{"_id":"6a8f51f7cd9145faa20d4bac","slug":"tiger-dies-during-treatment-at-corbett-tiger-reserves-rescue-centre-bijnor-news-c-27-1-bij1025-188558-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: कार्बेट टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर में उपचार के दौरान बाघ की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: कार्बेट टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर में उपचार के दौरान बाघ की मौत
विज्ञापन
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर में दो महीने से उपचार किए जा रहे बाघ की मौत हो गई। वन विभाग ने बाघ का राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में 26 जून को फांटो रेंज से एक नर बाघ को अत्यंत गंभीर हालत में लाया गया था। बाघ की उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार को बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। इस दौरान उसके शरीर के जैविक नमूने बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान व देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं।
पोस्टमार्टम के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक आईएफएस राहुल मिश्रा, कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल, नैनीताल जू के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु पांगती, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि कुंदन सिंह खाती, एनजीओ के प्रतिनिधि सोहिनी शाह, मनोज सती, इदरीस हुसैन, वन अधिकारी नवीन चंद्र पांडे, सरत सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
- लगातार स्वास्थ्य निगरानी जारी रही
कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल का कहना है कि बाघ का निरंतर उपचार किया जा रहा था। बाघ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके उपचार व देखभाल के सभी प्रयास किए गए। मंगलवार की सायं उसने अंतिम सांस ली।
विज्ञापन
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में 26 जून को फांटो रेंज से एक नर बाघ को अत्यंत गंभीर हालत में लाया गया था। बाघ की उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार को बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। इस दौरान उसके शरीर के जैविक नमूने बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान व देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक आईएफएस राहुल मिश्रा, कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल, नैनीताल जू के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु पांगती, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि कुंदन सिंह खाती, एनजीओ के प्रतिनिधि सोहिनी शाह, मनोज सती, इदरीस हुसैन, वन अधिकारी नवीन चंद्र पांडे, सरत सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
- लगातार स्वास्थ्य निगरानी जारी रही
कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल का कहना है कि बाघ का निरंतर उपचार किया जा रहा था। बाघ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके उपचार व देखभाल के सभी प्रयास किए गए। मंगलवार की सायं उसने अंतिम सांस ली।