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Bijnor News: रसूलपुर आबाद में अंत्येष्टि स्थल नहीं, नदी किनारे होते हैं अंतिम संस्कार
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कादराबाद। ग्राम पंचायत रसूलपुर आबाद में अंत्येष्टि स्थल नहीं होने से मृतकों का अंतिम संस्कार खेतों या फिर नदी किनारे किया जाता है। बरसात के मौसम में यदि किसी की मृत्यु हो जाए तो अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। ब्लॉक अफजलगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में अंत्येष्टि बने हैं। ग्रामीणों ने रसूलपुर आबाद में भी गांव में अंत्येष्टि स्थल बनवाए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंत्यष्टि स्थल न होने से सर्दी, बरसात व गर्मी के मौसम में मृतकों के अंतिम संस्कार खुले में करने पड़ते हैं। खासकर वर्षा के दौरान काफी दिक्कत आती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अंत्येष्टि स्थल बनवाने के संबंध में जनप्रतिनिधियों से कहने के अलावा अधिकारियों को भी पत्र लिखे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पंचायत क्षेत्र में कटारमल पुल के पास अंत्येष्टि स्थल बनवाने की मांग की है।
ग्रामीण सज्जन सिंह का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में अंत्येष्टि स्थल न होने से मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए खेतों पर या कालगढ़ जाना पड़ता है। कई बार मौसम खराब होने पर कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। अंत्येष्टि स्थल बनने से अंतिम संस्कार में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।
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ग्रामीण धर्मपाल सिंह का कहना है कि बरसात में खेतों में जलभराव व नदियों के किनारे रास्ते खराब होने व कीचड़ आदि होने से अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन हो जाता है। वह लोग वर्षों से अंत्येष्टि स्थल बनवाने की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीण अनोख सिंह का कहना है की गांव में कोई अंत्येष्टि स्थल न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें दूर-दराज जाकर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीण वर्षों से जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा रहे हैं लेकिन अंत्येष्टि स्थल का निर्माण नहीं हो सका।
ग्रामीण बाबूराम सिंह का कहना है की अंत्येष्टि स्थल न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने डीएम से स्थान चिह्नित कराकर स्थायी श्मशान घाट निर्माण कराने की मांग की है।
इस संबंध में सीडीओ रणविजय सिंह का कहना है शीघ्र ही प्रस्ताव भेज कर ग्रामीणों की समस्या के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंत्यष्टि स्थल न होने से सर्दी, बरसात व गर्मी के मौसम में मृतकों के अंतिम संस्कार खुले में करने पड़ते हैं। खासकर वर्षा के दौरान काफी दिक्कत आती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अंत्येष्टि स्थल बनवाने के संबंध में जनप्रतिनिधियों से कहने के अलावा अधिकारियों को भी पत्र लिखे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पंचायत क्षेत्र में कटारमल पुल के पास अंत्येष्टि स्थल बनवाने की मांग की है।
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ग्रामीण सज्जन सिंह का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में अंत्येष्टि स्थल न होने से मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए खेतों पर या कालगढ़ जाना पड़ता है। कई बार मौसम खराब होने पर कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। अंत्येष्टि स्थल बनने से अंतिम संस्कार में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।
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ग्रामीण धर्मपाल सिंह का कहना है कि बरसात में खेतों में जलभराव व नदियों के किनारे रास्ते खराब होने व कीचड़ आदि होने से अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन हो जाता है। वह लोग वर्षों से अंत्येष्टि स्थल बनवाने की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीण अनोख सिंह का कहना है की गांव में कोई अंत्येष्टि स्थल न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें दूर-दराज जाकर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीण वर्षों से जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा रहे हैं लेकिन अंत्येष्टि स्थल का निर्माण नहीं हो सका।
ग्रामीण बाबूराम सिंह का कहना है की अंत्येष्टि स्थल न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने डीएम से स्थान चिह्नित कराकर स्थायी श्मशान घाट निर्माण कराने की मांग की है।
इस संबंध में सीडीओ रणविजय सिंह का कहना है शीघ्र ही प्रस्ताव भेज कर ग्रामीणों की समस्या के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।