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सरकारी लागत से ज्यादा बैठता है खर्च

Wed, 29 Sep 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Sep 2021 12:21 AM IST
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The expenditure is more than the government estimate
सरकारी अनुमान से कहीं ज्यादा है खर्च
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बिजनौर। सरकार ने गन्ने के दामों में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। कुछ किसान इससे संतुष्ट हैं तो कुछ खेती को ही नुकसान का सौदा बता रहे हैं। कम जोत वाले किसानों का कहना है कि खेत में आने वाली लागत सरकारी लागत से कहीं अलग है। वे गन्ने के दाम में और ज्यादा इजाफे की मांग कर रहे हैं। सरकारी कागजों में गन्ने की फसल पर प्रति बीघा 14 हजार 423 रुपये महीने का खर्च है जबकि किसान 16 हजार रुपये प्रति बीघा से अधिक का खर्च बता रहे हैं। उनका कहना है कि डीजल और मजदूरी महंगी होने की वजह से खेती का खर्च बढ़ा है।
करनपुर गांवड़ी निवासी वेदपाल सिंह के पास एक हेक्टेयर जमीन है। वे बताते हैं कि खेत में वे खुद ही काम करते हैं। काम न करें तो बिलकुल बचत नहीं होगी। सरकार केवल कुछ ही दिन की मजदूरी जोड़ती है जबकि उनकी पूरे साल की मेहनत को नहीं देखा जाता है।
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बिजनौर निवासी किसान राजपाल सिंह का कहना है कि उनके पास छह बीघा जमीन है और चार बीघे में वो गन्ना बोते हैं। पिछले साल खेतों में निराश्रित पशुओं ने बहुत नुकसान किया तो इस बार बरसात के पानी की वजह से फसल हलकी है। सरकार नुकसान को नहीं देखती है।
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शाहपुर निवासी सुरजीत सिंह के पास एक हेक्टेयर जमीन है। वे ज्यादातर जमीन में गन्ना ही रखते हैं। उनके अनुसार गन्ने की फसल में रोग आने या जानवरों की वजह से कई बार बहुत नुकसान हो जाता है। इससे सरकार नहीं देखती है।
गांव गांवड़ी निवासी किसान ब्रह्मपाल सिंह के पास 45 बीघा जमीन है। उनके अनुसार वे सभी काम मजदूरी पर कराने के अलावा अपने यहां काम करने वाले व्यक्ति को छह हजार रुपये महीना तनख्वाह पूरे साल दे रहे हैं। इस खर्च को सरकार कभी नहीं जोड़ती है।

गांव स्वाहेड़ी निवासी किसान मनोज कुमार के पास 45 बीघा जमीन है। उनके अनुसार बारिश लेट होने से फसल पर असर पड़ा है। वे अपने यहां काम करने वाले व्यक्ति को आठ हजार रुपये महीना, खाना-पीना आदि दे रहे हैं। खेती पर नुकसान भी होता है। सरकार को नौकर के पैसों को भी खर्च में जोड़कर भाव देना चाहिए।
यह है किसानों का खर्च
जुताई 1500 सिंचाई 1500
बुवाई 1000 बीज 1900
डीएपी 500 यूरिया 270
दवाई 1500 नलाई-खुदाई 2000
दो बार बंधाई 1000 छिलाई 2800
ढुलाई 1600 बिधाई 600
गुल चढ़ाई 400
कुल खर्च-16570
नोट:ये खर्च किसानों से पूछकर बनाया गया है। इसमें नौकर का आठ हजार रुपये का मासिक खर्च नहीं है।
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