एतिहासिक रिकॉर्ड से चूका शहर: हेलीकॉप्टर पहुंचा... पर नहीं हुई पुष्पवर्षा, फिर जिला पंचायत अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से मांगी माफी
बिजनौर जिला शुक्रवार को एतिहासिक रिकॉर्ड बनाने से चूक गया। मेले पर पुष्पवर्षा के लिए हेलीकॉप्टर तो पहुंच गया लेकिन पुष्पवर्षा नहीं हो सकी। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से माफी मांगी है।
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बिजनौर में हेलीकॉप्टर भी पहुंचा, फूलों का इंतजाम भी किया गया लेकिन, फिर भी पुष्पवर्षा नहीं हो सकी। दरअसल, जिला पंचायत की ओर से बुकिंग किया गया हेलीकॉप्टर पहुंच नहीं पाया और जो पहुंचा उसे मेला क्षेत्र पर उड़ने की अनुमति नहीं थी। घंटों तक चली जद्दोजहद के बाद पुष्पवर्षा के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। इसके लिए जिला पंचायत अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से माफी मांगी है।
शुक्रवार को 11 बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक विदुरकुटी के पास गंगा की रेती में लगे कार्तिक पूर्णिमा मेले में पुष्प वर्षा की जानी थी। यह कार्यक्रम गुरुवार की देर शाम ही तय कर लिया गया था। जिला पंचायत ने करीब दो लाख रुपये में नोएडा प्रभु हैली सर्विस कंपनी में बुकिंग कर दी। प्रशासन की ओर से पुष्प वर्षा के लिए प्रभु एविएशन कंपनी को अनुमति भी दे दी गई। मौसम की खराबी के चलते नोएडा से हेलीकॉप्टर उड़ नहीं पाया। इस बारे में जानकारी करने पर जिला पंचायत अधिकारियों को प्रभु हेली सर्विस कंपनी ने बताया कि उन्होंने देहरादून की आर्यन एविएशन को बुकिंग ट्रांसफर कर दी। करीब तीन बजे एक हेलीकॉप्टर बिजनौर की पुलिस लाइन में उतरा। उसका दरवाजा खोला गया तो उसमें पहले से ही भाजपा नेता प्रिंस चौधरी और एक अन्य बैठे हुए थे और फूल भी रखे थे।
इस पर पुलिस लाइन में जिला पंचायत के अधिकारी और अन्य भाजपा नेता ने बुकिंग कंपनी से संपर्क साधा और युवा प्रिंस चौधरी से हेलीकॉप्टर से उतरने के लिए कहा गया। प्रिंस चौधरी ने बताया कि यह हेलीकॉप्टर उन्होंने बुक किया। घंटों तक चली जद्दोजहद के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। बाद में पुष्प वर्षा के कार्यक्रम को ही रद्द कर दिया गया।
एएमए श्याम बहादुर शर्मा ने बताया कि हमने कंपनी से अपने रुपये वापस मांगे हैं। करीब आधे रुपये वापस आ गए हैं और बाकी रुपये भी लिए जाएंगे।
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मैं नहीं तो तू भी नहीं, इसी में ढल गया दिन... हो गई रात
मैं नहीं तो तू भी नहीं... इसी की जद्दों जहद चलती रही, इसी में दिन ढल गया और फिर रात हो गई। शाम होने तक जब मामला नहीं निपटा तो हेलीकॉप्टर को खड़ा रखना पड़ा। शाम को उड़ान भरने की अनुमति नहीं थी। जिसके चलते हेलीकॉप्टर को रस्से से बांध दिया गया। वहीं पंखुड़ी भी बांध दी गई। कवर से ढक भी दिया गया।
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सुबह नौ बजे से ही जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद राठी समेत अन्य लोग पुलिस लाइन में पहुंच गए थे। जिन्हें हेलीकॉप्टर में सवार होना था। तीन कट्टों में फूल भी भरकर लाए गए थे। प्रिंस चौधरी हेलीकॉप्टर में पुष्प लिए बैठे रहे। कोई भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हुआ और पुष्प वर्षा करने के अरमानों पर पानी फिर गया। पुष्पवर्षा की सियासत में भाजपा में दावेदारों के बीच की गुटबंदी भी सामने आ गई। जिला पंचायत की ओर से पूर्व ब्लॉक प्रमुख और बिजनौर से टिकट की दावेदारी ठोक रहे विनोद राठी पुष्पवर्षा के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए भागदौड़ कर रहे थे। दूसरी ओर बिजनौर से टिकट की दावेदारी ठोक रहे प्रिंस चौधरी हेलीकॉप्टर से घंटों तक नहीं उतरे और दावा करते रहे कि वह हेलीकॉप्टर बुक करके लाए हैं। इसी जद्दों में जहद में अंधेरा हो गया और कोई भी पुष्पवर्षा नहीं कर सका।