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पत्नी पर बुरी नजर डाली तो जाली नोटों में फंसा दिया, तीन गिरफ्तार
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पत्नी पर बुरी नजर डाली तो जाली नोटों में फंसा दिया, तीन गिरफ्तार
बिजनौर। दो दिन पहले नजीबाबाद में 58 हजार रुपये कीमत के नकली नोटों के साथ गुलफाम सहित तीन लोगों के पकड़े जाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। गुलफाम अपने एक रिश्तेदार कय्यूम की पत्नी पर बुरी नजर रखता था, जिसके चलते कय्यूम ने उसे फंसाने के लिए नकली नोट का बैग उनकी कार में रखवा दिया और पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने नकली नोटों के धंधे से जुड़े कय्यूम, वरुण और कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। गुलफाम और उसके दो साथियों को छोड़ दिया है।
इस मामले में बुधवार को गिरफ्तार आरोपी कय्यूम निवासी बुध बाजार कस्बा नूरपुर का रहने वाला है और फिलहाल मोहम्मद असलतपुरा मेहंदी का चौराहा गलशहीद मुरादाबाद में रह रहा था। वरुण और कौशल कृष्णरामपुर थाना स्योहारा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने सौ के 525 जाली नोट, पांच सौ के 11 जाली नोट, कुल 58 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। 4830 रुपये असली नोट भी बरामद किए हैं।
एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गुलाबबाड़ी चूड़ी वाली गली, थाना कटघर मुरादाबाद निवासी गुलफाम कय्यूम की पत्नी पर बुरी नजर रखता था। उसी के मोहल्ले के शमशाद पुत्र यूसुफ और शमशाद पुत्र अकबर भी उसका साथ देते थे। इसी रंजिश में जाली नोट थमाकर इन्हें हरिद्वार भेज दिया और नजीबाबाद पुलिस को सूचना देकर पकड़वा दिया था। अब असली आरोपियों को गिरफ्तार कर, उन्हें छोड़ दिया है।
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बरेली से लाए नकली नोट, नेपाल से भी जुड़े हो सकते हैं तार
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों ने बरेली के गांव शाहपुरा थाना शीशगढ़ के रहने वाले पवन सिंह से नकली नोट लिए थे। इससे पहले भी ये जाली नोट भीड़भाड़ वाले बाजार में चला चुके हैं। पिछले काफी समय से आरोपी तस्करी कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि नेपाल से बरेली के रास्ते नकली नोट लाकर भारत में खपाए जा रहे हैं। पूरा खुलासा पवन की गिरफ्तारी के बाद होगा।
वरुण से कराई दोस्ती, नौकरी के बहाने भेज रहे थे हरिद्वार
बिजनौर। पुलिस के अनुसार कय्यूम ने अपने रिश्तदारों को फंसाने के लिए अपने साथी वरुण से मिलकर साजिश रची। वरुण ने खुद को रोहित बताते हुए गुलफाम और उसके साथियों से दोस्ती की। बाद में इन्हें हरिद्वार में काम दिलाने के बहाने वहां भेज दिया। जिस कार से निर्दोष बताए गए तीनों लोग हरिद्वार जा रहे थे, उसी गाड़ी में नजीबाबाद से एक व्यक्ति को बैठाया गया जो कार में बैग रखकर किसी बहाने कार से उतर गया।
गुलफाम और उसके साथी कय्यूम पत्नी पक्ष से रिश्तेदार है। ये उसके घर आते-जाते रहते थे,जो कय्यूम को नागवार लगता था। उसने पुलिस को बताया कि गुलफाम उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था, कई बार उसने गुलफाम को समझाया। अन्य दोनों शमशाद गुलफाम का ही साथ देते थे। इसी वजह से कय्यूम तीनों को फंसाना चाहता था। पुलिस ने जब नकली नोटों के साथ गुलफाम और उसके साथियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो वह कुछ खास जानकारी नहीं दे पाए, इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मामला खुलता चला गया। कय्यूम और उसके साथी काफी समय से नकली नोटों के धंधे से जुड़े हैं। संवाद
नजीबाबाद में जड़ें गहरी होने का आशंका
भले ही किसी को फंसाने में जाली नोटों की तस्करी का गिरोह पकड़ा गया हो, लेकिन गिरोह की जड़े नजीबाबाद में भी गहरी होने का आशंका जाहिर की जा रही है। सूत्रों की मानें तो नकली नोटों की खेप नजीबाबाद में पहले भी पहुंचती रही है। नजीबाबाद से कोटद्वार और हरिद्वार के भी तार जुड़े होने की पुलिस जांच कर रही है। चर्चा यह है कि इस गिरोह से नजीबाबाद के कुछ लोग जुड़े हुए हैं।
