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मवेशियों के उपचार के लिए पैंजनिया पहुंची टीम
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मवेशियों के उपचार के लिए पैंजनियां पहुंची टीम
हल्दौर। गांव पैजनियां में पालतू पशुओं में टीकाकरण के अभाव में खुरपका मुंहपका रोग फैलने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी टीम के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने पशुपालकों के घर घर जाकर बीमार पशुओं का उपचार कराया।
नूरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव पैजनियां में खुरपका मुंहपका रोग ने एक दर्जन से अधिक पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया है। इस संक्रामक रोग से ग्रसित कुछ पशुओं की भी मौत हो चुकी है। गांव में अब तक इस बीमारी के बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया है। अमर उजाला ने इस खबर को शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले की जानकारी पाकर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह, डॉक्टर मोहम्मद अहमद, डॉक्टर राकेश वर्मा, पशुधन प्रसार अधिकारी सुरेश कुमार, डॉ दयाराम सिंह के साथ शनिवार की सुबह करीब 11 बजे गांव पहुंचे। सीवीओ ने चिकित्सकों को घर-घर जाकर बीमार पशुओं का उपचार कराने के लिए निर्देशित किया।
टीम के अनुसार गांव में करीब 12 पशुओं में खुरपका, मुंहपका रोग के लक्षण पाए गए हैं। सीवीओ ने पशु पालकों को अपने अपने पशुओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए उनकी टैगिंग कराए जाने की अपील की। ग्रामीणों ने सीवीओ से अपने पशुओं को खुरपका मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए शीघ्र टीकाकरण कराए जाने की मांग की।
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हल्दौर। गांव पैजनियां में पालतू पशुओं में टीकाकरण के अभाव में खुरपका मुंहपका रोग फैलने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी टीम के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने पशुपालकों के घर घर जाकर बीमार पशुओं का उपचार कराया।
नूरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव पैजनियां में खुरपका मुंहपका रोग ने एक दर्जन से अधिक पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया है। इस संक्रामक रोग से ग्रसित कुछ पशुओं की भी मौत हो चुकी है। गांव में अब तक इस बीमारी के बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया है। अमर उजाला ने इस खबर को शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले की जानकारी पाकर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह, डॉक्टर मोहम्मद अहमद, डॉक्टर राकेश वर्मा, पशुधन प्रसार अधिकारी सुरेश कुमार, डॉ दयाराम सिंह के साथ शनिवार की सुबह करीब 11 बजे गांव पहुंचे। सीवीओ ने चिकित्सकों को घर-घर जाकर बीमार पशुओं का उपचार कराने के लिए निर्देशित किया।
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टीम के अनुसार गांव में करीब 12 पशुओं में खुरपका, मुंहपका रोग के लक्षण पाए गए हैं। सीवीओ ने पशु पालकों को अपने अपने पशुओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए उनकी टैगिंग कराए जाने की अपील की। ग्रामीणों ने सीवीओ से अपने पशुओं को खुरपका मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए शीघ्र टीकाकरण कराए जाने की मांग की।
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