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Bijnor News: व्हाट्सएप का लॉक नहीं खुला तो टूट गया रिश्ता
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरियों में अब मोबाइल फोन सबसे बड़ा कारण बनकर उभर रहा है। कभी व्हाट्सएप का लॉक नहीं खुलने पर विश्वास टूट रहा है तो कभी मायके में घंटों बातचीत दांपत्य जीवन में तनाव पैदा कर रही है। यही वजह है कि छोटी-छोटी बातों से शुरू हुए विवाद कई बार तलाक की दहलीज तक पहुंच जा रहे हैं।
परिवार परामर्श केंद्र के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में पति-पत्नी के विवाद के 837 मामले केंद्र पहुंचे। इनमें से 393 मामलों में आमने-सामने बातचीत और काउंसिलिंग के बाद समझौता हो गया, जबकि 341 मामलों में सुलह नहीं हो सकी और मामला अदालत तक पहुंच गया। परामर्शदाताओं के अनुसार वर्तमान में सबसे अधिक विवाद मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैटिंग और शादी के बाद मायके में अत्यधिक बातचीत को लेकर सामने आ रहे हैं।
केस एक: यह मामला स्योहारा का है। यहां से एक मामला थाने पहुंचा और नौबत तलाक की आ गई। परिवार परामर्श केंद्र में कोर्ट ने एक बार पति-पत्नी को भेजा और समझौते का प्रयास कराया। यहां पर जब विवाद का कारण जाना तो पता चला कि पति व्हाट्सएप पर लॉक लगाता था। पत्नी को शक हुआ और लॉक खोलने की जिद की। इसी बात पर विश्वास की डोर टूट गई और नौबत तलाक तक आ गई। दोनों को समझाया गया, फिर भी शक इतना गहरा था कि पत्नी मानने को तैयार नहीं हुई।
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केस दो: यह मामला अफजलगढ़ का है। दो साल पहले ही इस दंपती की शादी हुई। शादी के बाद से ही पत्नी की बात अपने मायके में ज्यादा होती थी। मां से बेटी की बात इतनी होने लगी कि पति-पत्नी के बीच की गोपनीय चर्चा भी मायके तक पहुंचने लगी। इसी बात से दोनों में विवाद हुआ और यह मामला तलाक तक पहुंच गया। परिवार परामर्श केंद्र में जब विवाद का कारण पता चला तो सभी हैरान रह गए। दोनों को समझाया गया तो इस मामले में समझौता हो गया और तलाक होने से बच गया।
ऐसे बहुत से चौंकाने वाले मामले आते हैं, जिनमें विवाद का कारण बहुत ही छोटा रहता है। इस समय जो मामले आ रहे हैं, उनमें मोबाइल सबसे बड़ी विवाद की जड़ बन रहा है। इसके अलावा दूसरे नंबर पर शादी के तुरंत बाद मायके में घंटों तक बात करना भी विवाद का कारण बन रहा है। दोनों पक्षों को समझाया जाता है। - सुमन चौधरी, सदस्य परिवार परामर्श केंद्र
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बिजनौर। पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरियों में अब मोबाइल फोन सबसे बड़ा कारण बनकर उभर रहा है। कभी व्हाट्सएप का लॉक नहीं खुलने पर विश्वास टूट रहा है तो कभी मायके में घंटों बातचीत दांपत्य जीवन में तनाव पैदा कर रही है। यही वजह है कि छोटी-छोटी बातों से शुरू हुए विवाद कई बार तलाक की दहलीज तक पहुंच जा रहे हैं।
परिवार परामर्श केंद्र के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में पति-पत्नी के विवाद के 837 मामले केंद्र पहुंचे। इनमें से 393 मामलों में आमने-सामने बातचीत और काउंसिलिंग के बाद समझौता हो गया, जबकि 341 मामलों में सुलह नहीं हो सकी और मामला अदालत तक पहुंच गया। परामर्शदाताओं के अनुसार वर्तमान में सबसे अधिक विवाद मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैटिंग और शादी के बाद मायके में अत्यधिक बातचीत को लेकर सामने आ रहे हैं।
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केस एक: यह मामला स्योहारा का है। यहां से एक मामला थाने पहुंचा और नौबत तलाक की आ गई। परिवार परामर्श केंद्र में कोर्ट ने एक बार पति-पत्नी को भेजा और समझौते का प्रयास कराया। यहां पर जब विवाद का कारण जाना तो पता चला कि पति व्हाट्सएप पर लॉक लगाता था। पत्नी को शक हुआ और लॉक खोलने की जिद की। इसी बात पर विश्वास की डोर टूट गई और नौबत तलाक तक आ गई। दोनों को समझाया गया, फिर भी शक इतना गहरा था कि पत्नी मानने को तैयार नहीं हुई।
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केस दो: यह मामला अफजलगढ़ का है। दो साल पहले ही इस दंपती की शादी हुई। शादी के बाद से ही पत्नी की बात अपने मायके में ज्यादा होती थी। मां से बेटी की बात इतनी होने लगी कि पति-पत्नी के बीच की गोपनीय चर्चा भी मायके तक पहुंचने लगी। इसी बात से दोनों में विवाद हुआ और यह मामला तलाक तक पहुंच गया। परिवार परामर्श केंद्र में जब विवाद का कारण पता चला तो सभी हैरान रह गए। दोनों को समझाया गया तो इस मामले में समझौता हो गया और तलाक होने से बच गया।
ऐसे बहुत से चौंकाने वाले मामले आते हैं, जिनमें विवाद का कारण बहुत ही छोटा रहता है। इस समय जो मामले आ रहे हैं, उनमें मोबाइल सबसे बड़ी विवाद की जड़ बन रहा है। इसके अलावा दूसरे नंबर पर शादी के तुरंत बाद मायके में घंटों तक बात करना भी विवाद का कारण बन रहा है। दोनों पक्षों को समझाया जाता है। - सुमन चौधरी, सदस्य परिवार परामर्श केंद्र