{"_id":"694ae3cde46f082b2c00de55","slug":"the-game-of-bribery-is-not-stopping-it-has-already-been-tainted-bijnor-news-c-27-1-smrt1009-168188-2025-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल, पहले भी लग चुके हैं दाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल, पहले भी लग चुके हैं दाग
विज्ञापन
बिजनौर। बिजनौर की सदर तहसील में मंगलवार को रिश्वत लेते हुए एक लेखपाल पकड़ा गया। यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इससे पहले भी सरकारी मुलाजिमों को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम पकड़ चुकी है। साल दर साल सामने आ रहे ऐसे मामलों से जाहिर होता है कि जिले में रिश्वतखोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है।
केस नंबर एक : 27 फरवरी 2025 को धामपुर सिंचाई खंड में तैनात खंड लेखा अधिकारी उज्ज्वल कंसल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर कार्रवाई हुई थी।
केस नंबर दो : 30 जनवरी 2025 को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात बाबू देवेंद्र सिंह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। निलंबित कर्मचारी से फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत ली जा रही थी।
विज्ञापन
केस नंबर तीन : 17 जुलाई 2024 को चांदपुर तहसील में तैनात संग्रह अमीन महीपाल सिंह को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। कुर्की कार्रवाई में राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।
केस नंबर चार : 25 सितंबर 2023 को नगीना तहसील में तैनात एक लेखपाल को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी लेखपाल ने किसान से जमीन के दाखिल-खारिज की एवज में रिश्वत मांगी थी।
विज्ञापन
केस नंबर एक : 27 फरवरी 2025 को धामपुर सिंचाई खंड में तैनात खंड लेखा अधिकारी उज्ज्वल कंसल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर कार्रवाई हुई थी।
विज्ञापन
केस नंबर दो : 30 जनवरी 2025 को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात बाबू देवेंद्र सिंह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। निलंबित कर्मचारी से फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत ली जा रही थी।
विज्ञापन
केस नंबर तीन : 17 जुलाई 2024 को चांदपुर तहसील में तैनात संग्रह अमीन महीपाल सिंह को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। कुर्की कार्रवाई में राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।
केस नंबर चार : 25 सितंबर 2023 को नगीना तहसील में तैनात एक लेखपाल को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी लेखपाल ने किसान से जमीन के दाखिल-खारिज की एवज में रिश्वत मांगी थी।