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क्रांतिकारियों की शरण स्थली को मिलेगी पहचान

Thu, 25 Nov 2021 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:24 AM IST
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The place of refuge of the revolutionaries will be recognized
बिजनौर : शिव चरण सिंह त्यागी। (फाइल फोटो) - फोटो : BIJNOR
क्रांतिकारियों की शरण स्थली को मिलेगी पहचान
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बिजनौर। बिजनौर-मुरादाबाद मार्ग पर बसे गांव पैजनियां को क्रांतिकारियों की शरण स्थली के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अभी तक नेताओं और अफसरों की उपेक्षा का शिकार था। अब इस गांव में बने शहीद स्मारक को देशभर में पहचान मिलेगी। इसके लिए केंद्र और प्रशासन मिलकर इसे विकसित कराएंगे। यहां पर आने वाले लोग इसका इतिहास भी जान सकेंगे। एमएलसी अश्वनी त्यागी ने इसका प्रस्ताव संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल के सामने रखा तो उन्होंने इसे हरी झंडी दे दी। साथ ही प्रशासन से इस पर विस्तृत प्रस्ताव भी मांगा है।
पैजनियां की बात करें तो कहा जाता है कि क्रांतिकारी शिवचरण सिंह त्यागी ने विदेशों तक से हथियार लाकर क्रांतिकारियों को दिए। काकोरी कांड में शामिल क्रांतिकारियों ने शिवचरण सिंह त्यागी के घर पर ही शहरण ली थी। पैजनियां में शिवचरण सिंह त्यागी का नाम ऐसे क्रांतिकारियों में शामिल रहा है, जिन्होंने सरकार से पेंशन तक की सुविधा नहीं ली। यहां पर कुछ साल पहले शहीद स्मारक तो बना, लेकिन यहां पर कोई कार्यक्रम तक नहीं होता। ऐसे में क्रांतिकारियों की इस भूमि को पहचान दिलाने के लिए केंद्र और प्रशासन मिलकर काम करने जा रहा है। एमएलसी अश्वनी त्यागी ने बताया कि पिछले सप्ताह ही संस्कृति राज्यमंत्री से मुलाकात हुई थी। उनके सामने क्रांतिकारियों की इस भूमि को विकसित करने की बात रखी तो उन्होंने इस पर हामी भर दी। हमने प्रशासन को इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेजने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि मैं स्वयं शीघ्र ही इस स्थल पर जाऊंगा।
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जमीदार परिवार से थे शिवचरण त्यागी
शिवचरण त्यागी का जन्म पैजनियां के चौधरी गंगा सहाय जी के यहां 13 फरवरी 1897 में हुआ। ये जमीदार परिवार से थे। इनके नवासे जनपद के प्रसिद्ध साहित्यकार भोला नाथ त्यागी के अनुसार इन्होंने अपनी हल्दौर, चांदपुर और मुरादाबाद में उर्दू, अंग्रेजी, फारसी और हिंदी का अध्ययन किया। भाई परमानंद, लाला लाजपत राय और गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रेरणा से वे क्रांतिकारियों के रास्ते पर चल पड़े। देेश भर में क्रांतिकारियों को शस्त्र सप्लाई में लगे रहे। अफगानिस्तान, श्रीलंका और तिब्बत की भी इसलिए यात्राएं कीं। गणेश शंकर विद्यार्थी की सलाह पर से महात्मा गांधी के भी नजदीक आए।
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इन क्रांतिकारियों ने ली थी शरण
शिवचरण त्यागी ने अप्पाराव महाराष्ट्र, रामसिंह और चुन्नी लाला पंजाब, अशफाक उल्ला खां को अपने गांव पैजनिया में शरण दी। अप्पाराव ने महाराष्ट्र में किसी अंग्रेज अफसर पर बम फेंका था। बड़ौदा के महाराजा ने अप्पाराव को पैजनिया भिजवाया था। इन क्रांतिकारियों ने यहां अज्ञातवास किया। प्रदेश सरकार ने क्रांतिकारियों के रुकने के स्थल पर एक शहीद स्मारक बनवाया।

इन कार्यों की है जरूरत : भोलानाथ त्यागी
साहित्यकार भोलानाथ त्यागी ने कहा कि यदि प्रस्ताव की बात है तो वहां पर शहीद स्माकर को संरक्षित करना चाहिए। वहां नाना शिवचरण सिंह त्यागी के घर को संरक्षित कराया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त वहां स्मृति कक्ष या सभागार, स्मृति द्वारा भी बनाया जाना चाहिए। ताकि वहां इनमें कार्यक्रम हो सकें। तभी इस जगह का संपूर्ण विकास होगा। भोलानाथ त्यागी ने कहा कि उनका वारिश होने के नाते, जो भी मदद होगी, मैं करने के लिए तैयार हूं। यदि ऐसा प्रयास हो रहा है तो यह सराहनीय है।
इन विषयों पर बात हुई थी। हम प्रस्ताव तैयार करके शीघ्र भिजवाएंगे। इसके लिए जानकारी जुटाई जा रही है
- उमेश मिश्रा, डीएम

बिजनौर : हल्दौर के ग्राम पैजनियां में स्थित शहीद स्मारक।

बिजनौर : हल्दौर के ग्राम पैजनियां में स्थित शहीद स्मारक।- फोटो : BIJNOR

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