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तीन वनकर्मी निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 04 Feb 2017 11:50 PM IST
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नजीबाबाद में खैर की लकड़ी का अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं। दो माह के भीतर वन विभाग ने तीन बड़े मामले पकड़े, लाखों की खैर की लकड़ी और वाहन बरामद किए लेकिन अपराधियों तक पहुंचने में वन विभाग नाकाम रहा। लापरवाही पर वन विभाग ने तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है।
वन विभाग ने दो माह के भीतर खैर की लकड़ी कटान के तीन बड़े मामले पकड़े लेकिन अपराधियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल नहीं की। तीन जनवरी 2017 को वन क्षेत्राधिकारी जेएन सिंह के नेतृत्व में वन विभाग ने कल्हेड़ी क्षेत्र से मिनी ट्रक में भरी लगभग 50-60 क्विंटल खैर की लकड़ी, एक बाइक और कई साइकिलें पकड़ीं थीं। एक माह बाद वन विभाग आरोपियों को पकड़ेन में नाकाम रहा है। एक फरवरी 2017 को वन विभाग ने कल्हेड़ी के जंगल क्षेत्र में कई क्विंटल खैर की लकड़ी पकड़ी थी। वन क्षेत्राधिकारी जेएन सिंह ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अपराधियों को पता नहीं चला है। बताया कि 3 जनवरी को पकड़ी गई खैर की लकड़ी प्रकरण में बरामद वाहन किसके थे इस बार में भी अभी खुलासा नहीं हो पाया है। डीएफओ पीके राघव ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों की उदासीनता के प्रति वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वन दरोगा के खिलाफ उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई है, जबकि फोरेस्टर और गार्ड निलंबित किए गए हैं। बताया कि वन विभाग मुख्य वन संरक्षक के आदेश पर वन क्षेत्र में खैर के कटान की जांच करा रहा है। उन्होंने वन क्षेत्र से जुड़े गांव के उन संदिग्ध को भी चिह्नित करने की जानकारी दी जो लकड़ी कारोबारियों से हमसाज होकर वन संपदा का दोहन करा रहे हैं।
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वन विभाग ने दो माह के भीतर खैर की लकड़ी कटान के तीन बड़े मामले पकड़े लेकिन अपराधियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल नहीं की। तीन जनवरी 2017 को वन क्षेत्राधिकारी जेएन सिंह के नेतृत्व में वन विभाग ने कल्हेड़ी क्षेत्र से मिनी ट्रक में भरी लगभग 50-60 क्विंटल खैर की लकड़ी, एक बाइक और कई साइकिलें पकड़ीं थीं। एक माह बाद वन विभाग आरोपियों को पकड़ेन में नाकाम रहा है। एक फरवरी 2017 को वन विभाग ने कल्हेड़ी के जंगल क्षेत्र में कई क्विंटल खैर की लकड़ी पकड़ी थी। वन क्षेत्राधिकारी जेएन सिंह ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अपराधियों को पता नहीं चला है। बताया कि 3 जनवरी को पकड़ी गई खैर की लकड़ी प्रकरण में बरामद वाहन किसके थे इस बार में भी अभी खुलासा नहीं हो पाया है। डीएफओ पीके राघव ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों की उदासीनता के प्रति वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वन दरोगा के खिलाफ उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई है, जबकि फोरेस्टर और गार्ड निलंबित किए गए हैं। बताया कि वन विभाग मुख्य वन संरक्षक के आदेश पर वन क्षेत्र में खैर के कटान की जांच करा रहा है। उन्होंने वन क्षेत्र से जुड़े गांव के उन संदिग्ध को भी चिह्नित करने की जानकारी दी जो लकड़ी कारोबारियों से हमसाज होकर वन संपदा का दोहन करा रहे हैं।
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