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तीन चीनी मिलों को मिला 72 करोड़ का सीसीएल
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तीन चीनी मिलों को मिला 72 करोड़ का सीसीएल
बिजनौर। जिले की तीन चीनी मिलों को 72 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। इनमें दो चीनी मिल वेव ग्रुप की हैं। अब बैंक इन मिलों की चीनी को गिरवी रखकर और लोन देंगे। इस लोन से किसानों का भुगतान किया जाएगा। इससे 80 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।
चीनी का उठान न होने से मिलें किसानों को समय से भुगतान नहीं कर पा रही हैं। बिजनौर की सभी नौ चीनी मिलें गन्ना भुगतान में पिछड़ी हुई हैं। इन मिलों ने गन्ना भुगतान के लिए बैंक से सीसीएल मांगा है। इसमें बैंकों को चीनी गिरवी रखकर लोन लिया जाता है। जिले की तीन चीनी मिलों को 72 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। वेव ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल को 30 करोड़ व चांदपुर चीनी मिल को 12 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। इसके अलावा उत्तम ग्रुप की बरकातपुर चीनी मिल को भी 30 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। उत्तर ग्रुप की लिब्राहेड़ी व एक अन्य चीनी मिल को 15-15 करोड़ का सीसीएल मिला है। ये दोनों चीनी मिल बिजनौर जिले की नहीं हैं, लेकिन लिब्राहेड़ी चीनी मिल में मंडावर के काफी किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की डायरेक्टर इंदिरा सिंह, भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक डा.बीरबल सिंह व किसान नेता पदम सिंह काफी समय से सीसीएल मंजूर कराने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण बैंक में काम होने में देरी हुई। किसान नेता पदम सिंह ने बताया कि बैंकों की पिछले साल की रॉ शुगर बनाने पर लंबित सब्सिडी का भुगतान भी कराया गया है।
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बिजनौर। जिले की तीन चीनी मिलों को 72 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। इनमें दो चीनी मिल वेव ग्रुप की हैं। अब बैंक इन मिलों की चीनी को गिरवी रखकर और लोन देंगे। इस लोन से किसानों का भुगतान किया जाएगा। इससे 80 हजार से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।
चीनी का उठान न होने से मिलें किसानों को समय से भुगतान नहीं कर पा रही हैं। बिजनौर की सभी नौ चीनी मिलें गन्ना भुगतान में पिछड़ी हुई हैं। इन मिलों ने गन्ना भुगतान के लिए बैंक से सीसीएल मांगा है। इसमें बैंकों को चीनी गिरवी रखकर लोन लिया जाता है। जिले की तीन चीनी मिलों को 72 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। वेव ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल को 30 करोड़ व चांदपुर चीनी मिल को 12 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। इसके अलावा उत्तम ग्रुप की बरकातपुर चीनी मिल को भी 30 करोड़ का सीसीएल मंजूर हुआ है। उत्तर ग्रुप की लिब्राहेड़ी व एक अन्य चीनी मिल को 15-15 करोड़ का सीसीएल मिला है। ये दोनों चीनी मिल बिजनौर जिले की नहीं हैं, लेकिन लिब्राहेड़ी चीनी मिल में मंडावर के काफी किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की डायरेक्टर इंदिरा सिंह, भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक डा.बीरबल सिंह व किसान नेता पदम सिंह काफी समय से सीसीएल मंजूर कराने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण बैंक में काम होने में देरी हुई। किसान नेता पदम सिंह ने बताया कि बैंकों की पिछले साल की रॉ शुगर बनाने पर लंबित सब्सिडी का भुगतान भी कराया गया है।
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