Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी को लेकर अनसुनी बातें, धामपुर में बसना चाहते थे राष्ट्रपिता, पढ़ें दिलचस्प किस्से
‘यदि मेरे सामने इतना बड़ा लक्ष्य न होता तो मैं धामपुर में ही बस जाता"। पढ़िए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को लेकर कुछ अनसुनी बातें।
विस्तार
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी धामपुर में 13 अक्तूबर सन 1929 में आए थे। धामपुर आने के बाद गांधी जी बहुत प्रभावित हुए थे। उन्होंने लोगों से धामपुर में बस जाने इच्छा भी जाहिर की थी। आजादी की लड़ाई में सहयोग के लिए क्षेत्र के लोगों ने गांधी जी को भाषण के बाद 644 रुपये पांच आने की एक थैली भेंट की। कई संस्थाओं की ओर से सम्मान पत्र भेंट किए गए थे।
शिक्षाविद यशपाल तुली का कहना है कि गांधी जी रेलवे स्टेशन पर स्वागत करने वालों को कतार में खड़ा देख आश्चर्यचकित हो गए थे। न शोरगुल और न जल्द बाजी, शांति व्यवस्था से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा ‘‘यदि मेरे सामने इतना बड़ा लक्ष्य न होता तो मैं धामपुर में ही बस जाता’’। धामपुर आगमन के बाद क्षेत्रवासी उनके अनुयायी हो गए थे।
बार ऐसोसिएशन धामपुर के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह का कहना है कि धामपुर के लोकतंत्र रक्षक रहे स्व. चरण सिंह सुमन ने अपनी पुस्तक में महात्मा गांधी की धामपुर यात्रा का विस्तार के साथ जिक्र किया है। कहा कि 13 अक्तूबर 1929 को विजयदशमी का पर्व था, गांधी जी दिन में 11:40 मिनट पर रेलगाड़ी से धामपुर पहुंचे थे। इससे पहले वे मुरादाबाद रुके थे। जहां भारी भीड़, लोगों की अव्यवस्था के कारण वह बेहद थक गए थे। जब धामपुर रेलवे प्लेटफार्म पर पहुंचे तो बहुत प्रसन्न हुए थे।
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निरंजन नाम के नाई ने बनाई थी दाढ़ी
धामदेव की नगरी धामपुर पुस्तक के लेखक डॉ. पंकज भारद्वाज का कहना है कि गांधी जी ने लंबे सफर के कारण कई दिनों तक दाढ़ी नहीं बनवाई थी। उन्होंने दाढ़ी बनवाने की इच्छा जताई तो निरंजन सिंह नाम के नाई को बुलाया गया। निरंजन सिंह नाई ने मुल्तानी मिट्टी से गांधी जी की दाढ़ी बनाई थी।
आजादी की लड़ाई में मांगा था सहयोग
दिनेश चंद्र अग्रवाल नवीन का कहना है कि शाम चार बजे गांधी जी ने धामपुर के केएम स्कूल में जनसभा को संबोधित किया था। विजयदशमी का पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग भाषण सुनने को शामिल हुए थे। उनके साथ बाबू पुरुषोत्तम दास टंडन, मिस स्लेड, जेबी कृपलानी, प्यारे लाल, कमलनयन बजाज, देवदास गांधी आदि भी आए थे। भाषण में देश की आजादी की लड़ाई में सहयोग और खादी के अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया था।
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धामपुर पालिका में स्थापित है महात्मा गांधी पार्क
नगर पालिका के भूतपूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय कांता प्रसाद अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में 15 अगस्त 1966 को पालिका परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा की स्थापना कराई थी।