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रामगंगा जल विद्युत गृह की मशीनों को चलाने में करनी पड़ रही मशक्कत
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कालागढ़ स्थित अफजलगढ़ बैराज से गुजरता रामगंगा बांध का पानी।
- फोटो : DHAMPUR
दो टर्बाइन चलीं, नदी में पानी बढ़ा, बिजली उत्पादन भी बढ़ा
कालागढ। रामगंगा जल विद्युत गृह में टर्बाइन समय से न चल सकी। काफी मशक्कत के बाद पहले एक ही टर्बाइन चल सकी, लेकिन बाद में दूसरी टर्बाइन भी चल गई। नदी में पानी की मात्रा दोगुनी हो गई। वहीं बिजली का उत्पादन भी बढ़ गया है। जबकि पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते कालागढ़ बांध के जलाशय का जलस्तर 355.340 मीटर को पार करने के बाद बांध से पानी की निकासी के आदेश विद्युत उत्पादन के द्वारा दिए गए।
रामगंगा बांध से जल विद्युत गृह को 3300 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड केवल एक ही मशीन को चलाने में कामयाब हो सका। सोमवार को रामगंगा बांध का जलस्तर 355.180 मीटर होने के बाद बांध से पानी की निकासी के आदेश सिंचाई विभाग ने जारी कर दिए। बांध से 3300 क्यूसेक पानी विद्युत गृह को दे दिया गया। दस बजे तक एक भी टर्बाइन नहीं चल पायी। दस बजे के बाद एक टर्बाइन चली। एक मशीन से 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड उप प्रबंधक पंकज अग्रवाल का कहना है कि युद्ध स्तर पर टर्बाइन की मरम्मत का कार्य रात भर चला। बांध से मिलने वाले पानी में से 1500 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी।
मंगलवार सांय रामगंगा जल विद्युत गृह से दूसरी टरबाइन ने भी विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया है। उप महाप्रबंधक पंकज अग्रवाल के अनुसार अब पावर हाउस से 72 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। पावर हाउस से पानी की निकासी 3300 क्यूसेक हो गई है। रामगंगा बांध से निकला पानी स्टील ब्रिज होकर अफजलगढ़ बैराज के गेटों को पार करता हुआ नदी में प्रवाहित होने लगा है। नदी का जलस्तर व प्रवाह भी बढ़ गया है।
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कालागढ। रामगंगा जल विद्युत गृह में टर्बाइन समय से न चल सकी। काफी मशक्कत के बाद पहले एक ही टर्बाइन चल सकी, लेकिन बाद में दूसरी टर्बाइन भी चल गई। नदी में पानी की मात्रा दोगुनी हो गई। वहीं बिजली का उत्पादन भी बढ़ गया है। जबकि पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते कालागढ़ बांध के जलाशय का जलस्तर 355.340 मीटर को पार करने के बाद बांध से पानी की निकासी के आदेश विद्युत उत्पादन के द्वारा दिए गए।
रामगंगा बांध से जल विद्युत गृह को 3300 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड केवल एक ही मशीन को चलाने में कामयाब हो सका। सोमवार को रामगंगा बांध का जलस्तर 355.180 मीटर होने के बाद बांध से पानी की निकासी के आदेश सिंचाई विभाग ने जारी कर दिए। बांध से 3300 क्यूसेक पानी विद्युत गृह को दे दिया गया। दस बजे तक एक भी टर्बाइन नहीं चल पायी। दस बजे के बाद एक टर्बाइन चली। एक मशीन से 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड उप प्रबंधक पंकज अग्रवाल का कहना है कि युद्ध स्तर पर टर्बाइन की मरम्मत का कार्य रात भर चला। बांध से मिलने वाले पानी में से 1500 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी।
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मंगलवार सांय रामगंगा जल विद्युत गृह से दूसरी टरबाइन ने भी विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया है। उप महाप्रबंधक पंकज अग्रवाल के अनुसार अब पावर हाउस से 72 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। पावर हाउस से पानी की निकासी 3300 क्यूसेक हो गई है। रामगंगा बांध से निकला पानी स्टील ब्रिज होकर अफजलगढ़ बैराज के गेटों को पार करता हुआ नदी में प्रवाहित होने लगा है। नदी का जलस्तर व प्रवाह भी बढ़ गया है।
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