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Bijnor News: पटाखों की आवाज सुनते ही दौड़े उलमा
Sun, 28 Apr 2024 03:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 28 Apr 2024 03:36 AM IST
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बिजनौर,
नींदडू। बीती रात पटाखों की आवाज सुनाई पड़ते ही उलमा आवाज की ओर दौड़ पड़े, किंतु चालाक युवकों ने उलमा के पहुंचने से पहले ही आतिशबाजी बंद कर दी।
शुक्रवार की रात करीब 10 बजे एक मोहल्ले में आतिशबाजी और डीजे की आवाज गूंजने लगी। पटाखों की आवाज सुनाई देते ही आलिमों ने एक दूसरे से संपर्क किया और फिर मौके पर पहुंच गए। एक व्यक्ति के यहां अकीके में पटाखे छोड़े जा रहे थे। उलमा को आते देख युवकों ने पटाखे छोड़ने बंद कर दिए। उलमा उन्हें समझाकर वापस चले गए। उस व्यक्ति के यहां बाद में उस समय फिर पटाखे छोड़ गए। टांडा वाल्मीकि में युवती की शादी में डीजे बजाने के साथ पटाखे भी छोड़े जा रहे थे।
नींदडू खास, बाजीदपुर-बीरू और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के उलमा ने शादी, निकाह एवं अकीके में नाच-गाने, डीजे व लाउडस्पीकर बजाने, बैंड-बाजे से बारात चढ़ाने, आतिशबाजी छोड़ने, महिलाओं के बारात में जाने, बारात घरों में पुरुषों व महिलाओं के एक साथ भोजन करने और अवयस्क कन्याओं के बारात का स्वागत करने समेत कई मामलोंं में पाबंदी लगा रखी है।
लेकिन ईद-उल-फितर के बाद होने वाली ज्यादातर शादियों में आतिशबाजी, ढोल व डीजे आदि का पुनः उपयोग किए जाने से उलमा आहत हैं। पटाखों की आवाज सुनाई देते ही उलमा मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाते हैं। ज्यादातर बाराती पाबंदी की जानकारी नहीं होने की बात कहकर खेद व्यक्त कर भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन देते हैं। उलमा ने युवकों के शराब पीकर हुड़दंग करने की आलोचना करते हुए परिजनों से अपने बच्चों को समझाने को कहा है।
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नींदडू। बीती रात पटाखों की आवाज सुनाई पड़ते ही उलमा आवाज की ओर दौड़ पड़े, किंतु चालाक युवकों ने उलमा के पहुंचने से पहले ही आतिशबाजी बंद कर दी।
शुक्रवार की रात करीब 10 बजे एक मोहल्ले में आतिशबाजी और डीजे की आवाज गूंजने लगी। पटाखों की आवाज सुनाई देते ही आलिमों ने एक दूसरे से संपर्क किया और फिर मौके पर पहुंच गए। एक व्यक्ति के यहां अकीके में पटाखे छोड़े जा रहे थे। उलमा को आते देख युवकों ने पटाखे छोड़ने बंद कर दिए। उलमा उन्हें समझाकर वापस चले गए। उस व्यक्ति के यहां बाद में उस समय फिर पटाखे छोड़ गए। टांडा वाल्मीकि में युवती की शादी में डीजे बजाने के साथ पटाखे भी छोड़े जा रहे थे।
नींदडू खास, बाजीदपुर-बीरू और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के उलमा ने शादी, निकाह एवं अकीके में नाच-गाने, डीजे व लाउडस्पीकर बजाने, बैंड-बाजे से बारात चढ़ाने, आतिशबाजी छोड़ने, महिलाओं के बारात में जाने, बारात घरों में पुरुषों व महिलाओं के एक साथ भोजन करने और अवयस्क कन्याओं के बारात का स्वागत करने समेत कई मामलोंं में पाबंदी लगा रखी है।
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लेकिन ईद-उल-फितर के बाद होने वाली ज्यादातर शादियों में आतिशबाजी, ढोल व डीजे आदि का पुनः उपयोग किए जाने से उलमा आहत हैं। पटाखों की आवाज सुनाई देते ही उलमा मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाते हैं। ज्यादातर बाराती पाबंदी की जानकारी नहीं होने की बात कहकर खेद व्यक्त कर भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन देते हैं। उलमा ने युवकों के शराब पीकर हुड़दंग करने की आलोचना करते हुए परिजनों से अपने बच्चों को समझाने को कहा है।
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