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निकायों की संपत्तियों को कब्जामुक्त कराया जाएगा
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निकायों की संपत्तियों को कब्जामुक्त कराया जाएगा
धामपुर। प्रशासन ने नगर पालिकाओं, नगर पंचायत पंचायतों की संपत्तियों को अभिलेखों के आधार सुरक्षित करने के लिए योजना बनाई है। कमिश्नर के आदेश पर अभिलेखों से संपत्तियों का मिलान कराया जा रहा है। जहां अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं, उन्हें ध्वस्त कर कब्जामुक्त कराया जाएगा।
एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर के आदेश पर साल 1950 (1364 फसली), चकबंदी आकार पत्र 45 और खतौनियों में दर्ज निकायों संपत्तियों की अभिलेखों से मिलान कराया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि इस मामले में सबसे सुस्त धामपुर पालिका है। सबसे अच्छा काम सहसपुर नगर पंचायत के ईओ की ओर से किया जा रहा है। पुराना धामपुर चुंगी पर कभी गोशाला की जमीन होती थी। पालिका की ओर से उस जमीन को एक व्यक्ति को कारोबार करने के लिए किराए पर दे दिया। वर्तमान में उस जमीन पर आलीशान कोठी है।
एसडीएम ने बताया कि लोगों की ओर से ऐसे और कई मामले संज्ञान में लाए गए हैं, जिन पर जांच के बाद ही कार्रवाई होना संभव है। गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अतिक्रमण और अवैध कब्जों को रिकॉर्ड के अनुसार नहीं हटाया गया। नगर के भीतरी भाग से गुजर रही ईकड़ा नदी की जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण, अवैध कब्जा कर निर्माण कर रखा है। नदी नाले के आकार में बह रही है, लेकिन सीएम के आदेेश का कोई असर नहीं हुआ।
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धामपुर। प्रशासन ने नगर पालिकाओं, नगर पंचायत पंचायतों की संपत्तियों को अभिलेखों के आधार सुरक्षित करने के लिए योजना बनाई है। कमिश्नर के आदेश पर अभिलेखों से संपत्तियों का मिलान कराया जा रहा है। जहां अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं, उन्हें ध्वस्त कर कब्जामुक्त कराया जाएगा।
एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर के आदेश पर साल 1950 (1364 फसली), चकबंदी आकार पत्र 45 और खतौनियों में दर्ज निकायों संपत्तियों की अभिलेखों से मिलान कराया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि इस मामले में सबसे सुस्त धामपुर पालिका है। सबसे अच्छा काम सहसपुर नगर पंचायत के ईओ की ओर से किया जा रहा है। पुराना धामपुर चुंगी पर कभी गोशाला की जमीन होती थी। पालिका की ओर से उस जमीन को एक व्यक्ति को कारोबार करने के लिए किराए पर दे दिया। वर्तमान में उस जमीन पर आलीशान कोठी है।
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एसडीएम ने बताया कि लोगों की ओर से ऐसे और कई मामले संज्ञान में लाए गए हैं, जिन पर जांच के बाद ही कार्रवाई होना संभव है। गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अतिक्रमण और अवैध कब्जों को रिकॉर्ड के अनुसार नहीं हटाया गया। नगर के भीतरी भाग से गुजर रही ईकड़ा नदी की जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण, अवैध कब्जा कर निर्माण कर रखा है। नदी नाले के आकार में बह रही है, लेकिन सीएम के आदेेश का कोई असर नहीं हुआ।
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