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शासन तक पहुंची नगर पंचायतों में गड़बड़ी की रिपोर्ट
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शासन तक पहुंची नगर पंचायतों में गड़बड़ी की रिपोर्ट
बिजनौर। यूं तो निकायों के कामकाज को लेकर उंगली उठती रही हैं, लेकिन अबकी बार जिले की दो नगर पंचायतों की जांच की फांस निकल नहीं सकी। झालू और बढ़ापुर दोनों ही नगर पंचायतों के विकास कार्यो को लेकर हुई शिकायतें सही पाई गई है। फिलहाल प्रशासन ने जांच कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है। जिसमें शासन स्तर से कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
एडीएम प्रशासन की ओर से हाल ही में शासन को बढ़ापुर और झालू नगर पंचायत की जांच रिपोर्ट भेजी गई है। जांच में शिकायत सही पाई गई हैं। बता दें कि झालू में नालों के निर्माण में धांधली का आरोप लगा था। मौके पर तत्कालीन एसडीएम ने पहुंचकर जांच की थी। उस समय नाले में दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल होना पाया गया। लैब की जांच रिपोर्ट में भी ईंट घटिया पाई गई थी। नाला निर्माण के टेंडर में भी धांधली की गई थी। इसके अलावा नगर पंचायत क्षेत्र के बाहर भी सड़क बनाने के आरोप लगे। ये आरोप सही पाए गए।
सरकारी तेल पर दौड़ रही थी निजी गाड़ी
झालू में सरकारी धन को ठिकाने लगाने की सारी हदें पार की गई। सरकारी पैसे से चेयरमैन और ईओ की गाड़ी में तेल भरवाया जा रहा था। यह शिकायत भी जांच में सही पाई गई। अन्य कई शिकायतों में भी गड़बड़झाला होने की पुष्टि हुई।
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विवादित रहा बढ़ापुर का कामकाज
बढ़ापुर नगर पंचायत में भी कामकाज विवादों में घिरा रहा। नगर पंचायत की तमाम सरकारी जमीनों को उत्तराखंड के एक व्यक्ति को लीज पर दिया गया है। वहीं खाद गोदाम के भवन को नियमों के विपरीत जाकर तोड़ा गया। इसके अलावा कई अन्य विकास कार्यों में भी धांधली के आरोप लगे। जांच में आरोप सही पाए गए हैं।
शासन की कार्रवाई का इंतजार
जिला प्रशासन ने झालू और बढ़ापुर नगर पंचायत में हुए गड़बड़झालों की रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है। अब शासन स्तर से कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। उधर दोनों ही पंचायतों में इसे लेकर खलबली मची हुई है। किस किस पर गाज गिरेगी, यह कयासबाजी चल रही है।
झालू नगर पंचायत और बढ़ापुर में विकास कार्यों को लेकर शिकायतें की गई थी। जांच में उन्हें सही पाया गया है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है। शासन स्तर से ही कार्रवाई होगी - विनय कुमार, एडीएम प्रशासन
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बिजनौर। यूं तो निकायों के कामकाज को लेकर उंगली उठती रही हैं, लेकिन अबकी बार जिले की दो नगर पंचायतों की जांच की फांस निकल नहीं सकी। झालू और बढ़ापुर दोनों ही नगर पंचायतों के विकास कार्यो को लेकर हुई शिकायतें सही पाई गई है। फिलहाल प्रशासन ने जांच कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है। जिसमें शासन स्तर से कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
एडीएम प्रशासन की ओर से हाल ही में शासन को बढ़ापुर और झालू नगर पंचायत की जांच रिपोर्ट भेजी गई है। जांच में शिकायत सही पाई गई हैं। बता दें कि झालू में नालों के निर्माण में धांधली का आरोप लगा था। मौके पर तत्कालीन एसडीएम ने पहुंचकर जांच की थी। उस समय नाले में दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल होना पाया गया। लैब की जांच रिपोर्ट में भी ईंट घटिया पाई गई थी। नाला निर्माण के टेंडर में भी धांधली की गई थी। इसके अलावा नगर पंचायत क्षेत्र के बाहर भी सड़क बनाने के आरोप लगे। ये आरोप सही पाए गए।
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सरकारी तेल पर दौड़ रही थी निजी गाड़ी
झालू में सरकारी धन को ठिकाने लगाने की सारी हदें पार की गई। सरकारी पैसे से चेयरमैन और ईओ की गाड़ी में तेल भरवाया जा रहा था। यह शिकायत भी जांच में सही पाई गई। अन्य कई शिकायतों में भी गड़बड़झाला होने की पुष्टि हुई।
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विवादित रहा बढ़ापुर का कामकाज
बढ़ापुर नगर पंचायत में भी कामकाज विवादों में घिरा रहा। नगर पंचायत की तमाम सरकारी जमीनों को उत्तराखंड के एक व्यक्ति को लीज पर दिया गया है। वहीं खाद गोदाम के भवन को नियमों के विपरीत जाकर तोड़ा गया। इसके अलावा कई अन्य विकास कार्यों में भी धांधली के आरोप लगे। जांच में आरोप सही पाए गए हैं।
शासन की कार्रवाई का इंतजार
जिला प्रशासन ने झालू और बढ़ापुर नगर पंचायत में हुए गड़बड़झालों की रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है। अब शासन स्तर से कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। उधर दोनों ही पंचायतों में इसे लेकर खलबली मची हुई है। किस किस पर गाज गिरेगी, यह कयासबाजी चल रही है।
झालू नगर पंचायत और बढ़ापुर में विकास कार्यों को लेकर शिकायतें की गई थी। जांच में उन्हें सही पाया गया है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है। शासन स्तर से ही कार्रवाई होगी - विनय कुमार, एडीएम प्रशासन