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बिजनौर : नारियल कांड के बाद पानी छोड़ते ही टूटा निर्माणाधीन नाला, धराशायी हुईं दीवार
Wed, 22 Dec 2021 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 12:48 AM IST
सार
करीब पांच दिन पहले इसके एक हिस्से का निर्माण किया गया था।आईटीआई के पास भरा हुआ पानी नाले में छूट गया, जिससे करीब दस मीटर तक नाले की दीवारें धराशायी हो गई।
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बिजनौर-नगीना रोड पर टूटे निर्माणाधीन नाले को दोबारा बनाते श्रमिक।
- फोटो : BIJNOR
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पिछले दिनों जिले में एक सड़क नारियल तोड़ने से ही बिखर गई थी, वहीं झालू में भी नाले निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग ने तूल पकड़ा। अब बिजनौर में निर्माणाधीन नाले की दीवार पानी छूटते ही धराशायी हो गई, हालांकि तुरंत इसे दुरुस्त भी करा दिया गया।
बिजनौर नगर पालिका की ओर से नगीना रोड पर आईटीआई के पास 18 लाख रुपये की लागत से 220 मीटर लंबे नाले का निर्माण कराया जा रहा है। अभी करीब 100 मीटर ही नाला बना होगा। आईटीआई के पास से नाला बनकर चक्कर रोड तक जाना है। करीब पांच दिन पहले इसके एक हिस्से का निर्माण किया गया था।
आईटीआई के पास भरा हुआ पानी नाले में छूट गया, जिससे करीब दस मीटर तक नाले की दीवारें धराशायी हो गई। नाला गिरा तो आगे का निर्माण छोड़ मजदूरों को पीछे लगा दिया गया। आनन फानन में नाले की दीवारों को फिर से बनाया गया। ठेकेदार ने बताया कि जिस जगह नाले की दीवार गिरी थी, वहां जेसीबी से गहरा गड्ढा हो गया था। निर्माणाधीन नाले में पानी आया तो मिट्टी नीचे बैठ गई, जिससे नाले की दीवार गिर गई।
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नाला अभी बनाया जा रहा है। निर्माणाधीन नाले में ही पानी छोड़ दिया गया था, जिससे कुछ ही दूरी का नाला टूटा, हालांकि उसे सुधार दिया गया है। अभी निर्माण चल रहा है। - यशवंत, जेई पालिका।
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बिजनौर नगर पालिका की ओर से नगीना रोड पर आईटीआई के पास 18 लाख रुपये की लागत से 220 मीटर लंबे नाले का निर्माण कराया जा रहा है। अभी करीब 100 मीटर ही नाला बना होगा। आईटीआई के पास से नाला बनकर चक्कर रोड तक जाना है। करीब पांच दिन पहले इसके एक हिस्से का निर्माण किया गया था।
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आईटीआई के पास भरा हुआ पानी नाले में छूट गया, जिससे करीब दस मीटर तक नाले की दीवारें धराशायी हो गई। नाला गिरा तो आगे का निर्माण छोड़ मजदूरों को पीछे लगा दिया गया। आनन फानन में नाले की दीवारों को फिर से बनाया गया। ठेकेदार ने बताया कि जिस जगह नाले की दीवार गिरी थी, वहां जेसीबी से गहरा गड्ढा हो गया था। निर्माणाधीन नाले में पानी आया तो मिट्टी नीचे बैठ गई, जिससे नाले की दीवार गिर गई।
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नाला अभी बनाया जा रहा है। निर्माणाधीन नाले में ही पानी छोड़ दिया गया था, जिससे कुछ ही दूरी का नाला टूटा, हालांकि उसे सुधार दिया गया है। अभी निर्माण चल रहा है। - यशवंत, जेई पालिका।
गुणवत्ता में फेल मिलीं नाले में लगने वाली ईंटें
झालू में नाला निर्माण में शिकायत के बाद जांच को गई ईंट गुणवत्ता की परीक्षा में फेल हो गई। लैब से इसकी रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय पहुंच गई।झालू में दो सप्ताह पहले नाला निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी कि नीचे कम ईंटे लगाकर दीवार तैयार की जा रही है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक को ईंटों की गुणवत्ता खराब मिली। दस ईंट को जांच के लिए लैब भेज दिया गया। मंगलवार को रिपोर्ट आई तो पता चला कि ईंटों की गुणवत्ता तय मानकों से बहुत खराब स्तर की है। एसडीएम सदर ने बताया कि रिपोर्ट में ईंटों की गुणवत्ता बहुत खराब आई है। जांच पूरी कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया से लेकर निर्माण सामग्री में गड़बड़ी
एसडीएम सदर ने बताया कि जांच में सामने आया था कि नाला निर्माण में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई थी। इसके बाद मौके पर निर्माण सामग्री, निर्माण के तरीके समेत पांच से ज्यादा बिंदुओं पर गड़बड़ी मिली थी। सभी को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है।
जल्द गिर सकती है गाज
नाला निर्माण में गड़बड़ी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाएगी। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह के अंत तक गड़बड़ी करने वाले व इसमें शामिल अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
झालू में नाला निर्माण में शिकायत के बाद जांच को गई ईंट गुणवत्ता की परीक्षा में फेल हो गई। लैब से इसकी रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय पहुंच गई।झालू में दो सप्ताह पहले नाला निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी कि नीचे कम ईंटे लगाकर दीवार तैयार की जा रही है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक को ईंटों की गुणवत्ता खराब मिली। दस ईंट को जांच के लिए लैब भेज दिया गया। मंगलवार को रिपोर्ट आई तो पता चला कि ईंटों की गुणवत्ता तय मानकों से बहुत खराब स्तर की है। एसडीएम सदर ने बताया कि रिपोर्ट में ईंटों की गुणवत्ता बहुत खराब आई है। जांच पूरी कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया से लेकर निर्माण सामग्री में गड़बड़ी
एसडीएम सदर ने बताया कि जांच में सामने आया था कि नाला निर्माण में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई थी। इसके बाद मौके पर निर्माण सामग्री, निर्माण के तरीके समेत पांच से ज्यादा बिंदुओं पर गड़बड़ी मिली थी। सभी को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है।
जल्द गिर सकती है गाज
नाला निर्माण में गड़बड़ी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाएगी। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह के अंत तक गड़बड़ी करने वाले व इसमें शामिल अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।