UP: गर्मी में युवाओं का खतरनाक ट्रेंड, नहीं कर रहे जिंदगी की परवाह, डेढ़ माह में बुझे 10 से ज्यादा घरों के चिराग
गर्मी में नदियों में नहाने का खतरनाक ट्रेंड लगातार युवाओं की जान ले रहा है। पिछले डेढ़ माह में 10 से ज्यादा घरों के चिराग बुझ गए हैं।
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बिजनौर जिले में एक के बाद एक नदियों में डूबने से लोगों की मौत हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। लोगों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग घाट पर नहीं, बल्कि जंगल क्षेत्र से होकर गुजर रही नदियों में नहा रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने पर नजर डालें तो एक या दो नहीं, बल्कि 15 लोग नदियों में इसी तरह डूब चुके हैं। सबसे बड़ा कारण यह है कि जो लोग डूबे हैं, वह नदी की अनजानी जगह पर नहाने गए थे, वहां उम्मीद से गहरा पानी था, जिसमें वो डूब गए।
गर्मी शुरू हुई तो युवा मंडली पिकनिक मनाने निकल पड़ी। इस बार युवाओं में नदियों के किनारे पिकनिक और फिर वहां नहाने का चलन खतरनाक साबित हो रहा है। जिले में ही नहीं, बल्कि ऐसे लोग जिले से बाहर के क्षेत्र में भी घूमने जा रहे हैं और नदियों के अनजाने कुंड में फंस रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में गंगा, रामगंगा समेत जिलेभर से होकर बह रही नदियों में डूबने से 15 मौत हुई हैं। इसमें अधिकांश मामलों में लापरवाही सामने आई है। लोग ऐसी जगहों पर नहा रहे थे, जहां उन्हें खुद नहीं पता था कि पानी कितना गहरा है। नदियों में बने कुंड में ये लोग ऐसे डूबे कि इनके साथ वाले इन्हें बचा नहीं पाए।
तैरना आता नहीं, फिर भी नदी में उतर गए
नदियों में डूबने के कारण जो मौत हुई हैं, उसमें एक और चौंकाने वाला तथ्य है। इनमें से अधिकांश लोग तैरना ही नहीं जानते थे। इसके बावजूद दोस्तों के कहने से नदी में नहाने उतर गए। गहरे पानी में पहुंचे तो डूबने लगे, लेकिन तैरना न आने के कारण न तो खुद को बचा पाए, न इनमें से कोई दूसरे की मदद कर सका।
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नदियों के आसपास वाले सभी इलाकों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील लगातार की जा रही है। नदियों के आसपास पुलिस को सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जागरूकता के लिए एनाउंसमेंट भी कराए जा रहे हैं। यदि कोई घाट के अलावा नदियों में नहाता मिला तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
डेढ़ महीने में इनकी हुई मौत
- 30 अप्रैल को खो बैराज पर पोषक नहर में डूबने से एक युवक की मौत हो गई, जिसका शव नौगांवा सादात नहर के पास से से चार मई को बरामद हुआ।
- तीन मई को नगीना के चार लोगों की कोटद्वार में आमसौड़-दुर्गादेवी के बीच खेह नदी में डूबने से मौत हो गई।
- चार मई को बिजनौर के बास्टा के तीन युवक हस्तिनापुर में भीमकुंड पुल के नीचे डूब गए।
- चार मई को खुराहेड़ी चंदक निवासी रियाज और अबुल नांग्लसोती के लालपुर सोजी रिश्तेदारी में गए थे, वहां गंगा में दोनों गंगा में डूब गए।
- नौ मई को बिजनौर के बेगावाला की रहने वाली एक लड़की गंगा पार करते हुए डूब गई।
- 11 मई को अफजलगढ़ के गांव कुआंखेड़ा के पांच वर्षीय बालक की रामगंगा नदी में डूबकर मौत हो गई।
- 12 मई को किरतपुर तालाब में नहाने गए किशोर की डूबकर मौत हो गई।
- 15 मई को शेरकोट के गांच भिक्कावाला निवासी हरदीप की पोषक नहर में डूबने से मौत हो गई।
- 16 मई को मुजफ्फरनगर के गांव दतियाना के रहने वाले पांच दोस्त गंगा नदी पर पहुंचे। नहाते हुए एक युवक गंगा में डूब गया।