आतंकी कनेक्शन: बड़े रेल हादसे की थी साजिश, बिजनौर पुलिस ने फेल किए मंसूबे, राजू-समीर का बड़ा खुलासा
बिजनौर में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामले में पुलिस ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में रेल नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक आधार पर संपत्ति को निशाना बनाने की साजिश का खुलासा हुआ है।
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बिजनौर में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामले में पुलिस ने दो और संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी माहौल बिगाड़ने और रेल नेटवर्क को नुकसान पहुंचाकर बड़ा हादसा कराने की साजिश रच रहे थे। इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं।
इंस्टाग्राम कॉल में दिखाए गए थे हथियार
थाना नांगल पुलिस ने नजीबाबाद निवासी समीर उर्फ रुहान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार समीर उस इंस्टाग्राम वीडियो कॉल में शामिल था जिसमें सऊदी अरब में रहने वाले मेरठ के आकिब ने कथित तौर पर एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया था।
इस वीडियो कॉल में शामिल उवैद और जलाल हैदर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि सौफतपुर के मैजुल और आकिब के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस ग्रुप के सदस्य देश विरोधी गतिविधियों के जरिए माहौल बिगाड़ने और रेल संचालन से छेड़छाड़ की योजना बना रहे थे।
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धार्मिक पहचान देखकर लगाई थी गाड़ी में आग
दूसरे मामले में किरतपुर पुलिस ने जैसलमेर निवासी राजू राम गोदारा को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी चार मार्च को किरतपुर में निमिष रस्तोगी की कार में आग लगाने के मामले में हुई है।
जांच में सामने आया कि आरोपी अबुजर ने कार में आग लगाई थी। उसे मुंबई में रहने वाले अपने मौसेरे भाई जैद के कहने पर यह काम करने के लिए कहा गया था। आग लगाने के बाद उसने घटना की फोटो और वीडियो जैद को भेजे थे।
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पुलिस के अनुसार टेलीग्राम ग्रुप पर अबूबकर नाम के व्यक्ति ने हिंदू समुदाय की संपत्तियों को निशाना बनाने का टास्क दिया था, जिसके बदले रकम देने की बात भी कही गई थी। इस मामले में जैद और मन्नान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पाकिस्तानी कनेक्शन की भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाकिस्तानी कनेक्शन की भी आशंका सामने आई है। जांच के दौरान पुलिस को दो पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनके जरिए अलग-अलग ग्रुप को निर्देश दिए जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार इन गतिविधियों का उद्देश्य धार्मिक तनाव फैलाना, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना और रेल नेटवर्क को प्रभावित करना था। मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।