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Bijnor News: बच्ची के अपहरण में तीन को सात-सात साल की सजा
Thu, 10 Oct 2024 11:33 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 10 Oct 2024 11:33 PM IST
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने मानव तस्करी के लिए एक माह की बच्ची का अपहरण करने में एक महिला सहित तीन को सात-सात वर्ष के कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नगीना के मोहल्ला शेख सराय निवासी कसीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी 19 अप्रैल 2022 की रात्रि तीन बजे उसकी एक माह की बच्ची घर से गायब है। उसकी बच्ची को घर से उठाकर ले गया है। बच्ची उसके साथ मच्छरदानी में सोई हुई थी। विवेचना में पांच मई 2022 को कसीम अहमद ने बताया कि उसकी बच्ची का अपहरण करने वाले मुरादाबाद स्टेशन पर रुके हुए हैं।
इस सूचना पर कासिम अहमद व उसकी पत्नी को लेकर पुलिस मुरादाबाद स्टेशन पहुंची। बच्ची को तलाश करने पर सुबोध कर्मकार व उसकी पत्नी खुशबू निवासी जिला कटिहार बिहार के पास से अपहृत बच्ची मिल गई। इन दोनों ने बताया कि वह पति-पत्नी हैं। उनके कोई बच्चा नहीं है। हमें बच्चे की आवश्यकता थी।
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दिल्ली में उनकी मुलाकात जफर से हुई थी। जिससे बच्ची को 10 हजार रुपये में खरीदा है। सीसीटीवी की फुटेज में आया कि बच्ची का अपहरण कर उसके नाना जफर ने सुबोध कर्मकार, उसकी पत्नी को बेचा था। करीब ढाई साल चले इस मुकदमे में अभियोजन की तरफ से पांच गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने इस मामले में जफर, सुबोध कर्मकार और उसकी पत्नी खुशबू को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है।
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थाना नगीना के मोहल्ला शेख सराय निवासी कसीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी 19 अप्रैल 2022 की रात्रि तीन बजे उसकी एक माह की बच्ची घर से गायब है। उसकी बच्ची को घर से उठाकर ले गया है। बच्ची उसके साथ मच्छरदानी में सोई हुई थी। विवेचना में पांच मई 2022 को कसीम अहमद ने बताया कि उसकी बच्ची का अपहरण करने वाले मुरादाबाद स्टेशन पर रुके हुए हैं।
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इस सूचना पर कासिम अहमद व उसकी पत्नी को लेकर पुलिस मुरादाबाद स्टेशन पहुंची। बच्ची को तलाश करने पर सुबोध कर्मकार व उसकी पत्नी खुशबू निवासी जिला कटिहार बिहार के पास से अपहृत बच्ची मिल गई। इन दोनों ने बताया कि वह पति-पत्नी हैं। उनके कोई बच्चा नहीं है। हमें बच्चे की आवश्यकता थी।
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दिल्ली में उनकी मुलाकात जफर से हुई थी। जिससे बच्ची को 10 हजार रुपये में खरीदा है। सीसीटीवी की फुटेज में आया कि बच्ची का अपहरण कर उसके नाना जफर ने सुबोध कर्मकार, उसकी पत्नी को बेचा था। करीब ढाई साल चले इस मुकदमे में अभियोजन की तरफ से पांच गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने इस मामले में जफर, सुबोध कर्मकार और उसकी पत्नी खुशबू को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है।