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गजब! सपा शासन काल में 10 करोड़ की लागत से बना था सीएचसी, अब लटका है ताला, ये है बड़ी वजह
Sat, 30 Jul 2022 08:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 08:02 AM IST
सार
सपा शासन काल में 10 करोड़ रुपये की लागत से बनी सीएचसी पर अब ताला लटका है। जानिए आखिर सीएचसी पर ताला लटकने के पीछे क्या बड़ी वजह है।
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सीएचसी पर लटका ताला।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सहारनपुर जनपद में बड़गांव क्षेत्र के जड़ौदा पांडा में सपा शासन काल में 10 करोड़ रुपये की लागत से बना 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों के अभाव में रोगियों को उपचार नहीं दे पा रहा है। यहां तैनात एकमात्र फार्मासिस्ट का भी स्थानांतरण होने से अस्पताल की इमारत पर ताला लटक गया है।
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इस सीएचसी पर आज तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग इसे केवल एक फार्मासिस्ट के सहारे चला रहा था, लेकिन शासन की तबादला नीति के कारण एक माह पूर्व यहां तैनात फार्मासिस्ट का भी तबादला हो गया। नए फार्मासिस्ट की अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में अस्पताल की इमारत पर ताला पड़ा है। यहां उपचार को आने वाले रोगियों को भटकना पड़ रहा है।
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ग्रामीण आमोद त्यागी, विदुर त्यागी, भरतपाल सिंह, शालू त्यागी, आदेश कुमार, अरविंद त्यागी आदि का कहना है कि मामूली बीमारी के उपचार के लिए भी रोगियों को देवबंद या नानौता सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ती है। इमरजेंसी होने पर उन्हें सहारनपुर या मुजफ्फरनगर जाना पड़ रहा है। उन्होंने चिकित्सकों की तैनाती कराने की मांग की है।
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60 लाख की लागत से लगा है ऑक्सीजन प्लांट
स्थानीय विधायक और लोनिवि मंत्री बृजेश सिंह ने अपनी निधि के 60 लाख रुपये से अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तो लगवा दिया, लेकिन स्टाफ की तैनाती वे भी यहां नहीं करा सके हैं। उधर, सीएमओ सहारनपुर संजीव मांगलिक का कहना है कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। इसके अतिरिक्त जिस चिकित्सक की ड्यूटी इस सीएचसी में लगाते हैं, वह ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण वहां नहीं जाता है।
उन्होंने बताया कि स्थानांतरित फार्मासिस्ट की जगह नए की तैनाती जल्द ही कर दी जाएगी। चिकित्सकों के उपलब्ध होते ही सीएचसी पर चिकित्सक भी तैनात कर दिए जाएंगे।