फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   There will be no fear of flood and erosion on the banks of the Ganges

Bijnor News: बिजनौर - गंगा किनारे नहीं रहेगा बाढ़ और कटान का डर

Wed, 17 May 2023 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Wed, 17 May 2023 12:37 AM IST
विज्ञापन
There will be no fear of flood and erosion on the banks of the Ganges
बिजनौर के बालावाली के पास गौंसपुर के सामने गंगा नदी पर बनाए गए स्टंड।
- बाढ़ सुरक्षा एवं कटान निरोधक परियोजना के तहत होने लगा काम
विज्ञापन

- कटान रोकने के लिए बनाए जा रहे हैं स्टड, दस फीसदी हुआ काम
- लंबे अरसे तक इंतजार के बाद धरातल पर आई 63 करोड़ की परियोजना
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गंगा किनारे बसे 12 गांवों में अब बाढ़ का खतरा नहीं रहेगा। इन गांव को सुरक्षित करने के लिए 63 करोड़ की योजना धरातल पर उतर गई है। दरअसल, परियोजना के तहत स्टड आदि बनाने का काम चालू कर दिया है। अब तक दस फीसदी काम हो चुका है। हालांकि इसे पूरा होने में अभी एक साल का वक्त लग जाएगा।
पहाड़ से निकलकर गंगा बिजनौर की सीमा से ही मैदानी इलाके में प्रवेश करती है। जिले में बालावाली के पास बसे गांव गौसपुर से लेकर रावली तक गंगा नदी की धारा गहराई में बहती है। यही वजह है कि बालावाली से रावली तक हर साल खादर की जमीनों का गंगा कटान करती है। बरसात आते ही खादरवासियों को बाढ़ और कटान का डर सताने लगता है। इसी के चलते की सालों की जद्दोजहद के बाद गौसपुर, सुक्खापुर, सीमली, फतेहपुर सभाचंद, कोहरपुर, राजारामपुर, डैबलगढ़ इत्यादि गांव की सुरक्षा के लिए 63 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति कोरोना काल से पहले ही मिल गई थी। नाबार्ड की ओर से इस परियोजना के लिए बजट मुहैया कराया गया है। यह योजना अब धरातल पर उतरी है।
विज्ञापन


बनाए जाने लगे बोल्डर स्टड्स
इस परियोजना के तहत तटबंध के बजाय बोल्डर स्टड्स और परक्यूपाइन स्टड्स बनाने काम शुरू कर दिया गया है। दरअसल, गंगा की धारा गहराई में होने की वजह से तटबंध नहीं बनाया जा सकता था। ऐसे में बोल्डर और परक्यूपाइन स्टड्स का ही विकल्प शामिल किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन




गंगा में समा चुके हैं कई गांव
गंगा के कटान की वजह से सिर्फ जमीन ही नहीं बल्कि कई साल पहले फतेहपुर सभाचंद, सीमला, सीमली, कुंदनपुर टीप गांव गंगा में समा चुके हैं। अब ये गांव दूसरी जगह बसे हुए हैं। जमीन के अलावा किसानों को हर साल फसलों का नुकसान भी होता है। गौसपुर गांव के सामने गंगा में डेढ़ किलोमीटर लंबा स्टड बना रहा है। जो तीन मीटर ऊंचा बनाया जाएगा। फिलहाल बरसात नजदीक देख स्टड के आधार में एक मीटर ऊंचाई तक पत्थर जमा दिए गए हैं। जिससे जलस्तर बढ़ने के बाद भी काम सुचारु रह सके।



वर्जन:::
बालावाली के पास गौसपुर गांव के सामने कटान निरोधक काम चालू कर दिया गया है। स्टड बनाए जा रहे हैं। करीब दस फीसदी काम चुका है। अभी पूरा काम होने में करीब एक साल का वक्त लगेगा - राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता अफजलगढ़ सिंचाई खंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed