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लॉकडाउन में स्कूलों की सूरत बदल चर्चा में रहे शिक्षक
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लॉकडाउन में भी शिक्षकों ने दिखाई रचनात्मकता
बिजनौर। भले ही कोरोना वायरस के चलते साल भर स्कूल बंद रहे हो लेकिन कई शिक्षकों ने मोहल्ला क्लास से लेकर स्कूलों का सुंदरीकरण कराने तक खूब नाम कमाया। विकास क्षेत्र हल्दौर के प्राथमिक विद्यालय रामपुर बकली के शिक्षक शैलेंद्र कुमार गांधी ने बच्चों के लिए एजुकेशन टॉयज टूल बनाकर चर्चा में रहे। उन्होंने कक्षा एक के बच्चों में गणित का ज्ञान विकसित करने को लेकर गणित में ज्ञान को स्थाई बनाने के लिए डिजिटल न्यूमनिक मशीन के टूल का निर्माण किया। इसके लिए उन्हें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से विचार उत्सव कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया था ।
बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित की
विकास क्षेत्र कोतवाली देहात के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पित्तनहेड़ी की विज्ञान शिक्षिका लुबना फसीह ने लॉकडाउन के दौरान स्कूली बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण से जोड़कर बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रयास किया। विद्यालय में पांच वर्ष पूर्व बच्चों का नामांकन 48 था, जो बढ़कर 152 हो गया है। लुबना फसीह बताती हैं कि आसपास के गांव के बच्चे भी इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ रहे हैं। हाल ही में महिला क्रिकेट टीम में चयनित मेघना शर्मा के छोटे भाई का नामांकन भी जूनियर हाई स्कूल पित्तनहेड़ी में हुआ है। लुबना फसीह द्वारा विज्ञान के लिए किए जा रहे अनेक कार्यों को देखते हुए हाल ही में उन्हें महिला शक्ति कार्यक्रम में भी सम्मानित किया गया है।
पर्यावरण के प्रति कर रहे जागरूक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रतनपुर रियाया के शिक्षक पंकज कुमार बिश्नोई शिक्षण कार्य के अलावा लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में जुटे हैं। वह प्रतिवर्ष आसपास के स्कूलों व ग्रामीणों को पौधारोपण करने के लिए जागरूक करते हैं। इस वर्ष भी उनकी ओर से आसपास के स्कूलों में 251 पौधे रोपने का कीर्तिमान स्थापित किया है। लॉकडाउन के दौरान भी उन्होंने मोहल्ला क्लास चलाकर गांव के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया।
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बदल दी स्कूल की सूरत
जूनियर हाई स्कूल धर्म नगरी के इंचार्ज अध्यापक मो. तारिक अली ने स्कूल के स्टाफ के सहयोग से स्कूल की सूरत ही बदल डाली। इस विद्यालय में गत वर्ष 242 बच्चों का नामांकन था जो बढ़कर अब 265 तक पहुंच गया। स्कूल में सुंदर पार्क बच्चों के दौड़ के लिए 100 मीटर की पट्टी, खो-खो, बैडमिंटन का ग्राउंड तैयार किया, साथ ही दो स्मार्ट क्लास चलाईं। इसके अलावा मिशन कायाकल्प के तहत अन्य सुविधाएं भी स्कूल में उपलब्ध हो गई है।
मिनी स्टेडियम किया विकसित
जूनियर हाईस्कूल भोजपुर भोजपुर के शिक्षक जयदीप मलिक ने लॉकडाउन समय का विद्यालय में भरपूर उपयोग करते हुए विद्यालय के खेल के मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित किया। विद्यालय के खेल के मैदान में कई कोर्ट बैडमिंटन खो-खो, कबड्डी, टेबल टेनिस सहित अन्य कई खेलों के मैदान विकसित कर ग्रामीणों की खूब वाहवाही लूटी।
ई-पाठशाला के प्रति किया शिक्षकों को जागरूक
स्टेट रिसोर्स पर्सन दुष्यंत कुमार ने लॉकडाउन के दौरान शिक्षकों को ऑनलाइन एजुकेशन तथा ई-पाठशाला के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई । शिक्षक दुष्यंत कुमार ने प्रतिदिन योग पर एक वीडियो बनाकर शिक्षकों के ग्रुप में भी डाली ताकि कोरोना से निपटने के लिए शिक्षक योग की शिक्षा पर भी ध्यान दें तथा स्कूलों में बच्चों को योग शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य करें। उनके इस कार्य की शिक्षकों ने खूब सराहना की।
