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कृषि भूमि में सुधार के लिए जिप्सम का करें प्रयोग
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किसानों को जिप्सम के बारे में जानकारी देते कृषि विभाग बीज भंडार पर कार्यरत अधिकारी
- फोटो : DHAMPUR
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कृषि भूमि में सुधार के लिए जिप्सम का करें प्रयोग
धामपुर। राजस्थान की मिट्टी अर्थात जिप्सम खेती में आमूल चूल सुधार कर रहा है। किसान इसे प्रचुर मात्रा में खेती में प्रयोग कर रहे हैं। इस पर भी सरकार की ओर से किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जिप्सम में कैल्शियम, सल्फेट की मात्रा अधिक होती है। किसान जिप्सम का प्रयोग कर तिलहनी और दलहनी खेती के साथ-साथ गन्ने की पैदावार लें। तो फसल उत्कृष्ट होती है। न केवल फसल की क्वालिटी उच्च होगी, फसल निरोगी और स्वस्थ भी रहेगी।
कृषि बीज भंडार के प्रभारी प्रावैधिक सहायक मनीश कुमार ने बताया कि अधिक से अधिक किसानों को जिप्सम का प्रयोग कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से प्रचुर मात्रा में भंडारण है। जिप्सम की कीमत 505 रुपये प्रति क्विंटल है। कृषि विभाग की ओर से 75 प्रतिशत के अनुदान पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। धामपुर तहसील क्षेत्र गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। खेती से और अधिक मुनाफा कमाने के लिए गन्ने के साथ सहफसली खेती की जा रही है। गन्ने के साथ-साथ तिलहनी व दलहनी फसलों को भी भरपूर मात्रा में उगाया जा रहा है। फसलों की अधिक उपज लेने के लिए किसान उर्वरक खाद के साथ-साथ भूमि सुधार के लिए जिप्सम का भरपूर प्रयोग कर रहे है।
जिले में करीब छह हजार क्विंटल जिप्सम की आवक
धामपुर कृषि बीज भंडार के प्रभारी मनीष कुमार बताते हैं कि जनपद बिजनौर के सभी 11 ब्लॉकों में करीब 6000 क्विंटल से अधिक जिप्सम की आवक हुई है। साढ़े तीन सौ क्विंटल जिप्सम धामपुर बीज भंडार को भेजा गया है। अब तक 200 क्विंटल से ज्यादा जिप्सम की बिक्री हो चुकी। किसान जिप्सम को भरपूर मात्रा में प्रयोग कर रहे हैं। जिन किसानों ने अब तक जिप्सम का प्रयोग किया है। वह उसकी गुणवत्ता का जमकर बखान कर रहे हैं। बताते हैं कि राजस्थान की मिट्टी में कैल्शियम और सल्फेट की अधिक मात्रा होती है। जिसके कारण फसल स्वस्थ और उत्तम क्वालिटी वाली होती है।
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धामपुर। राजस्थान की मिट्टी अर्थात जिप्सम खेती में आमूल चूल सुधार कर रहा है। किसान इसे प्रचुर मात्रा में खेती में प्रयोग कर रहे हैं। इस पर भी सरकार की ओर से किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जिप्सम में कैल्शियम, सल्फेट की मात्रा अधिक होती है। किसान जिप्सम का प्रयोग कर तिलहनी और दलहनी खेती के साथ-साथ गन्ने की पैदावार लें। तो फसल उत्कृष्ट होती है। न केवल फसल की क्वालिटी उच्च होगी, फसल निरोगी और स्वस्थ भी रहेगी।
कृषि बीज भंडार के प्रभारी प्रावैधिक सहायक मनीश कुमार ने बताया कि अधिक से अधिक किसानों को जिप्सम का प्रयोग कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से प्रचुर मात्रा में भंडारण है। जिप्सम की कीमत 505 रुपये प्रति क्विंटल है। कृषि विभाग की ओर से 75 प्रतिशत के अनुदान पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। धामपुर तहसील क्षेत्र गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। खेती से और अधिक मुनाफा कमाने के लिए गन्ने के साथ सहफसली खेती की जा रही है। गन्ने के साथ-साथ तिलहनी व दलहनी फसलों को भी भरपूर मात्रा में उगाया जा रहा है। फसलों की अधिक उपज लेने के लिए किसान उर्वरक खाद के साथ-साथ भूमि सुधार के लिए जिप्सम का भरपूर प्रयोग कर रहे है।
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जिले में करीब छह हजार क्विंटल जिप्सम की आवक
धामपुर कृषि बीज भंडार के प्रभारी मनीष कुमार बताते हैं कि जनपद बिजनौर के सभी 11 ब्लॉकों में करीब 6000 क्विंटल से अधिक जिप्सम की आवक हुई है। साढ़े तीन सौ क्विंटल जिप्सम धामपुर बीज भंडार को भेजा गया है। अब तक 200 क्विंटल से ज्यादा जिप्सम की बिक्री हो चुकी। किसान जिप्सम को भरपूर मात्रा में प्रयोग कर रहे हैं। जिन किसानों ने अब तक जिप्सम का प्रयोग किया है। वह उसकी गुणवत्ता का जमकर बखान कर रहे हैं। बताते हैं कि राजस्थान की मिट्टी में कैल्शियम और सल्फेट की अधिक मात्रा होती है। जिसके कारण फसल स्वस्थ और उत्तम क्वालिटी वाली होती है।
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