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वाहन से लाकर जंगल में फेंके बूढे़ गोवंश
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वाहन से लाकर जंगल में फेंके बूढे़ गोवंश
हीमपुर दीपा। सुल्तानपुर माइनर पर बुधवार सुबह लोगों को दो गोवंश मरे हुए मिले, जबकि करीब आधा दर्जन गोवंश बुरी तरह से घायल अवस्था में मिले। माना जा रहा है कि बूढे़ और बीमार गोवंशीय पशुओं से छुटकारा पाने के लिए उन्हें किसी वाहन में लादकर यहां लाकर फेंका गया। इस दौरान दो पशुओं की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन घायल हो गए। सुबह को गांव वालों ने पशुओं को मृत देखा तो अफसरों को सूचना दी। गोवंश मरने की सूचना पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। जिंदा गोवंश को उपचार दिलाने के बाद में छाछरीटीप स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र भेजा गया है।
बुधवार सुबह गांव सुल्तानपुर माइनर पर दो गोवंश मरे पड़े थे और दो घायल थे। इसके अलावा वहां सात-आठ गोवंश और थे, जिन्हें मामूली चोट थी। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों को जानकारी दी। सीवीओ डॉ. विजेंद्र सिंह, हल्दौर के चिकित्सा प्रभारी डॉ. विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और गोवंश का इलाज किया। सभी जिंदा गोवंश को छाछरीटीप स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र भेजा गया। पोस्टमार्टम में एक गोवंश की गर्दन पर किसी वाहन का पहिया चढ़ने का निशान मिला तो दूसरे के सिर में चोट मिली। दोनों के शव गड्ढा खोदकर दबा दिए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में पशुओं को ऐसे ही सड़क पर लाकर वाहनों से पलट दिया जाता है। इसी वजह से पशुओं की मौत हुई है। निराश्रित गोवंश खेतों में नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सुल्तानपुर माइनर पर मिले कई गोवंश के कानों में टैग भी लगे हैं। चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. विपिन कुमार का कहना है कि गोवंश के कानों में मिले टैग की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में संरक्षण देने की मांग की है। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के सह जिला प्रभारी सौरभ शर्मा, डॉ. बबलू गुर्जर, बजरंग दल के गौरव चौधरी, अग्निवेश आदि मौजूद रहे।
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हीमपुर दीपा। सुल्तानपुर माइनर पर बुधवार सुबह लोगों को दो गोवंश मरे हुए मिले, जबकि करीब आधा दर्जन गोवंश बुरी तरह से घायल अवस्था में मिले। माना जा रहा है कि बूढे़ और बीमार गोवंशीय पशुओं से छुटकारा पाने के लिए उन्हें किसी वाहन में लादकर यहां लाकर फेंका गया। इस दौरान दो पशुओं की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन घायल हो गए। सुबह को गांव वालों ने पशुओं को मृत देखा तो अफसरों को सूचना दी। गोवंश मरने की सूचना पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। जिंदा गोवंश को उपचार दिलाने के बाद में छाछरीटीप स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र भेजा गया है।
बुधवार सुबह गांव सुल्तानपुर माइनर पर दो गोवंश मरे पड़े थे और दो घायल थे। इसके अलावा वहां सात-आठ गोवंश और थे, जिन्हें मामूली चोट थी। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों को जानकारी दी। सीवीओ डॉ. विजेंद्र सिंह, हल्दौर के चिकित्सा प्रभारी डॉ. विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और गोवंश का इलाज किया। सभी जिंदा गोवंश को छाछरीटीप स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र भेजा गया। पोस्टमार्टम में एक गोवंश की गर्दन पर किसी वाहन का पहिया चढ़ने का निशान मिला तो दूसरे के सिर में चोट मिली। दोनों के शव गड्ढा खोदकर दबा दिए गए।
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ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में पशुओं को ऐसे ही सड़क पर लाकर वाहनों से पलट दिया जाता है। इसी वजह से पशुओं की मौत हुई है। निराश्रित गोवंश खेतों में नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सुल्तानपुर माइनर पर मिले कई गोवंश के कानों में टैग भी लगे हैं। चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. विपिन कुमार का कहना है कि गोवंश के कानों में मिले टैग की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में संरक्षण देने की मांग की है। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के सह जिला प्रभारी सौरभ शर्मा, डॉ. बबलू गुर्जर, बजरंग दल के गौरव चौधरी, अग्निवेश आदि मौजूद रहे।
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