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टाइगर सफ़ारी शुरू होने में अभी वक्त लगेगा
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कार्बेट टाइगर रिजर्व के बीच से होकर बह रही रामगंगा नदी से बाहर आता बाघ।
- फोटो : DHAMPUR
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टाइगर सफारी शुरू होने में अभी और लगेगा वक्त
अथहर महमूद सिद्दीकी
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में टाइगर सफारी शुरू करने के लिए वन विभाग को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के आदेशों का इंतजार है। वन विभाग ने टाइगर सफारी के लिए सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है।
2019 में कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में टाइगर सफारी का कार्य शुरू हुआ था। पर्यटकों को बाघों के दीदार कराने के लिए दो बाड़े तैयार किए गए हैं। इसके लिए वन विभाग ने पाखरों में प्रवेश द्वार बनाया है, जिस तक पहुंचने के लिए बिजनौर के बढ़ापुर से संपर्क मार्ग व कोटद्वार से मोटर मार्ग सुलभ है। वन विभाग ने टाइगर सफारी के लिए सभी तैयारी पूरी करने का दावा किया है। कुछ सामान्य कार्य पूरा करने में दो से तीन माह का समय लगेगा। (संवाद)
तीन बाड़ों में पांच बाघ छोड़े जाऐंगे
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल ने बताया कि तीन बाड़ों में पांच बाघ छोड़े जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेजा गया है। उनके आदेश मिलने पर बाघों को लाकर इन बाड़ों में रखा जाएगा। बाघों के व्यवहार का अध्ययन किया जाएगा। जब बाघ उसमें रहने के अभ्यस्त हो जाएंगे तो टाइगर सफारी शुरू कर दी जाएगी।
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कालागढ़ से भी पाखरों तक जाने का प्रस्ताव
राहुल का कहना है कि कालागढ़ से पाखरों तक वन मोटर मार्ग से पर्यटकों के आने जाने का भी प्रस्ताव वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। जब आदेश मिलेंगे तो यहां से भी पर्यटक टाइगर सफारी के लिए जा सकेंगे।
बिजनौर जनपद को मिलेगा अधिक लाभ
कार्बेट टाइगर रिजर्व स्थित कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा व स्वागत कार्यालय जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा पर स्थित है। बिजनौर शहर से नगीना होकर बढ़ापुर से पाखरो पहुंचना सुलभ है। बढ़ापुर से दिल्ली के लिए रोडवेज सेवा भी उपलब्ध है। पर्यटक दिल्ली से पांच घंटे में बस मार्ग से पाखरो पहुंच सकेंगे। इसके अलावा टैक्सी व्यवसाय को भी लाभ मिलेगा। बढ़ापुर से पाखरो तक के मार्ग की लोक निर्माण विभाग को मरम्मत करानी होगी।
अनेक जांच भी चल रहीं
टाइगर सफारी के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान का मामला चर्चा में है, जिसकी जांच वन विभाग के उच्चाधिकारी कर रहे हैं। कालागढ़ से पाखरो तक के मार्ग की मरम्मत का कार्य बीच में ही रुका है, इसकी विजिलेंस जांच भी चल रही है।
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अथहर महमूद सिद्दीकी
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में टाइगर सफारी शुरू करने के लिए वन विभाग को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के आदेशों का इंतजार है। वन विभाग ने टाइगर सफारी के लिए सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है।
2019 में कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में टाइगर सफारी का कार्य शुरू हुआ था। पर्यटकों को बाघों के दीदार कराने के लिए दो बाड़े तैयार किए गए हैं। इसके लिए वन विभाग ने पाखरों में प्रवेश द्वार बनाया है, जिस तक पहुंचने के लिए बिजनौर के बढ़ापुर से संपर्क मार्ग व कोटद्वार से मोटर मार्ग सुलभ है। वन विभाग ने टाइगर सफारी के लिए सभी तैयारी पूरी करने का दावा किया है। कुछ सामान्य कार्य पूरा करने में दो से तीन माह का समय लगेगा। (संवाद)
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तीन बाड़ों में पांच बाघ छोड़े जाऐंगे
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल ने बताया कि तीन बाड़ों में पांच बाघ छोड़े जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेजा गया है। उनके आदेश मिलने पर बाघों को लाकर इन बाड़ों में रखा जाएगा। बाघों के व्यवहार का अध्ययन किया जाएगा। जब बाघ उसमें रहने के अभ्यस्त हो जाएंगे तो टाइगर सफारी शुरू कर दी जाएगी।
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कालागढ़ से भी पाखरों तक जाने का प्रस्ताव
राहुल का कहना है कि कालागढ़ से पाखरों तक वन मोटर मार्ग से पर्यटकों के आने जाने का भी प्रस्ताव वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। जब आदेश मिलेंगे तो यहां से भी पर्यटक टाइगर सफारी के लिए जा सकेंगे।
बिजनौर जनपद को मिलेगा अधिक लाभ
कार्बेट टाइगर रिजर्व स्थित कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा व स्वागत कार्यालय जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा पर स्थित है। बिजनौर शहर से नगीना होकर बढ़ापुर से पाखरो पहुंचना सुलभ है। बढ़ापुर से दिल्ली के लिए रोडवेज सेवा भी उपलब्ध है। पर्यटक दिल्ली से पांच घंटे में बस मार्ग से पाखरो पहुंच सकेंगे। इसके अलावा टैक्सी व्यवसाय को भी लाभ मिलेगा। बढ़ापुर से पाखरो तक के मार्ग की लोक निर्माण विभाग को मरम्मत करानी होगी।
अनेक जांच भी चल रहीं
टाइगर सफारी के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान का मामला चर्चा में है, जिसकी जांच वन विभाग के उच्चाधिकारी कर रहे हैं। कालागढ़ से पाखरो तक के मार्ग की मरम्मत का कार्य बीच में ही रुका है, इसकी विजिलेंस जांच भी चल रही है।