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UP: महिला शिक्षकों के लिए अजीब फरमान, स्कूल आओ तो सिर्फ साड़ी पहनकर!, अब तूल पकड़ रहा ये मामला
Sat, 30 Jul 2022 02:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 02:54 PM IST
सार
शिक्षिकाओं का साड़ी पहनकर कॉलेज आने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीआईओएस के सामने यह बड़ी मांग रखी है।
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फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी बोर्ड के स्कूलों में शिक्षिकाओं पर साड़ी पहनकर कॉलेज आने का दबाव बनाने का मामला तूल पकड़ रहा है। शिक्षक नेताओं ने फैसले को लोकतंत्र विरोधी बताया है। माध्यमिक शिक्षक संघ ने मामले को डीआईओएस के समक्ष उठाया है।
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संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह का आरोप है कि जिले के कतिपय विद्यालयों द्वारा शिक्षिकाओं पर साड़ी पहनकर कॉलेज आने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले में जिला मुख्यालय व स्योहारा क्षेत्र के विद्यालय शामिल हैं। कॉलेजों की शिक्षिकाओं ने संघ पदाधिकारियों से शिकायत की है। संघ प्रतिनिधि मंडल ने डीआईओएस के समक्ष प्रकरण उठाया है। फैसला लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। मामले में विद्यालयों को हिदायत जारी करने की मांग की है।
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संघ ने शिक्षक हित की और भी कई मांग डीआईओएस के समक्ष रखी है। इस दौरान जिला अध्यक्ष रवींद्र कुमार शर्मा, जिला महासचिव सियाराम यादव, जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार यादव, जिला उपाध्यक्ष मोहित कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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शिक्षिकाओं को ड्रेस कोड निर्धारित नहीं
डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को बताया कि जनपद में महिला शिक्षकों के लिए किसी भी प्रबंध तंत्र के द्वारा कोई ड्रेस कोड निर्धारित नहीं किया जा सकता है। शिक्षिकाओं को साड़ी पहनने के लिए कोई बाध्यता नहीं है। महिला शिक्षक, शिक्षक की गरिमा के अनुरूप वेशभूषा में विद्यालय आ सकती है।