{"_id":"5f8de0c78ebc3e9bab1b8467","slug":"unemployment-will-also-end-with-malnutrition-bijnor-news-mrt507012176","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण के साथ बेरोजगारी भी खत्म होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण के साथ बेरोजगारी भी खत्म होगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुपोषण के साथ बेरोजगारी भी खत्म होगी
बिजनौर। आंगनबाड़ी केंद्रों में बंटने वाला पोषाहार अब गांव-देहात की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं बनाएंगी। पोषाहार बनाकर इन महिलाओं की बेरोजगारी दूर होगी और वे स्वावलंबी बनेंगी। हर परियोजना में दर्जनों महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
कुपोषण को खत्म करना शासन-प्रशासन की प्राथमिकता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को पोषाहार वितरित किया जाता है। साथ ही बच्चों को मिड डे मील भी दिया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन साल तक के बच्चों को पोषाहार दिया जाता है। पोषाहार की आपूर्ति शासन स्तर से होती है। पिछले दो महीने से केंद्रों पर पोषाहार नहीं दिया जा रहा है। अब पोषाहार शासन से नहीं मिलेगा, बल्कि गांवों में ही बनेगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पोषाहार बनाएंगी। इसकी जांच होगी और इसके बाद यह पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, किशोरियों व नौनिहालों को दिया जाएगा। जिले के सभी 11 ब्लॉक में पोषाहार तैयार किया जाएगा। पोषाहार महिलाओं की बेरोजगारी और नौनिहालों आदि का कुपोषण दोनों दूर करेगा।
केंद्र व प्रदेश सरकार का स्वरोजगार पर बहुत जोर है। इसके लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। नए-नए प्रस्ताव बनाकर महिलाओं को इससे जोड़ा जा रहा है। स्वयं सहायता समूूह की महिलाओं से पोषाहार बनवाने के लिए जिले को पहले ही चुन लिया गया है। खाद्य निगम से गेहूं, दाल, चावल आदि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सीधे ही भिजवाया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार पोषाहार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनाएंगी। इस संबंध में शासनादेश मिला है।
विज्ञापन
परियोजना कुल बच्चे अतिकुपोषित कुपोषित स्वस्थ
शहर बिजनौर 8400 84 279 8037
देवमल 26105 286 2593 23226
हल्दौर 9575 157 487 8931
खारी झालू 12799 203 897 11699
जलीलपुर 28108 492 1404 26212
नूरपुर 28220 605 4471 23144
स्योहारा 21412 283 1696 19433
अफजलगढ़ 24440 256 914 23270
धामपुर 29682 361 2080 27241
नहटौर 22175 431 1729 20015
कोतवाली 42698 374 1699 40625
किरतपुर 23615 313 3141 20161
नजीबाबाद 37182 943 5643 30596
योग 314411 4788 27033 282590
नोट : आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं। बच्चे छह महीने से छह साल तक के हैं।
विज्ञापन
बिजनौर। आंगनबाड़ी केंद्रों में बंटने वाला पोषाहार अब गांव-देहात की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं बनाएंगी। पोषाहार बनाकर इन महिलाओं की बेरोजगारी दूर होगी और वे स्वावलंबी बनेंगी। हर परियोजना में दर्जनों महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
कुपोषण को खत्म करना शासन-प्रशासन की प्राथमिकता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को पोषाहार वितरित किया जाता है। साथ ही बच्चों को मिड डे मील भी दिया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन साल तक के बच्चों को पोषाहार दिया जाता है। पोषाहार की आपूर्ति शासन स्तर से होती है। पिछले दो महीने से केंद्रों पर पोषाहार नहीं दिया जा रहा है। अब पोषाहार शासन से नहीं मिलेगा, बल्कि गांवों में ही बनेगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पोषाहार बनाएंगी। इसकी जांच होगी और इसके बाद यह पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, किशोरियों व नौनिहालों को दिया जाएगा। जिले के सभी 11 ब्लॉक में पोषाहार तैयार किया जाएगा। पोषाहार महिलाओं की बेरोजगारी और नौनिहालों आदि का कुपोषण दोनों दूर करेगा।
विज्ञापन
केंद्र व प्रदेश सरकार का स्वरोजगार पर बहुत जोर है। इसके लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। नए-नए प्रस्ताव बनाकर महिलाओं को इससे जोड़ा जा रहा है। स्वयं सहायता समूूह की महिलाओं से पोषाहार बनवाने के लिए जिले को पहले ही चुन लिया गया है। खाद्य निगम से गेहूं, दाल, चावल आदि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सीधे ही भिजवाया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार पोषाहार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनाएंगी। इस संबंध में शासनादेश मिला है।
विज्ञापन
परियोजना कुल बच्चे अतिकुपोषित कुपोषित स्वस्थ
शहर बिजनौर 8400 84 279 8037
देवमल 26105 286 2593 23226
हल्दौर 9575 157 487 8931
खारी झालू 12799 203 897 11699
जलीलपुर 28108 492 1404 26212
नूरपुर 28220 605 4471 23144
स्योहारा 21412 283 1696 19433
अफजलगढ़ 24440 256 914 23270
धामपुर 29682 361 2080 27241
नहटौर 22175 431 1729 20015
कोतवाली 42698 374 1699 40625
किरतपुर 23615 313 3141 20161
नजीबाबाद 37182 943 5643 30596
योग 314411 4788 27033 282590
नोट : आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं। बच्चे छह महीने से छह साल तक के हैं।