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बिजनौर। भले ही कोरोना वायरस के चलते साल भर स्कूल बंद रहे हो लेकिन कई शिक्षकों ने मोहल्ला क्लास से लेकर स्कूलों का सुंदरीकरण कराने तक खूब नाम कमाया। विकास क्षेत्र हल्दौर के प्राथमिक विद्यालय रामपुर बकली के शिक्षक शैलेंद्र कुमार गांधी ने बच्चों के लिए एजुकेशन टॉयज टूल बनाकर चर्चा में रहे। उन्होंने कक्षा एक के बच्चों में गणित का ज्ञान विकसित करने को लेकर गणित में ज्ञान को स्थाई बनाने के लिए डिजिटल न्यूमनिक मशीन के टूल का निर्माण किया। इसके लिए उन्हें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से विचार उत्सव कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया था ।
बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित की
विकास क्षेत्र कोतवाली देहात के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पित्तनहेड़ी की विज्ञान शिक्षिका लुबना फसीह ने लॉकडाउन के दौरान स्कूली बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण से जोड़कर बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रयास किया। विद्यालय में पांच वर्ष पूर्व बच्चों का नामांकन 48 था, जो बढ़कर 152 हो गया है। लुबना फसीह बताती हैं कि आसपास के गांव के बच्चे भी इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ रहे हैं। हाल ही में महिला क्रिकेट टीम में चयनित मेघना शर्मा के छोटे भाई का नामांकन भी जूनियर हाई स्कूल पित्तनहेड़ी में हुआ है। लुबना फसीह द्वारा विज्ञान के लिए किए जा रहे अनेक कार्यों को देखते हुए हाल ही में उन्हें महिला शक्ति कार्यक्रम में भी सम्मानित किया गया है।
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पर्यावरण के प्रति कर रहे जागरूक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रतनपुर रियाया के शिक्षक पंकज कुमार बिश्नोई शिक्षण कार्य के अलावा लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में जुटे हैं। वह प्रतिवर्ष आसपास के स्कूलों व ग्रामीणों को पौधारोपण करने के लिए जागरूक करते हैं। इस वर्ष भी उनकी ओर से आसपास के स्कूलों में 251 पौधे रोपने का कीर्तिमान स्थापित किया है। लॉकडाउन के दौरान भी उन्होंने मोहल्ला क्लास चलाकर गांव के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया।
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बदल दी स्कूल की सूरत
जूनियर हाई स्कूल धर्म नगरी के इंचार्ज अध्यापक मो. तारिक अली ने स्कूल के स्टाफ के सहयोग से स्कूल की सूरत ही बदल डाली। इस विद्यालय में गत वर्ष 242 बच्चों का नामांकन था जो बढ़कर अब 265 तक पहुंच गया। स्कूल में सुंदर पार्क बच्चों के दौड़ के लिए 100 मीटर की पट्टी, खो-खो, बैडमिंटन का ग्राउंड तैयार किया, साथ ही दो स्मार्ट क्लास चलाईं। इसके अलावा मिशन कायाकल्प के तहत अन्य सुविधाएं भी स्कूल में उपलब्ध हो गई है।
मिनी स्टेडियम किया विकसित
जूनियर हाईस्कूल भोजपुर भोजपुर के शिक्षक जयदीप मलिक ने लॉकडाउन समय का विद्यालय में भरपूर उपयोग करते हुए विद्यालय के खेल के मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित किया। विद्यालय के खेल के मैदान में कई कोर्ट बैडमिंटन खो-खो, कबड्डी, टेबल टेनिस सहित अन्य कई खेलों के मैदान विकसित कर ग्रामीणों की खूब वाहवाही लूटी।
ई-पाठशाला के प्रति किया शिक्षकों को जागरूक
स्टेट रिसोर्स पर्सन दुष्यंत कुमार ने लॉकडाउन के दौरान शिक्षकों को ऑनलाइन एजुकेशन तथा ई-पाठशाला के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई । शिक्षक दुष्यंत कुमार ने प्रतिदिन योग पर एक वीडियो बनाकर शिक्षकों के ग्रुप में भी डाली ताकि कोरोना से निपटने के लिए शिक्षक योग की शिक्षा पर भी ध्यान दें तथा स्कूलों में बच्चों को योग शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य करें। उनके इस कार्य की शिक्षकों ने खूब सराहना की।