{"_id":"6362b5e7be14476d15034963","slug":"there-is-no-parking-in-the-city-vehicles-are-increasing-continuously-bijnor-news-mrt6119333145","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में नहीं है एक भी पार्किंग, लगातार बढ़ रहीं गाड़ियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में नहीं है एक भी पार्किंग, लगातार बढ़ रहीं गाड़ियां
विज्ञापन
जिनौर में शास्त्री चौक के पास सड़क किनारे खड़े बिना पार्किग के वाहन।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में नहीं है एक भी पार्किंग, लगातार बढ़ रहीं गाड़ियां
बिजनौर। जिले में साल दर साल गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सरकारी पार्किंग एक भी नहीं है। पार्किंग नहीं होने से गाड़ियों और बाइकों को सड़कों के किनारे ही पार्क कर दिया जाता है। सड़कों पर वाहनों के दबाव से जाम की समस्या भी बनती है। सिर्फ इतना ही नहीं नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर अक्सर वाहन स्वामियों को जुर्माना भी भरना पड़ जाता है।
जिले का विकास तो तेजी से हुआ। फिर भी बदलते दौर के साथ ट्रैफिक की बढ़ती भीड़ का ख्याल नहीं रखा गया। खासतौर पर शहरों में पार्किंग पर ध्यान नहीं दिया गया। जिसका नतीजा ये है कि गाड़ियां लेकर शहर में दाखिल होने वाले लोग कहीं भी अपनी गाड़ियों को पार्क कर देते हैं। हालांकि सदर बाजार में गाड़ियों को ले जाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में लोग सदर बाजार से पहले ही कहीं भी सड़क पर गाड़ी को खड़ा करते हैं। सिर्फ सदर बाजार ही क्यों, बाकी हिस्सो में भी सड़क पर ही र्गाड़ियों को खड़ा देने का चलन अपने शहर में हैं। इसका एक मुख्य कारण सरकारी पार्किंग नहीं होना भी हैं।
हालांकि शहर में कुछ शॉपिंग मॉल ने पार्किंग की व्यवस्था की है लेकिन शुल्क से बचने के लिए लोग सड़कों पर ही गाड़ी खड़ी करते हैं। उधर, अस्पतालों के बाहर वाहनों की भीड़ सड़कों पर देखी जा सकती है। जिले में वाहनों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
जिले में वाहनों पर एक नजर
दुपहिया 503178
कार 27125
जीप 1762
ओमनी बस 597
ट्रैक्टर 34842
कुल वाहन 588702
व्यावसायिक वाहनों की संख्या
ट्रक 7159
बस 1195
टैक्सी 1319
थ्री व्हीलर व अन्य 4078
कुल वाहन 20916
2021 तक पंजीकृत वाहन
वाहन संख्या
बाइक 462066
कार 25110
जीप 1645
ओमनी बस 584
ट्रैक्टर 33289
ट्रेलर 71
कुल 543133
1628 वाहनों का हुआ नो-पार्किंग में चालान
भले ही शहर में कोई सरकारी पार्किंग नहीं है लेकिन नियम तो नियम है। इन्हीं नियमों के तहत इस साल अक्तूबर तक 1628 वाहनों का चालान सिर्फ इस वजह से कर दिया गया कि वे नो पार्किंग में खड़े हुए थे। बता दें कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों को उठाकर ले जाती है जोकि पांच सौ रुपये का जुर्माना देकर ही छूटते हैं।
पार्किंग बनाने के लिए शहर के अंदर जगह नहीं मिल सकी। अब शहर के बाहर पार्किंग बना दी जाए तो उसका इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। क्योंकि कार या अन्य वाहन लेकर लोग शहर के अंदर दाखिल होते हैं।
-विकास कुमार, ईओ नगर पालिका
शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए जगह जगह नो पार्किंग के बोर्ड लगे हुए हैं। नो पार्किंग की जगह पर अगर कोई वाहन खड़ा मिलता है, तो जुर्माना लगा दिया जाता है। इस साल करीब 1600 वाहन नो पार्किंग में खड़े मिले।
-बलराम यादव, यातायात उप निरीक्षक
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में साल दर साल गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सरकारी पार्किंग एक भी नहीं है। पार्किंग नहीं होने से गाड़ियों और बाइकों को सड़कों के किनारे ही पार्क कर दिया जाता है। सड़कों पर वाहनों के दबाव से जाम की समस्या भी बनती है। सिर्फ इतना ही नहीं नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर अक्सर वाहन स्वामियों को जुर्माना भी भरना पड़ जाता है।
जिले का विकास तो तेजी से हुआ। फिर भी बदलते दौर के साथ ट्रैफिक की बढ़ती भीड़ का ख्याल नहीं रखा गया। खासतौर पर शहरों में पार्किंग पर ध्यान नहीं दिया गया। जिसका नतीजा ये है कि गाड़ियां लेकर शहर में दाखिल होने वाले लोग कहीं भी अपनी गाड़ियों को पार्क कर देते हैं। हालांकि सदर बाजार में गाड़ियों को ले जाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में लोग सदर बाजार से पहले ही कहीं भी सड़क पर गाड़ी को खड़ा करते हैं। सिर्फ सदर बाजार ही क्यों, बाकी हिस्सो में भी सड़क पर ही र्गाड़ियों को खड़ा देने का चलन अपने शहर में हैं। इसका एक मुख्य कारण सरकारी पार्किंग नहीं होना भी हैं।
विज्ञापन
हालांकि शहर में कुछ शॉपिंग मॉल ने पार्किंग की व्यवस्था की है लेकिन शुल्क से बचने के लिए लोग सड़कों पर ही गाड़ी खड़ी करते हैं। उधर, अस्पतालों के बाहर वाहनों की भीड़ सड़कों पर देखी जा सकती है। जिले में वाहनों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
जिले में वाहनों पर एक नजर
दुपहिया 503178
कार 27125
जीप 1762
ओमनी बस 597
ट्रैक्टर 34842
कुल वाहन 588702
व्यावसायिक वाहनों की संख्या
ट्रक 7159
बस 1195
टैक्सी 1319
थ्री व्हीलर व अन्य 4078
कुल वाहन 20916
2021 तक पंजीकृत वाहन
वाहन संख्या
बाइक 462066
कार 25110
जीप 1645
ओमनी बस 584
ट्रैक्टर 33289
ट्रेलर 71
कुल 543133
1628 वाहनों का हुआ नो-पार्किंग में चालान
भले ही शहर में कोई सरकारी पार्किंग नहीं है लेकिन नियम तो नियम है। इन्हीं नियमों के तहत इस साल अक्तूबर तक 1628 वाहनों का चालान सिर्फ इस वजह से कर दिया गया कि वे नो पार्किंग में खड़े हुए थे। बता दें कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों को उठाकर ले जाती है जोकि पांच सौ रुपये का जुर्माना देकर ही छूटते हैं।
पार्किंग बनाने के लिए शहर के अंदर जगह नहीं मिल सकी। अब शहर के बाहर पार्किंग बना दी जाए तो उसका इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। क्योंकि कार या अन्य वाहन लेकर लोग शहर के अंदर दाखिल होते हैं।
-विकास कुमार, ईओ नगर पालिका
शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए जगह जगह नो पार्किंग के बोर्ड लगे हुए हैं। नो पार्किंग की जगह पर अगर कोई वाहन खड़ा मिलता है, तो जुर्माना लगा दिया जाता है। इस साल करीब 1600 वाहन नो पार्किंग में खड़े मिले।
-बलराम यादव, यातायात उप निरीक्षक