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पूर्व सीएमओ ने बताया जानमाल को खतरा
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:14 AM IST
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बिजनौर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में पुलिस ने बिजनौर में तैनात रहे सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल से पूछताछ की। जिले के पूर्व सीएमओ ने पुलिस के सामने घोटाला करने वालों से अपनी जान को खतरा बताया। बिजनौर पुलिस की जांच में अभी तक सामने आया है कि दवाई खरीद के भुगतान व अन्य खर्च के नाम पर गड़बड़ी की गई है।
एनएचएम में हुए करीब तीन करोड़ दस लाख के घोटाले में बुधवार को बिजनौर पुलिस ने जिले में पूर्व में तैनात रहे (वर्तमान में आगरा में कार्यरत) सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल से थाना कोतवाली शहर में पूछताछ की। पुलिस ने सीएमओ कार्यालय से मामले के दस्तावेज मंगवाकर उनकी जांच भी की।
पूर्व सीएमओ डॉ.मनमोहन अग्रवाल ने खुद को बेकसूर बताया। उन्होंने घोटाला करने वालों से अपनी जान का खतरा भी बताया। पुलिस ने उन्नाव जाकर भी मामले की जांच की थी। पुलिस को जहां जांच में कंपनियों के नाम पर ही फर्जी खाते खोले गए थे और उन्हीं में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इतनी मोटी रकम का ट्रांजंक्शन किया गया था। रकम खातों में पहुंचते ही निकाल ली गई थी। इन चार कंपनियों को ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून व जुलाई माह में दस बार में करीब तीन करोड़ दस लाख ऑनलाइन भुगतान किया गया था। इस ऑनलाइन भुगतान के एप्रुवल पर उस समय तैनात रहे सीएमओ डॉ.मनमोहन अग्रवाल व पूर्व एसीएमओ एनएचएम के हस्ताक्षर थे। हालांकि पूर्व सीएमओ और एसीएमओ ने अपने फर्जी हस्ताक्षर होने बताया था। इससे पहले इन कंपनियों से कभी कोई लेन देन नहीं किया गया था।
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एनएचएम में हुए करीब तीन करोड़ दस लाख के घोटाले में बुधवार को बिजनौर पुलिस ने जिले में पूर्व में तैनात रहे (वर्तमान में आगरा में कार्यरत) सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल से थाना कोतवाली शहर में पूछताछ की। पुलिस ने सीएमओ कार्यालय से मामले के दस्तावेज मंगवाकर उनकी जांच भी की।
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पूर्व सीएमओ डॉ.मनमोहन अग्रवाल ने खुद को बेकसूर बताया। उन्होंने घोटाला करने वालों से अपनी जान का खतरा भी बताया। पुलिस ने उन्नाव जाकर भी मामले की जांच की थी। पुलिस को जहां जांच में कंपनियों के नाम पर ही फर्जी खाते खोले गए थे और उन्हीं में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इतनी मोटी रकम का ट्रांजंक्शन किया गया था। रकम खातों में पहुंचते ही निकाल ली गई थी। इन चार कंपनियों को ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून व जुलाई माह में दस बार में करीब तीन करोड़ दस लाख ऑनलाइन भुगतान किया गया था। इस ऑनलाइन भुगतान के एप्रुवल पर उस समय तैनात रहे सीएमओ डॉ.मनमोहन अग्रवाल व पूर्व एसीएमओ एनएचएम के हस्ताक्षर थे। हालांकि पूर्व सीएमओ और एसीएमओ ने अपने फर्जी हस्ताक्षर होने बताया था। इससे पहले इन कंपनियों से कभी कोई लेन देन नहीं किया गया था।
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