UP: पीली बांध पर दूसरे दिन जल क्रीड़ा प्रतियोगिता देखने उमड़े दर्शक, विश्व पटल पर बिजनौर को मिलेगी पहचान
पीली बांध पर जल प्रतियोगिताओं का आज दूसरा दिन है। वहीं बिजनौर प्रशासन की नजर पीलीडैम पर पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही है। पीलीबांध जलाशय पर तीन दिवसीय जल प्रतियोगिताओं के रोमांच से यह तो साफ हो गया है कि बिजनौर को जल्द ही विश्व पटल पर पहचान मिलने वाली है।
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बिजनौर में पीलीबांध के जलाशय में तीन दिवसीय जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। जल क्रीड़ा को लेकर जलाशय में रस्सी डालकर लेन बनाई गई हैं। जिसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए डीएम एसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। पीली बांध पर कयाकिंग कैनोइंग प्रतियोगिता का पहले दिन भव्य आयोजन हुआ। बांध के तट को पूरी तरह से सजा दिया गया था। बाकायदा बैरिकेडिंग करते हुए लोगों के लिए दर्शक दीर्घा तैयार की गई। जिससे जलाशय में नौका चलाने और नौकायन के करतबों को लोग देख सकें।रविवार को पहले दिन इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए पांच राज्यों की टीम पहुंचीं।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के बाद अब प्रशासन की नजर पीलीडैम पर पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसी क्रम में पीलीबांध के जलाशय में तीन दिवसीय जल क्रीड़ा प्रतियोगिता होनी हैं। जायजा लेने के लिए शनिवार को डीएम उमेश मिश्रा, एसपी नीरज कुमार जादौन, सीडीओ पूर्ण वोहरा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता है कि जल क्रीड़ा प्रतियोगिता पूरी तरह से सफल रहे। इस प्रतियोगिता में कियाकिंग कैनोइंग, रोइंग, कैनो पोलो, राफ्टिंग, ड्रैगन नाव आदि खेल होंगे। इससे अमानगढ़ रिजर्व टाइगर सफारी व पीलीडैम पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बिजनौर बैराज पर भी हुए थे खेल
बिजनौर गंगा बैराज के जलाशय में भी पिछले दिनों कियाकिंग कैनोइंग, रोइंग, कैनो पोलो, राफ्टिंग, ड्रैगन नाव आदि खेल हुए थे। जिन्होंने दर्शकों को भी रोमांच से भर दिया था। गंगा में भी प्रशासन स्थायी प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी में लगा हुआ है। सेंक्चुअरी सीमा से बाहर जमीन की तलाश की जा रही है।
पीली बांध पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराज्यीय केनो स्प्रिंट प्रतियोगिता को देखने के लिए आसपास के गांवों से हजारों ग्रामीण पहुंचे। जलाशय में किए गए खेल से लोग रोमांच से भर गए। हालांकि तेज हवा बाधा बनी। तेज हवा के झोकों से कई नाव पलट गईं। जिससे खिलाड़ी पानी में डूब गए। नाव पलटने के बाद रेस्क्यू टीम ने पानी में कूदकर खिलाड़ियों को बचाया।
प्रतियोगिता जीतने के लिए खिलाड़ियों ने एड़ी चोटी के जोर लगाए। मगर हवा ने कदम-कदम पर प्रतियोगिता में रुकावट डाली। खिलाड़ी नाव को जितना आगे ले रहे थे। हवा उतनी ही उनकी दिशा बदली। साथ ही तेज हवा चलने से कई नावों का संतुलन बिगड़ गया। नाव पलटने से खिलाड़ी पानी में गिर गए। वहीं, प्रतियोगिता होने से पीली बांध पर मेलेे जैसा माहौल हो गया। आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण पीली बांध पर पहुंचे और प्रतियोगिता का आनंद लिया।
लोगों में कयाकिंग कैनोइंग खेल का नाम सुनकर ही जागरूकता बढ़ी। जिसके बाद वह अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए खेल देखने पहुंचे। प्रतियोगिता होने से पीली बांध पर लोगों ने दुकान और ठेले भी लगा लिए। जिससे उनकी खूब खरीदारी हुई। तीन दिवसीय चलने वाली प्रतियोगिता ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी है अमानगढ़ की गोद
अमानगढ़ में प्रकृति का सुंदर नजारा है। अमानगढ़ की गोद प्रकृति ने पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी हुई है। अमानगढ़ 10 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वन्य जीव, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, वनस्पति को समेटे हुए है। यहां 27 बाघ, 100 से ज्यादा हाथी, भालू, चीतल, सांभर, गुलदार, अजगर जैसे दुर्लभ जीव देखने को मिलते हैं।
उधर, डीएम ने कहा कि इस प्रतियाेगिता के आयोजन से जिले को विश्व पटल पर पहचान मिलेगा। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का अफसराें ने परिचय लिया। प्रतियोगिता में पहुंचे डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि पीली बांध पर अंतरराज्यीय केनो स्प्रिंट प्रतियोगिता के सपने को साकार रूप प्रदान हुआ है। इस प्रतियोगिता से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिजनौर अलग पहचान बनेगी।
भारतीय कयाकिंग केनोइंग एसोसिएशन के अधिकारी डीके सिंह ने कहा कि भविष्य में पीली डेम जलाशय में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित कराने की योजना बनाई जाएगी।