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बाहर से आने वाले मजदूर घरों में किए जाएंगे क्वारंटीन:डीएम
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बाहर से आने वाले मजदूर घरों में किए जाएंगे क्वारंटीन : डीएम
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी कामगारों व विद्यार्थियों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। उनके आने जाने के लिए स्पेशल ट्रेन सहित घर पर क्वारंटीन की भी सुविधा शामिल है। लोगों के भारी संख्या में घर वापसी पर कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकना भी कड़ी चुनौती है। यूनिसेफ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस संबंध में गाइड लाइन जारी की है।
डीएम ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर कुछ प्रतिबंध प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। घर आने वाले सभी प्रवासियों का पंजीकरण व स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन प्रवासियों में कोविड 19 के लक्षण नहीं पाए जाते हैं उन्हें भी विशेष सावधानी बरतनी होंगी। बीमारी के लक्षण वाले लोगों को क्वारंटीन फैसिलिटी सेंटर में रखा जाएगा। उनका उपचार किया जाएगा। जांच में संक्रमण नहीं पाए जाने पर सात दिन क्वारंटीन में रखकर उसे घर भेज दिया जाएगा। घर पर वे खुद भी 14 दिन के लिए क्वारंटीन होंगे। होम क्वारंटीन के दौरान अगर किसी को खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे तुरंत क्षेत्र की आशा या सरकार की हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर संपर्क करें। डीएम ने कहा कि मजदूर अपने घर पहुंचने पर 21 दिन के लिए अलग कमरे में रहें। इस दौरान अपना मुंह व नाक मास्क, गमछे या किसी अन्य कपड़े से जरूर ढक कर रखें। अपने मास्क, गमछे आदि को साबुन व गर्म पानी में धोकर धूप में सुखाएं। एक बार के लिए प्रयोग होने वाले मास्क का दोबारा प्रयोग न करें। संक्रमित व्यक्ति के बर्तन अलग रखें व गर्म पानी से धोएं। बार बार हाथ साबुन से धोएं व किसी से हाथ न मिलाएं। मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर उसका प्रयोग करें। ऐसे लोगों के घर से केवल एक ही व्यक्ति खरीदारी के लिए घर से बाहर जाए।
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बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी कामगारों व विद्यार्थियों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। उनके आने जाने के लिए स्पेशल ट्रेन सहित घर पर क्वारंटीन की भी सुविधा शामिल है। लोगों के भारी संख्या में घर वापसी पर कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकना भी कड़ी चुनौती है। यूनिसेफ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस संबंध में गाइड लाइन जारी की है।
डीएम ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर कुछ प्रतिबंध प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। घर आने वाले सभी प्रवासियों का पंजीकरण व स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन प्रवासियों में कोविड 19 के लक्षण नहीं पाए जाते हैं उन्हें भी विशेष सावधानी बरतनी होंगी। बीमारी के लक्षण वाले लोगों को क्वारंटीन फैसिलिटी सेंटर में रखा जाएगा। उनका उपचार किया जाएगा। जांच में संक्रमण नहीं पाए जाने पर सात दिन क्वारंटीन में रखकर उसे घर भेज दिया जाएगा। घर पर वे खुद भी 14 दिन के लिए क्वारंटीन होंगे। होम क्वारंटीन के दौरान अगर किसी को खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे तुरंत क्षेत्र की आशा या सरकार की हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर संपर्क करें। डीएम ने कहा कि मजदूर अपने घर पहुंचने पर 21 दिन के लिए अलग कमरे में रहें। इस दौरान अपना मुंह व नाक मास्क, गमछे या किसी अन्य कपड़े से जरूर ढक कर रखें। अपने मास्क, गमछे आदि को साबुन व गर्म पानी में धोकर धूप में सुखाएं। एक बार के लिए प्रयोग होने वाले मास्क का दोबारा प्रयोग न करें। संक्रमित व्यक्ति के बर्तन अलग रखें व गर्म पानी से धोएं। बार बार हाथ साबुन से धोएं व किसी से हाथ न मिलाएं। मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर उसका प्रयोग करें। ऐसे लोगों के घर से केवल एक ही व्यक्ति खरीदारी के लिए घर से बाहर जाए।
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