{"_id":"687a939aa76c5ed5ec0137ef","slug":"the-chants-of-bam-bam-bhole-are-echoing-on-the-kanwar-routes-bijnor-news-c-27-1-smrt1043-155074-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: कांवड़ मार्गों पर गूंज रहे बम-बम भोले के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: कांवड़ मार्गों पर गूंज रहे बम-बम भोले के जयकारे
Sat, 19 Jul 2025 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद-बुंदकी मार्ग पर कांवड़ ले जाता शिवभक्तों का जत्था।
नजीबाबाद। कांवड़ यात्रा मार्गाें पर बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। गंगाजल से भरे कलश कांधों पर लेकर कांवड़ियों के जत्थे नजीबाबाद क्षेत्र से निकल रहे हैं। कांवड़ यात्रा में अब कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। हरिद्वार से शिवभक्तों का गंगाजल और कांवड़ लाने का सिलसिला जारी है। पुजारी शशिनाथ ले बताया कि शुक्रवार को बम भोले की गूंज के साथ बड़ी संख्या में शिवभक्त मोटा महादेव मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भगवान शिव भक्ति में डूबे शिवभक्त भारी भरकम गंगाजल कलश कांवड़ और आकर्षक कांवड़ लेकर नगर क्षेत्र से निकल रहे हैं और लोग उनका स्वागत कर रहे हैं। नजीबाबाद-बुंदकी-नगीना मार्ग से हरदोई, बरेली, जसपुर और मुरादाबाद क्षेत्र के कई शिवभक्त परिवार की सुख शांति की कामना के साथ कांवड़ लेकर गंतव्य को रवाना हुए। उधर, मोटा महादेव मंदिर पर कांवड़ियों की सेवा के लिए आयोजित शिविर में कई शिवभक्तों को स्वास्थ्य संबंधी दवाइयां दी गई।
n 20 सालों से कांवड़ ले जा रहा रामपुर का जत्था : नजीबाबाद। श्रावण मास में 20 सालों से रामपुर का जत्था कांवड़ ले जा रहा है। जत्थे में शामिल गांव नवीगंज निवासी नन्हे कोहली ने बताया कि वे स्वयं दूसरी बार कांवड़ ले जा रहे है। जत्थे में कई गांव के लोग शामिल हैं। उधर, नौकरी लगने की मन्नत पूरी होने पर रामपुर के गांव अनवा निवासी मोहित मौर्य अपने साथियों के साथ कांवड़ ले जा रहे हैं। उनकी पहली कांवड़ हैं।
n कंधे पर कांवड़, पैरों में घुंघरु की झंकार : धामपुर। शुक्रवार को नगर क्षेत्र से होकर बड़ी संख्या में कावड़िये अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्रा में फिलहाल दूर दराज के जनपदों सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत और उत्तराखंड के जनपदों के शिवभक्त हरिद्वार से लौट रहे हैं।
विज्ञापन
बरेली की ओर से जाने वाले कांवड़िये स्योहारा, मुरादाबाद और जसपुर, काशीपुर हाईवे से होकर गुजर रहे हैं। हाईवे से लेकर नगर की गलियों में रंगबिरंगी कांवड़ों पर लगी घंटियों, कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरु की झंकार से वातावरण पूरी तरह शिवमयी हो गया है।
विज्ञापन
n 20 सालों से कांवड़ ले जा रहा रामपुर का जत्था : नजीबाबाद। श्रावण मास में 20 सालों से रामपुर का जत्था कांवड़ ले जा रहा है। जत्थे में शामिल गांव नवीगंज निवासी नन्हे कोहली ने बताया कि वे स्वयं दूसरी बार कांवड़ ले जा रहे है। जत्थे में कई गांव के लोग शामिल हैं। उधर, नौकरी लगने की मन्नत पूरी होने पर रामपुर के गांव अनवा निवासी मोहित मौर्य अपने साथियों के साथ कांवड़ ले जा रहे हैं। उनकी पहली कांवड़ हैं।
विज्ञापन
n कंधे पर कांवड़, पैरों में घुंघरु की झंकार : धामपुर। शुक्रवार को नगर क्षेत्र से होकर बड़ी संख्या में कावड़िये अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्रा में फिलहाल दूर दराज के जनपदों सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत और उत्तराखंड के जनपदों के शिवभक्त हरिद्वार से लौट रहे हैं।
विज्ञापन
बरेली की ओर से जाने वाले कांवड़िये स्योहारा, मुरादाबाद और जसपुर, काशीपुर हाईवे से होकर गुजर रहे हैं। हाईवे से लेकर नगर की गलियों में रंगबिरंगी कांवड़ों पर लगी घंटियों, कांवड़ियों के पैरों में बंधे घुंघरु की झंकार से वातावरण पूरी तरह शिवमयी हो गया है।

नजीबाबाद-बुंदकी मार्ग पर कांवड़ ले जाता शिवभक्तों का जत्था।

नजीबाबाद-बुंदकी मार्ग पर कांवड़ ले जाता शिवभक्तों का जत्था।