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अब ग्राम केलनपुर के प्रधान होंगे देवेंद्र सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:36 PM IST
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बिजनौर में अपर जिला जज मुमताज अली ने गांव केलनपुर में ग्राम प्रधान राजीव कुमार के चुनाव को निरस्त करने के एसडीएम के आदेश को बरकरार रखा है। एसडीएम चांदपुर ने पुन: मतगणना के बाद राजीव कुमार के चुनाव को निरस्त कर उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी देवेंद्र सिंह को प्रधान घोषित किया था। इसके खिलाफ राजीव कुमार ने निगरानी दाखिल की थी। निगरानी निरस्त होने के बाद अब देवेंद्र सिंह केलनपुर के ग्राम प्रधान होंगे।
एसडीएम चांदपुर ने पुनर्मतगणना के बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान राजीव कुमार के चुनाव को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता देवेंद्र सिंह को प्रधान घोषित कर दिया था। पुनर्मतगणना में देवेंद्र सिंह को 788 व राजीव कुमार
को 781 मत मिले थे। इसके बाद देवेंद्र
सिंह को सात मतों विजयी घोषित कर
दिया था। इससे पूर्व, चुनाव के समय निर्वाचन अधिकारी ने देेवेंद्र सिंह को दो मतों से पराजित घोषित कर दिया था। इसके खिलाफ देवेंद्र सिंह ने एसडीएम कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी।
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राजीव कुमार ने अपना चुनाव निरस्त होने के बाद इस आदेश के खिलाफ जिला जज के यहां पुनर्विचार याचिका निगरानी दाखिल की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पुनर्मतगणना दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं व प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की गई है। इसकी विश्वसनीयता पर कोई संदेह उत्पन नहीं होता। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एसडीएम के आदेश में कोई अनियमिता व त्रुटि नहीं है। इसलिए उसमें हस्ताक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने राजीव कुमार की ओर से दाखिल निगरानी निरस्त कर दी।
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एसडीएम चांदपुर ने पुनर्मतगणना के बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान राजीव कुमार के चुनाव को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता देवेंद्र सिंह को प्रधान घोषित कर दिया था। पुनर्मतगणना में देवेंद्र सिंह को 788 व राजीव कुमार
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को 781 मत मिले थे। इसके बाद देवेंद्र
सिंह को सात मतों विजयी घोषित कर
दिया था। इससे पूर्व, चुनाव के समय निर्वाचन अधिकारी ने देेवेंद्र सिंह को दो मतों से पराजित घोषित कर दिया था। इसके खिलाफ देवेंद्र सिंह ने एसडीएम कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी।
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राजीव कुमार ने अपना चुनाव निरस्त होने के बाद इस आदेश के खिलाफ जिला जज के यहां पुनर्विचार याचिका निगरानी दाखिल की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पुनर्मतगणना दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं व प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की गई है। इसकी विश्वसनीयता पर कोई संदेह उत्पन नहीं होता। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एसडीएम के आदेश में कोई अनियमिता व त्रुटि नहीं है। इसलिए उसमें हस्ताक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने राजीव कुमार की ओर से दाखिल निगरानी निरस्त कर दी।