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कोहरपुर में तीन बच्चों की मौत

Mon, 18 Jan 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर Updated Mon, 18 Jan 2016 12:33 AM IST
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Three children die in Kohrpur
बिजनौर/मंडावर में क्षेत्र के गांव में एक ही दिन में विंटर डायरिया से तीन नवजात की मौत हो गई। दो और शिशुओं की विंटर डायरिया की चपेट में आने से ग्रामीणों में दहशत है। सूचना मिलते ही चिकित्सीय टीम गांव पहुंच गई।
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क्षेत्र के गांव कोहरपुर निवासी चंद्रप्रकाश के चार माह का नवजात देवांश को चार दिन पहले अचानक उल्टी दस्त शुरू हुई थी। उसका मंडावर में एक ही निजी चिकित्सक के यहां उपचार शुरू कराया गया था। गांव निवासी सुभाष सिंह के डेढ़ वर्षीय पुत्र गौरव, कृष्णा डेढ़ वर्ष, दो माह का जीतू पुत्र शाकेंद्र, चार माह का दीपांशु पुत्र जगमोहन तीन दिन पहले बीमार हुए थे।
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 सभी बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत थी। इनमें से देवांत का बिजनौर में निजी चिकित्सक के यहां, जबकि अन्य का मंडावर व दयालवाला में निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान में इनमें से देवांत, गौरव व कृष्णा की शनिवार को घर मौत हो गई, जबकि बीमार जीतू और दीपांशु का निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा है। गांव में एक ही दिन में तीन बच्चों की मौत हो जाने से ग्रामीणों में दहशतहै। उधर, सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने गांव में चिकित्सक  भेजा है।
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विंटर डायरिया में मौत का कारण लापरवाही होती है। बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। उधर,  धामपुर में गांव पुराना धामपुर में प्रीति पुत्री जयप्रकाश की ठंड लगने से अचानक हो गई। परिजनों ने बताया उसे दो पहले ठंड लगी थी। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।  उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया की उसकी मौत ठंड के कारण हुई है। 

दो बच्चों की हुई मौत
सूचना पर गांव पहुंची चंदक पीएचसी के एमओआईसी डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में विंटर डायरिया से देवांश व कृष्णा की मौत हुई है, जबकि गौरव एक साल से लीवर की बीमार से पीड़ित था। उसका उपचार कहीं बाहर चल रहा था। गौरव की विंटर डायरिया से मौत नहीं हुई है। दो और बच्चे बीमार हैं। उनका उपचार चल रहा है।


क्या है विंटर डायरिया
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. केके सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में रोटा वायरस सक्रिय रहता है। बच्चों में ठंड  का असर होने, सर्दी के मौसम में संक्रमित पानी अथवा बासी भोजन खाने से बच्चों में यह वायरस तुरंत सक्रिय हो जाता है और उन्हें उल्टी और दस्त शुरू हो जाते हैं। थोड़ी से लापरवाही भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
बरतें सावधानी
छोटे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
हो सके तो परिजन नवजात शिशुओं को गोद में छिपा कर रखें।
बच्चों को गर्म उबला हुआ पानी दें।
डीहाईड्रेशन से बचने के लिए ओआरएस का घोल दें।
बीमार होने पर बच्चे को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं।

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