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Bijnor News: राशू चौहान की नौकरी पर लटकी संविदा समाप्ति की तलवार

Sat, 29 Jun 2024 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2024 02:21 AM IST
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The sword of termination of contract hangs over Rashu Chauhan's job.
- नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के पति राशू चौहान की रिश्वत लेने में गिरफ्तारी का मामला
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- लखनऊ तक पहुंची गूंज, ब्लॉक प्रमुख के राजनीतिक विरोधी हुए सक्रिय, पार्टी हाईकमान तक भेज रहे सूचना
-मिड-डे मिल के डीसी राशू चौहान की गिरफ्तारी से बीएसए कार्यालय में मचा है हड़कंप




संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग में मिड-डे मील के जिला समन्यवयक और नूरपुर ब्लॉक प्रमुख के पति राशू चौहान की संविदा नौकरी पर तलवार लटक चुकी है। फिलहाल विभाग को विजिलेंस टीम की ओर से पत्र मिलने का इंतजार है। जल्द राशू चौहान पर विभागीय कार्रवाई की फाइल बढ़ा दी जाएगी। उधर, इस बहुचर्चित केस को लेकर राजनैतिक विरोधी सक्रिय हैं, जिन्होंने पार्टी हाईकमान को पूरे मामले की खबर तक भेज दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में इन दिनों पहले जैसे चहलकदमी नजर नहीं आ रही, विभाग में विजिलेंस की कार्रवाई का खौफ बना हुआ है। बता दें कि बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने नूरपुर ब्लॉक के कार्यालय से ब्लॉक प्रमुख के पति राशू चौहान को मिड-डे मील की सप्लाई कर चुकी फर्म को एनओसी देने की एवज में पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था।
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राशू चौहान बेसिक शिक्षा विभाग में मिड-डे मिल के जिला समन्वयक है, जोकि संविदा पर नौकरी करते हैं। ऐसे में राशू चौहान का रिश्वत लेते पकड़ा जाना बीएसए कार्यालय को भी कटघरे में खड़ा कर रहा है। सवाल यह उठता है कि आखिर किस अफसर की शह पर राशू चौहान संविदा कर्मी होते हुए भी रिश्वत ले रहा था। और एनओसी देना या नहीं देना उसके इशारे पर होता था। खैर, राशू चौहान अब जेल में बंद हैं, जल्द ही जमानत होने के भी कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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बीएसए कार्यालय में गोपनीय जांच कर चुकी थी टीम
विजिलेंस के सूत्रों की मानें तो मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा फर्म की ओर से शिकायत के बाद टीम ने सबूतों को जुटाना शुरू कर दिया था। फर्म की ओर से बीएसए कार्यालय को दो पत्र भेजे गए थे। इन पत्रों की जांच के लिए विजिलेंस की टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर गोपनीय जांच की और किसी को भनक नहीं लगने दी। टीम ने यह पता लगा लिया था कि उक्त फर्म और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच एनओसी को लेकर पत्राचार हो चुका था।



आनन फानन रिलीव किए गए एक और डीसीजिला समन्वयक बालिका शिक्षा मित्रलाल गौतम को आनन फानन में बृहस्पतिवार को रिलीव किया गया है। बता दें कि डीसी मित्रलाल गौतम माध्यमिक शिक्षा से प्रतिनियुक्ति पर बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात थे। नवंबर 2023 में उन्हें उनके मूल विभाग माध्यमिक शिक्षा में वापस कर दिया गया था। यह कागजों पर ही हुआ, मगर मित्रलाल गौतम तब से अब तक बेसिक शिक्षा से रिलीव नहीं किए गए थे। अफसरों की मेहरबानी से यह सब चलता रहा। अब 27 जून को राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए बिजनौर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इस नोटिस के चलते ही मित्रलाल गौतम तुरंत ही रिलीव कर दिए गए।
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