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ट्रैप कैमरे फिर कैद हुआ गुलदार का फोटो
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मंडावर के ग्राम मोहंडिया के जंगल में कैमरे में कैद हुआ गुलदार।
- फोटो : BIJNOR
ट्रैप कैमरे में फिर कैद हुआ गुलदार
मंडावर। गांव मोहंडिया के जंगल में एक बार फिर से गुलदार ने वापसी कर ली है। गुलदार को पिंजरे में फंसाने के लिए वन विभाग ने पिंजरों में केट ल्योर लगाया है। विभाग के कर्मचारियों को उम्मीद है कि कैट ल्योर की गंध से अब गुलदार जल्दी ही पिंजरे में फंस सकता है।
गांव मोहंडिया के जंगल में कई दिन से छिपा गुलदार अब गांव रतनपुर के जंगलों में दिखाई देने लगा था। विभाग ने गांव रतनपुर में भी गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं। शनिवार रात गुलदार फिर से गांव मोहंडिया के जंगल में पहुंच गया। वहां उसने एक खेत में किसी वन्यजीव को निवाला बनाया था। रविवार को वन विभाग की टीम कैट ल्योर लगाने के लिए जंगल में पहुंची तो मालन नदी की ओर लगे पिंजरे के पास गुलदार के पंजों के निशान दिखाई दिए। डीएफओ एम सेम्मारन ने पिंजरों के अंदर कैट ल्योर लगाया। कैट ल्योर में गुलदार के मूत्र में मिलने वाले केमिकल होते हैं। कैट ल्योर पहले भी पिंजरों में लगवाया गया था, लेकिन तब बारिश होने पर इसकी गंध धुल गई थी। शनिवार को गांव मोहंडिया में फिर से गुलदार की मौजूदगी मिलने पर रविवार रात कैट ल्योर पिंजरों में लगाया गया। सुबह को ट्रैप कैमरों की जांच की गई तो रविवार रात सवा सात बजे गुलदार की फोटो कैमरे के सामने से गुजरते हुए ट्रैप हुई।
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मंडावर। गांव मोहंडिया के जंगल में एक बार फिर से गुलदार ने वापसी कर ली है। गुलदार को पिंजरे में फंसाने के लिए वन विभाग ने पिंजरों में केट ल्योर लगाया है। विभाग के कर्मचारियों को उम्मीद है कि कैट ल्योर की गंध से अब गुलदार जल्दी ही पिंजरे में फंस सकता है।
गांव मोहंडिया के जंगल में कई दिन से छिपा गुलदार अब गांव रतनपुर के जंगलों में दिखाई देने लगा था। विभाग ने गांव रतनपुर में भी गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं। शनिवार रात गुलदार फिर से गांव मोहंडिया के जंगल में पहुंच गया। वहां उसने एक खेत में किसी वन्यजीव को निवाला बनाया था। रविवार को वन विभाग की टीम कैट ल्योर लगाने के लिए जंगल में पहुंची तो मालन नदी की ओर लगे पिंजरे के पास गुलदार के पंजों के निशान दिखाई दिए। डीएफओ एम सेम्मारन ने पिंजरों के अंदर कैट ल्योर लगाया। कैट ल्योर में गुलदार के मूत्र में मिलने वाले केमिकल होते हैं। कैट ल्योर पहले भी पिंजरों में लगवाया गया था, लेकिन तब बारिश होने पर इसकी गंध धुल गई थी। शनिवार को गांव मोहंडिया में फिर से गुलदार की मौजूदगी मिलने पर रविवार रात कैट ल्योर पिंजरों में लगाया गया। सुबह को ट्रैप कैमरों की जांच की गई तो रविवार रात सवा सात बजे गुलदार की फोटो कैमरे के सामने से गुजरते हुए ट्रैप हुई।
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