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टीकाकरण केंद्रों पर कम पड़ रही वैक्सीन
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टीकाकरण केंद्रों पर कम पड़ रही वैक्सीन
बिजनौर। जिले को आवश्यकता के अनुरूप वैक्सीन की डोज नहीं मिल पा रही हैं। इस कारण कम संख्या में ही लोगों का कोरोनारोधी टीकाकरण हो पा रहा है। अफसरों की मानें तो प्रतिदिन जनपद को कम से कम 30 से 35 हजार के बीच डोज मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसके सापेक्ष आधे से भी कम वैक्सीन की ही आपूर्ति हो पा रही है, वह भी तीसरे या फिर चौथे दिन। हालात यदि ऐसे ही रहे तो दिसंबर तक निर्धारित किए गए लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल होगा।
कोरोना की तीसरी लहर की आहट लोगों को टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचने के लिए विवश कर रही है। शुरुआत में लोगों में वैक्सीन को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां थीं, लेकिन वर्तमान में जब लोग कोरोना को लेेकर जागरूक हुए तो प्रादेशिक मुख्यालय से पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जनपद में 14 जुलाई को कुल 15 हजार वैक्सीन की डोज मिलीं। इससे पूर्व 12 जुलाई को केवल 15 हजार 200 वैक्सीन की ही आपूर्ति हो पाई थी। कम वैक्सीन मिलने के कम लोग ही प्रतिरक्षित हो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल सहित जनपद में कुल 34 बूथों पर कोरोना रोधी टीकाकरण किया गया। इस दौरान करीब-करीब हर केंद्र पर टीकाकरण कराने वालों की काफी भीड़ रही।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 14 जुुलाई तक जिले भर में कुल छह लाख 78 हजार 700 लोगों को प्रतिरक्षित किया जा चुका है, जिनमें पहली खुराक लगवाने वाले पांच लाख 72 हजार 248 तथा दूसरी डोज से आच्छादित होने वालों में एक लाख छह हजार 452 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि वैक्सीन ज्यादा मिलेगी तो टीकाकरण भी अधिक लोगों का ही होगा। कम वैक्सीन मिलेंगी तो लोगों को प्रतिरक्षित करने में ज्यादा समय लगेगा।
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बिजनौर। जिले को आवश्यकता के अनुरूप वैक्सीन की डोज नहीं मिल पा रही हैं। इस कारण कम संख्या में ही लोगों का कोरोनारोधी टीकाकरण हो पा रहा है। अफसरों की मानें तो प्रतिदिन जनपद को कम से कम 30 से 35 हजार के बीच डोज मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसके सापेक्ष आधे से भी कम वैक्सीन की ही आपूर्ति हो पा रही है, वह भी तीसरे या फिर चौथे दिन। हालात यदि ऐसे ही रहे तो दिसंबर तक निर्धारित किए गए लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल होगा।
कोरोना की तीसरी लहर की आहट लोगों को टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचने के लिए विवश कर रही है। शुरुआत में लोगों में वैक्सीन को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां थीं, लेकिन वर्तमान में जब लोग कोरोना को लेेकर जागरूक हुए तो प्रादेशिक मुख्यालय से पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जनपद में 14 जुलाई को कुल 15 हजार वैक्सीन की डोज मिलीं। इससे पूर्व 12 जुलाई को केवल 15 हजार 200 वैक्सीन की ही आपूर्ति हो पाई थी। कम वैक्सीन मिलने के कम लोग ही प्रतिरक्षित हो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल सहित जनपद में कुल 34 बूथों पर कोरोना रोधी टीकाकरण किया गया। इस दौरान करीब-करीब हर केंद्र पर टीकाकरण कराने वालों की काफी भीड़ रही।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 14 जुुलाई तक जिले भर में कुल छह लाख 78 हजार 700 लोगों को प्रतिरक्षित किया जा चुका है, जिनमें पहली खुराक लगवाने वाले पांच लाख 72 हजार 248 तथा दूसरी डोज से आच्छादित होने वालों में एक लाख छह हजार 452 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि वैक्सीन ज्यादा मिलेगी तो टीकाकरण भी अधिक लोगों का ही होगा। कम वैक्सीन मिलेंगी तो लोगों को प्रतिरक्षित करने में ज्यादा समय लगेगा।
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