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अफसरों का किया घेराव
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:05 AM IST
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रेहड़ के गांव चांदपुर उदयपुर में राशन डीलर चयन को लेकर पंचायत टालने के विरोध में हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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रेहड़ में चादंपुर उदयपुर गांव में राशन डीलर चयन को लेकर चौथी बार खुुली पंचायत टाल देने पर ग्रामीणों ने विकास विभाग के अधिकारियों का घेराव किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के अभिलेखों को छीन लिया। उनके बचाव में पहुंची पुलिस को भी ग्रामीणों ने खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले रहे डीलरों से मिलीभगत के कारण नए डीलर का चयन नहीं होने दिया जा रहा है। बाद में एसओ के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीणाें के मुताबिक पहले तीन बार राशन डीलर के चयन को लेकर पूर्ति और विकास विभाग की ओर से खुली पंचायत बुलाई जा चुकी है। सोमवार को अधिकारियों ने चौथी बार गांव में डीलर चयन को फिर से खुली पंचायत बुलाई थी। एडीओ (सहकारिता) नरेश कुमार एवं पंचायत सचिव योगेंद्र सिंह समय से गांव में पहुंच गए थे। मगर कुछ देर बाद दोनों अधिकारियों ने पंचायत स्थल को छोटा बताते हुए पंचायत स्थगित करने का फरमान सुना दिया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने अफसरों का घेराव किया।
ग्रामीणों के शोरशराबे को देख अधिकारियों ने वहां से खिसकने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने उनकी गाड़ियों को खिसकने नहीं दिया। सूचना पर एसओ नरेश पाल फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। कुछ लोग अधिकारियों के हाथों से अभिलेख छीनकर ले गए गए। एडीओ नरेश कुमार ने बताया कि पर्याप्त जगह न होने के कारण यह स्थिति हुई। इस कारण चयन प्रक्रिया रद्द की गई है। उधर, एसओ का कहना है कि अभी तक विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलेगी तो पुलिस आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
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ग्रामीणाें के मुताबिक पहले तीन बार राशन डीलर के चयन को लेकर पूर्ति और विकास विभाग की ओर से खुली पंचायत बुलाई जा चुकी है। सोमवार को अधिकारियों ने चौथी बार गांव में डीलर चयन को फिर से खुली पंचायत बुलाई थी। एडीओ (सहकारिता) नरेश कुमार एवं पंचायत सचिव योगेंद्र सिंह समय से गांव में पहुंच गए थे। मगर कुछ देर बाद दोनों अधिकारियों ने पंचायत स्थल को छोटा बताते हुए पंचायत स्थगित करने का फरमान सुना दिया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने अफसरों का घेराव किया।
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ग्रामीणों के शोरशराबे को देख अधिकारियों ने वहां से खिसकने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने उनकी गाड़ियों को खिसकने नहीं दिया। सूचना पर एसओ नरेश पाल फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। कुछ लोग अधिकारियों के हाथों से अभिलेख छीनकर ले गए गए। एडीओ नरेश कुमार ने बताया कि पर्याप्त जगह न होने के कारण यह स्थिति हुई। इस कारण चयन प्रक्रिया रद्द की गई है। उधर, एसओ का कहना है कि अभी तक विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलेगी तो पुलिस आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
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