{"_id":"5db887488ebc3e01542f97fd","slug":"viral-fever-pandered-as-a-death-in-the-district-bijnor-news-mrt450905916","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में मौत बनकर झपट रहा वायरल बुखार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में मौत बनकर झपट रहा वायरल बुखार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में मौत बनकर झपट रहा वायरल बुखार
बिजनौर। जिले में वायरल बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वायरल बुखार से आए दिन जिले में कहीं न कहीं से मौत की खबर मिल रही है। कुछ क्षेत्रों में तो वायरल का प्रकोप लगातार जारी है। पिछले लगभग दो माह में वायरल बुखार दो दर्जन से अधिक लोगों की जान ले चुका है।
दो माह से जिले में वायरल बुखार का प्रकोप जारी है। अफसरों के अनुसार उत्तराखंड और आसपास के अन्य जनपदों से वायरल बुखार, मलेरिया, डेंगू का ट्रांसमिशन बढ़ा है। पिछले दो वर्षों में जिले में इन बीमारियों से काफी राहत थी लेकिन वर्तमान में जिले में वायरल, डेंगू आदि का प्रकोप जारी है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 35 लोगों के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। सीएमओ विजय कुमार यादव के मुताबिक इस बार जिले में अब तक डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। केवल चार लोगों के ही डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि डेंगू की पुष्टि बिना एलायजा टेस्ट के नहीं की जा सकती। जिसे पहले कभी डेंगू हुआ होगा, उसे फिर से पॉजिटिव आने के चांस रहते हैं। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।
सीएमओ ने बताया कि जहां भी वायरल बुखार का ट्रांसमीशन अधिक है, वहां समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जाकर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कराया जा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस एवं फिजिशियन डा. सुखवीर सिंह ने बताया कि हर रोज मरीजों के रैपिड और एलायजा टेस्ट कराए जाते हैं। रैपिड कार्ड से पुष्टि न होने पर एलायजा टेस्ट की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार होने पर तुरंत योग्य चिकित्सक को दिखाएं। खाने से ज्यादा लिक्विड डाइट लें। दवा के साथ खाने की चीजों से ज्यादा लिक्विड डाइट वायरल, मलेरिया और डेंगू में 90 प्रतिशत ज्यादा असरकारक होती है।
विज्ञापन
डेंगू से महिला की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
नूरपुर। गांव हंसुपुरा निवासी सोनू की पत्नी सोनम पांच दिनों से वायरल बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने उसे मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया था। सोनम को जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे उपचार के लिए जौलीग्रांट (देहरादून) ले गए, जहां सोमवार की शाम उसकी मौत हो गई। ग्रामवासियों के मुुताबिक उनके गांव में वायरल बुखार से पहले भी दो मौत हो चुकी हैं। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं। पास के ही गांव रोशनपुर के ग्राम प्रधान बलवंत सिंह को भी डेंगू की पुष्टि हुई है। उनका मेरठ में उपचार चल रहा है। इसके अलावा और भी कई ग्रामवासियों को मुरादाबाद व मेरठ में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने की मांग की है।
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में वायरल बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वायरल बुखार से आए दिन जिले में कहीं न कहीं से मौत की खबर मिल रही है। कुछ क्षेत्रों में तो वायरल का प्रकोप लगातार जारी है। पिछले लगभग दो माह में वायरल बुखार दो दर्जन से अधिक लोगों की जान ले चुका है।
दो माह से जिले में वायरल बुखार का प्रकोप जारी है। अफसरों के अनुसार उत्तराखंड और आसपास के अन्य जनपदों से वायरल बुखार, मलेरिया, डेंगू का ट्रांसमिशन बढ़ा है। पिछले दो वर्षों में जिले में इन बीमारियों से काफी राहत थी लेकिन वर्तमान में जिले में वायरल, डेंगू आदि का प्रकोप जारी है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 35 लोगों के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। सीएमओ विजय कुमार यादव के मुताबिक इस बार जिले में अब तक डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। केवल चार लोगों के ही डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि डेंगू की पुष्टि बिना एलायजा टेस्ट के नहीं की जा सकती। जिसे पहले कभी डेंगू हुआ होगा, उसे फिर से पॉजिटिव आने के चांस रहते हैं। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।
विज्ञापन
सीएमओ ने बताया कि जहां भी वायरल बुखार का ट्रांसमीशन अधिक है, वहां समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जाकर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कराया जा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस एवं फिजिशियन डा. सुखवीर सिंह ने बताया कि हर रोज मरीजों के रैपिड और एलायजा टेस्ट कराए जाते हैं। रैपिड कार्ड से पुष्टि न होने पर एलायजा टेस्ट की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार होने पर तुरंत योग्य चिकित्सक को दिखाएं। खाने से ज्यादा लिक्विड डाइट लें। दवा के साथ खाने की चीजों से ज्यादा लिक्विड डाइट वायरल, मलेरिया और डेंगू में 90 प्रतिशत ज्यादा असरकारक होती है।
विज्ञापन
डेंगू से महिला की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
नूरपुर। गांव हंसुपुरा निवासी सोनू की पत्नी सोनम पांच दिनों से वायरल बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने उसे मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया था। सोनम को जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे उपचार के लिए जौलीग्रांट (देहरादून) ले गए, जहां सोमवार की शाम उसकी मौत हो गई। ग्रामवासियों के मुुताबिक उनके गांव में वायरल बुखार से पहले भी दो मौत हो चुकी हैं। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं। पास के ही गांव रोशनपुर के ग्राम प्रधान बलवंत सिंह को भी डेंगू की पुष्टि हुई है। उनका मेरठ में उपचार चल रहा है। इसके अलावा और भी कई ग्रामवासियों को मुरादाबाद व मेरठ में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने की मांग की है।