका ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी के अनुसार कूड़ा निस्तारण एक बहुत बड़ी समस्या है। इसके निस्तारण के लिए योजना बनाई गई है। लेकिन यह नागरिकों के सहयोग के बिना मुमकिन नहीं है। नागरिक अपने घर पर खुद भी हरे और नीले रंग के कूड़ेदान में अलग अलग कूड़ा रखें। अगर सभी सहयोग करेंगे तो कूड़ा निस्तारण की समस्या खत्म हो जाएगी।