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बिजनौर। दो दिन पहले नजीबाबाद में 58 हजार रुपये कीमत के नकली नोटों के साथ गुलफाम सहित तीन लोगों के पकड़े जाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। गुलफाम अपने एक रिश्तेदार कय्यूम की पत्नी पर बुरी नजर रखता था, जिसके चलते कय्यूम ने उसे फंसाने के लिए नकली नोट का बैग उनकी कार में रखवा दिया और पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने नकली नोटों के धंधे से जुड़े कय्यूम, वरुण और कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। गुलफाम और उसके दो साथियों को छोड़ दिया है।
इस मामले में बुधवार को गिरफ्तार आरोपी कय्यूम निवासी बुध बाजार कस्बा नूरपुर का रहने वाला है और फिलहाल मोहम्मद असलतपुरा मेहंदी का चौराहा गलशहीद मुरादाबाद में रह रहा था। वरुण और कौशल कृष्णरामपुर थाना स्योहारा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने सौ के 525 जाली नोट, पांच सौ के 11 जाली नोट, कुल 58 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। 4830 रुपये असली नोट भी बरामद किए हैं।
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एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गुलाबबाड़ी चूड़ी वाली गली, थाना कटघर मुरादाबाद निवासी गुलफाम कय्यूम की पत्नी पर बुरी नजर रखता था। उसी के मोहल्ले के शमशाद पुत्र यूसुफ और शमशाद पुत्र अकबर भी उसका साथ देते थे। इसी रंजिश में जाली नोट थमाकर इन्हें हरिद्वार भेज दिया और नजीबाबाद पुलिस को सूचना देकर पकड़वा दिया था। अब असली आरोपियों को गिरफ्तार कर, उन्हें छोड़ दिया है।
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बरेली से लाए नकली नोट, नेपाल से भी जुड़े हो सकते हैं तार
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों ने बरेली के गांव शाहपुरा थाना शीशगढ़ के रहने वाले पवन सिंह से नकली नोट लिए थे। इससे पहले भी ये जाली नोट भीड़भाड़ वाले बाजार में चला चुके हैं। पिछले काफी समय से आरोपी तस्करी कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि नेपाल से बरेली के रास्ते नकली नोट लाकर भारत में खपाए जा रहे हैं। पूरा खुलासा पवन की गिरफ्तारी के बाद होगा।
वरुण से कराई दोस्ती, नौकरी के बहाने भेज रहे थे हरिद्वार
बिजनौर। पुलिस के अनुसार कय्यूम ने अपने रिश्तदारों को फंसाने के लिए अपने साथी वरुण से मिलकर साजिश रची। वरुण ने खुद को रोहित बताते हुए गुलफाम और उसके साथियों से दोस्ती की। बाद में इन्हें हरिद्वार में काम दिलाने के बहाने वहां भेज दिया। जिस कार से निर्दोष बताए गए तीनों लोग हरिद्वार जा रहे थे, उसी गाड़ी में नजीबाबाद से एक व्यक्ति को बैठाया गया जो कार में बैग रखकर किसी बहाने कार से उतर गया।
गुलफाम और उसके साथी कय्यूम पत्नी पक्ष से रिश्तेदार है। ये उसके घर आते-जाते रहते थे,जो कय्यूम को नागवार लगता था। उसने पुलिस को बताया कि गुलफाम उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था, कई बार उसने गुलफाम को समझाया। अन्य दोनों शमशाद गुलफाम का ही साथ देते थे। इसी वजह से कय्यूम तीनों को फंसाना चाहता था। पुलिस ने जब नकली नोटों के साथ गुलफाम और उसके साथियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो वह कुछ खास जानकारी नहीं दे पाए, इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मामला खुलता चला गया। कय्यूम और उसके साथी काफी समय से नकली नोटों के धंधे से जुड़े हैं। संवाद
नजीबाबाद में जड़ें गहरी होने का आशंका
भले ही किसी को फंसाने में जाली नोटों की तस्करी का गिरोह पकड़ा गया हो, लेकिन गिरोह की जड़े नजीबाबाद में भी गहरी होने का आशंका जाहिर की जा रही है। सूत्रों की मानें तो नकली नोटों की खेप नजीबाबाद में पहले भी पहुंचती रही है। नजीबाबाद से कोटद्वार और हरिद्वार के भी तार जुड़े होने की पुलिस जांच कर रही है। चर्चा यह है कि इस गिरोह से नजीबाबाद के कुछ लोग जुड़े हुए हैं।